

रुद्रपुर,जम्मू-कश्मीर की वादियों में बहा निर्दोषों का लहू, रुद्रपुर की धरती पर गूंजा प्रतिशोध का स्वर—आतंकवाद के विरुद्ध एकजुटता और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री सनातन धर्म सभा के संयुक्त नेतृत्व में महाराजा रणजीत सिंह पार्क में एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस सभा में पहलगाम के दिल दहला देने वाले आतंकी हमले में मारे गए 28 निर्दोष लोगों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सभा में शामिल सैकड़ों लोगों की आंखों में आक्रोश और दर्द स्पष्ट था, पर सबसे मुखर स्वर उभरा पूर्व विधायक और प्रखर राष्ट्रवादी नेता राजकुमार ठुकराल का, जिन्होंने मंच से सीधा प्रश्न उठाया—”क्या अब भी हम चुप रहेंगे? क्या अब भी पाकिस्तान से मैत्री गीत गाते रहेंगे, जब हमारे सैलानियों को गोली से भून दिया जाता है?”
ठुकराल का गर्जन बना जनमानस की आवाज
सभा को संबोधित करते हुए राजकुमार ठुकराल ने कहा, “देश अब उस दौर में नहीं है जब हम मोमबत्तियां जलाकर शोक व्यक्त कर चुप बैठ जाएं। अब वक्त है कि भारत आतंकियों के हर हमले का जवाब उसी भाषा में दे। पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देना होगा कि अगर वह दहशतगर्दों को पनाह देगा, तो भारत चुप नहीं बैठेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल आतंक पर हमला नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता पर चोट है, और इसकी प्रतिक्रिया उतनी ही तीव्र होनी चाहिए।
श्रद्धांजलि में उठा सवाल – मंत्री आए पर मौन क्यों रहे?
सभा के दौरान वक्ताओं ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं ने कहा, “एक ओर पूरा देश इस हृदयविदारक घटना से ग़मगीन है, वहीं रुद्रपुर आए कैबिनेट मंत्री जिंदाबाद के नारे लगवा रहे थे लेकिन पहलगाम में मारे गए निर्दोषों के लिए दो शब्द भी नहीं कहे—यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
धर्म से परे है आतंक—भाईचारे की अपील
राजकुमार ठुकराल ने श्रद्धांजलि सभा में यह भी कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। “धर्म पूछकर की गई हत्याएं इंसानियत के नाम पर धब्बा हैं। लेकिन हमें याद रखना होगा कि हमारे अंदर का इंसान और भारतीय एकता कमजोर न हो, यही आतंकियों की सबसे बड़ी हार होगी,” उन्होंने कहा।
सम्मानपूर्वक शामिल हुए सभी धर्मों के प्रतिनिधि
इस श्रद्धांजलि सभा में सिख, हिन्दू, और अन्य धर्मों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में आतंक के विरुद्ध आवाज बुलंद की। गुरुद्वारा सिंह सभा गोल मार्केट के प्रधान जोगेन्दर सिंह, पूर्व विधायक ठुकराल के साथ गुरमीत सिंह बटला, सुरमुख सिंह, हरजीत सिंह विरदी, और सनातन धर्म सभा के ओमप्रकाश अरोड़ा, अश्विनी बजाज, रजनीश बत्रा, शिव शंकर सिंघल, संजय ठुकराल सहित अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे। स्त्री सत्संग सभा की महिला सदस्यों ने भी वीरगति को प्राप्त लोगों के सम्मान में मोमबत्तियां जलाकर मौन श्रद्धांजलि दी।
“अब कश्मीर नहीं रोएगा, अब भारत बोलेगा” – ठुकराल का राष्ट्रभक्त आह्वान
सभा का समापन करते हुए पूर्व विधायक ठुकराल ने एक बार फिर जोर देकर कहा, “अब भारत को रणनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर जवाब देना होगा। एक-एक शहीद का बदला लिया जाएगा। भारत की जनता अब और सहन नहीं करेगी।”
यह सभा सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं थी, यह राष्ट्र की आत्मा से निकली वह पुकार थी जो सत्ता से, समाज से, और हर भारतीय से एकजुट होने का आग्रह करती है। रुद्रपुर ने यह संदेश साफ कर दिया कि जब देश पर संकट हो, तो यहां की धरती चुप नहीं रहती—यह गर्जना करती है, संघर्ष करती है, और जीत का संकल्प लेती है।




