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साल2025 में प्रयागराज में हुए महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा को लेकर खबर है कि उन्होंने तिरुवनंतपुरम के एक मंदिर में हिंदु रीति-रिवाजों के साथ-साथ अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान संग कोर्ट मैरिज की है।

12 March 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

गैस सिलेंडर को लेकर अफवाहों से बचें, आपूर्ति सामान्य – जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अपील

LPG Gas Cylinders: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण देश में लोगों के बीच LPG गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर डर बढ़ गया है. कई जगह लोग चिंतित हैं कि कहीं गैस सप्लाई प्रभावित न हो जाए और रसोई का काम ठप न पड़े.हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू एलपीजी सप्लाई को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है और आम उपभोक्ताओं की जरूरत सबसे पहले पूरी की जाएगी.

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स्वर्णिका ज्वैलर्स MD के शोरूम का जीएम 90 लाख के हीरे-जवाहरात लेकर फरार

रुद्रपुर,हल्द्वानी में 90 लाख के हीरे-जवाहरात लेकर शोरूम का जीएम फरार, पुलिस ने दर्ज किया…

भारतीय किसान यूनियन की महिला जिला अध्यक्ष मीना गंगवार समेत दर्जनों महिलाओं ने ली भाईचारा एकता मंच की सदस्यता

रुद्रपुर।शहर में सामाजिक एकजुटता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण…

सोशल मीडिया की लड़ाई जब सड़क पर उतरी: हल्द्वानी की घटना से समाज को क्या सीख?”

हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित चौपाटी में 11 मार्च को हुई मारपीट की घटना ने…

शनि की साढ़े साती को लेकर लोगों के मन में एक अलग ही डर देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसे हमेशा नकारात्मक प्रभाव देने वाली दशा माना जाता है। लेकिन ज्योतिष की मानें तो साढ़े साती हर किसी के लिए बुरी नहीं होती।

अगर किसी की कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में विराजमान है तो शनि की ये…

दुनिया

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12 March 2026: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल (Dainik Rashifal) की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

गैस सिलेंडर को लेकर अफवाहों से बचें, आपूर्ति सामान्य – जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अपील

LPG Gas Cylinders: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण देश में लोगों के बीच LPG गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर डर बढ़ गया है. कई जगह लोग चिंतित हैं कि कहीं गैस सप्लाई प्रभावित न हो जाए और रसोई का काम ठप न पड़े.हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू एलपीजी सप्लाई को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है और आम उपभोक्ताओं की जरूरत सबसे पहले पूरी की जाएगी.

दुबई,तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध अब अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है। जंग के 12वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

Express News

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LPG Gas Cylinders: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण देश में लोगों के बीच LPG गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर डर बढ़ गया है. कई जगह लोग चिंतित हैं कि कहीं गैस सप्लाई प्रभावित न हो जाए और रसोई का काम ठप न पड़े.हालांकि केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू एलपीजी सप्लाई को लेकर किसी तरह का संकट नहीं है और आम उपभोक्ताओं की जरूरत सबसे पहले पूरी की जाएगी.

सरकार का कहना है कि घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता दी जा रही है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.…

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दुबई,तेहरान/वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध अब अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच गया है। जंग के 12वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ अपना अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

रानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने न केवल इजरायली शहरों बल्कि मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी दहला दिया…

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भोजन की पवित्रता और गु मूत मिलावट पदार्थ से मानसिक असंतुलन — सावधानी ही सुरक्षा

राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान की दिशा में पहल, मेयर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री से की हाउस टैक्स माफी की मांग

पहाड़ की आवाज़ खामोश — लोकगायक दीवान कनवाल का जाना लोकसंस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति

लाल सलाम की आड़ में सिडकुल में घुसपैठ? कंपनियां रहें सतर्क

स्वर्णिका ज्वैलर्स MD के शोरूम का जीएम 90 लाख के हीरे-जवाहरात लेकर फरार

रुद्रपुर,हल्द्वानी में 90 लाख के हीरे-जवाहरात लेकर शोरूम का जीएम फरार, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा,हल्द्वानी में एक ज्वैलरी शोरूम के जीएम द्वारा करीब 90 लाख रुपये के हीरे-जवाहरात लेकर…

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भारतीय किसान यूनियन की महिला जिला अध्यक्ष मीना गंगवार समेत दर्जनों महिलाओं ने ली भाईचारा एकता मंच की सदस्यता

रुद्रपुर।शहर में सामाजिक एकजुटता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) की उधम सिंह नगर की महिला जिला…

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सोशल मीडिया की लड़ाई जब सड़क पर उतरी: हल्द्वानी की घटना से समाज को क्या सीख?”

हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित चौपाटी में 11 मार्च को हुई मारपीट की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सोशल मीडिया की लोकप्रियता…

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शनि की साढ़े साती को लेकर लोगों के मन में एक अलग ही डर देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसे हमेशा नकारात्मक प्रभाव देने वाली दशा माना जाता है। लेकिन ज्योतिष की मानें तो साढ़े साती हर किसी के लिए बुरी नहीं होती।

अगर किसी की कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में विराजमान है तो शनि की ये दशा शुभ फल भी देती है। चलिए जानते हैं 2026 में किन राशियों पर शनि…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट रूद्रपुर उत्तराखंड आज या कल कब है गोवर्धन पूजा, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त हिंदू धर्म के अनुसार गोवर्धन पूजा का बहुत महत्व है। गोवर्धन पूजा कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। इसे अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसकी पूजा की जाती है।हिंदू धर्म के अनुसार गोवर्धन पूजा का बहुत महत्व है। गोवर्धन पूजा कार्तिक मास की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। इसे अन्नकूट पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसकी पूजा की जाती है।

इस दिन गोवर्धन पर्वत, भगवान श्री कृष्ण और गौ माता की पूजा भी की जा रही है। इस दिन लोग घर की आंगन में या घर के बाहर गाय के […]

अयोध्या दीपोत्सव 2023 में जलाए गए दियों से नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया है. 22 लाख 23 हजार दिए जलाने का नया रिकॉर्ड हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, अवतार सिंह बिष्ट

2023 : राममय हुई अयोध्या… एक साथ जले 22.23 लाख दीये, बना नया वर्ल्ड रिकॉर्ड उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज दीपोत्सव कार्यक्रम मनाया गया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, अवतार सिंह बिष्ट माना जाता है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा राम अपने चौदह वर्ष के वनवास के पश्चात लौटे थे। अयोध्यावासियों का हृदय अपने परम प्रिय राजा के आगमन से प्रफुल्लित हो उठा था। श्री राम के स्वागत में अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाए। कार्तिक मास की सघन काली अमावस्या की वह रात्रि दीयों की रोशनी से जगमगा उठी।

महालक्ष्मी पर्व,दीपोत्सव दिनांक 12 नवम्बर 2023 दिन रविवार को महालक्ष्मी, दीपोत्सव का पर्व मनाया जाएगा।प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को दीपावली का पर्व मनाया जाता है।इस वर्ष दीपावली […]

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में जल्द ही 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा।प्रवर समिति के द्वारा आपकी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपने के उपरांत प्रवर समिति के अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विशेष सत्र बुलाकर राज्य आंदोलनकार्यो को 10% आरक्षण देने के संदर्भ में अपना बयान जारी किया है।

ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार कर चुकी यूसीसी की विशेषज्ञ समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट धामी सरकार को सौंप सकती है। गैरसैंण में राज्य स्थापना दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शीघ्र […]

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht प्रदेश में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की भावना से भ्रष्टाचार मुक्त, उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना सहित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारीयो के सपने के अनुरूप अग्रसर उत्तराखंड राज्य, ग्लेशियरों, नदियों, घने जंगलों और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियों सहित प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री के चार सबसे पवित्र और प्रतिष्ठित हिंदू मंदिर, जिन्हें चार-बांध भी कहा जाता है, उत्तराखंड में स्थित हैं और इसलिए, उन्हें ‘देवताओं की भूमि’ के रूप में जाना जाता है। राज्य की राजधानी देहरादून है और उच्च न्यायालय नैनीताल में स्थित है।आज 23वीं वर्षगांठ पूरे कर पूर्ण युवा हो चुका है। इन २३वी वर्षगांठ में राज्य ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं तो कई ऐसे पहलू भी हैं जिनकी कसक आज भी दूर नहीं हो पाई है। जहां बुनियादी ढांचे के विकास, सड़क-रेल-एयर नेटवर्क के लिहाज से उत्तराखंड तेजी से छलांग लगा रहा है। पहाड़ी राज्य उत्तरांखड बनाने को लेकर प्रदेशवासियों को लंबे संघर्ष का एक दौर देखना पड़ा. कई आंदोलनों और शहादतों के बाद 9 नवंबर 2000 को आखिरकार उत्तर प्रदेश से पृथक होकर एक अलग पहाड़ी राज्य का गठन हुआ. इस पहाड़ी राज्य को बनाने में कई बड़े नेताओं और राज्य आंदोलनकारियों का अहम योगदान रहा है. जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता है. आखिर क्या है एक अलग राज्य बनने का इतिहास और कब क्या रहा खास, देखिए उत्तराखंड बनने के संघर्ष की कहानी.42 से अधिक लोगों ने दी थी शहादत:पहाड़ी राज्य बनाने को लेकर एक लंबा संघर्ष चला. जिसके लिए कई आंदोलन किये गये, कई मार्च निकाले गये. अलग पहाड़ी प्रदेश के लिए 42 आंदोलनकारियों को शहादत देनी पड़ी. अनगिनत आंदोलनकारी घायल हुए. पहाड़ी राज्य की मांग को लेकर उस समय इतना जुनून था कि महिलाएं, बुजुर्ग यहां तक की स्कूली बच्चों तक ने आंदोलन में भाग लिया

उपलब्धियां उत्तराखंड,राज्य सकल घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में उत्तराखंड राष्ट्रीय औसत से कहीं आगे तो है ही, कई बड़े राज्यों को भी चुनौती दे रहा है। विशेष दर्जे […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, अवतार सिंह बिष्ट मान्यता के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को छोटी दीपावली पर श्री कृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध किया था इसलिए छोटी दिवाली के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है. वहीं बड़ी दिवाली के बारे में आप यह तो जानते हैं कि इस दिन भगवान श्री राम वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे और अयोध्या नगरी में चारों तरफ अंधेरा होने के कारण अयोध्यावासियों ने दीपक जलाकर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का स्वागत किया था. लेकिन शास्त्रों के अनुसार कार्तिक अमावस्या के दिन बड़ी दिवाली मनाई जाती है क्योंकि इस दिन माता लक्ष्मी रात के समय धरती पर आती हैं और इसलिए लोग दीप जलाकर विधिवत रूप से मां लक्ष्मी की पूजा करते हुए उनका स्वागत करते हैं

महालक्ष्मी पर्व,दीपोत्सव 2023शुभं करोति कल्याणमारोग्यं धनसंपदा!शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते!! दिनांक 12 नवम्बर 2023 दिन रविवार को महालक्ष्मी, दीपोत्सव का पर्व मनाया जाएगा।प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को दीपावली का पर्व […]

Hindustan Global Times,उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में धनतेरस की पूर्व संध्या पर बदमाशों ने एक ज्वेलरी शॉप में डकैती की वारदात को अंजाम दिया. दिनदहाड़े दुकान लूटने आए बदमाशों ने 32 मिनट के भीतर 20 करोड़ लूट लिए।

घटना के बाद से पूरा शहर सहमा हुआ है. पुलिस मुख्यालय के पास हुई इस बड़ी वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स,उत्तराखंड आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि वह संघर्षों के मामले में बेजोड थे और हरिद्वार के उत्तराखंड में विलय को लेकर उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी । पूर्व राज्य मंत्री कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप

हरिद्वार में दिग्गज राज्य आंदोलनकारी जेपी पांडे की लगी प्रतिमा पूर्व मंत्री धीरेंद्र प्रताप मेयर अनीता शर्मा और श्रीमती कमला पांडे ने किया लोकार्पण त्तराखंड आंदोलन के शीर्ष नेता व […]

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सरकार की ओर से कराए गए जनहित के कार्यों को गिनाया और राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरी में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मुद्दे पर जल्द ही विधानसभा का सत्र आहूत करने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारा प्रदेश आज 23 वर्ष का हो गया है। इस 23वें साल में उत्तराखंड ने देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून को लागू होते […]

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स,राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रामलीला मैदान में उत्तरांचल संगम के द्वारा राज्य स्थापना दिवस पर के अवसर पर राज्य निर्माण के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि एवं 21वीं शताब्दी में देवभूमि उत्तराखंड की सामाजिक जनचेतना पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य निर्माण के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी अमर शहादत को स्मरण किया। संस्था के द्वारा राज्य आंदोलनकारियों दीवान सिंह बिष्ट जी, ललित कांडपाल जी अवतार सिंह बिष्ट जी, हरीश पाठक जी, विक्की पाठक जी को सम्मानित किया गया। वक्ताओं के संबोधन से राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष एवं बलिदान के संस्मरणों से वातावरण भावुक एवं हर्षोल्लास से परिपूर्ण हो गया।उत्तराखंड राज्य के लिए उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए इस प्रदेश के महिलाओं युवाओं विद्यार्थियों एवं आम जनमानस ने त्याग एवं बलिदान की पराकाष्ठा का परिचय दिया। अनेक बर्बर एवं अमानवीय यातनाओं का सामना करना पड़ा तब जाकर पर्वतीय राज्य का निर्माण हो सका। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव चावला जी, व्यवसायी एवं समाजसेवी पंकज खर्कवाल जी को सम्मानित किया गया। विमला तिवारी जी के द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ जी सी जोशी जी, डॉ प्रमोद तिवारी जी, डॉ नीरज बिष्ट,
दान सिंह नयाल जी, उमेश चंद तिवारी जी, श्री एल पी कांडपाल जी, गोविंद सिंह पटवाल जी, कुंदन सिंह रावत जी, गोपाल तिवारी जी, दीपक अधिकारी जी,अनिल जोशी जी, जगत सिंह जी ,चिंतामणि उप्रेती जी,माधवानंद जोशी जी, सुनीता तिवारी जी, माधवी भट्ट जी, विमल कापड़ी जी, राहुल तिवारी जी, धीरज बिष्ट जी, केशव भट्ट जी, बहादुर सिंह नेगी जी, गोविंद कांडपाल जी, मीना जोशी जी, नीरज भट्ट जी, रमेश मिश्रा जी, रंजीत सिंह बोरा जी, जगदीश सिंह बजेठा जी, कमल भट्ट जी, भीम सिंह भंडारी जी, दीपक पाठक जी, मुदित जोशी जी, गोविंद पांडे जी, राकेश मिश्रा जी, कमलेश तिवारी जी,धीरज सिंह बिष्ट जी, ललित मोहन सनवाल जी, जगदीश भट्ट जी, धर्मानंद बचखेती, शुभम जी, आनंद सिंह बिष्ट एवं सम्माननीयजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उत्तरांचल संगम परिवार आप सभी के प्रति आभार प्रकट करता है। उत्तरांचल संगम पंतनगर

पंतनगर उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पंतनगर रामलीला कमेटी उत्तरांचल संगम के अध्यक्ष डॉ विक्रम सिंह के द्वारा पंतनगर रामलीला ग्राउंड के सभागार में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, समाजसेवी, […]