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सम्मान समारोह की सूचना उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी स्मृति उत्तराखंड गौरव सम्मान, उत्तराखंड रत्न

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अब महिलाओं ने भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बलूच नागरिकों के दमनचक्र के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ 31 जनवरी से शुरू किए गए ऑपरेशन ‘हेरोफ फेज-2’ में 40 घंटे के अंदर 200 से अधिक सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं।

रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी (लेवल 1) भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो युवा रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं, वे आधिकारिक RRB वेबसाइट पर जाकर इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. हालांकि ज्यादातर ध्यान घरेलू प्राथमिकताओं पर रहा लेकिन बजट ने भारत की सीमाओं से परे भी काफी मजबूत संकेत दिए हैं.

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किच्छा के विकास के लिए मुख्यमंत्री धामी की प्रतिबद्धतामहत्वपूर्ण घोषणाओं के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि जारी**

किच्छा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किच्छा के विकास को लेकर किए गए वादों को…

मिशन 2027 और किच्छा की राजनीति: आरोपों से आगे कब बढ़ेगा जनहित?

उत्तराखंड की राजनीति में जब भी चुनावी वर्ष नज़दीक आता है, तब आरोप-प्रत्यारोप की भाषा…

 संपादकीय“कोटद्वार से उठी चिंगारी: जब छोटी दुकान, बड़ी राजनीति और भटकी पत्रकारिता ने उत्तराखंड को कटघरे में खड़ा कर दिया”

उत्तराखंड के कोटद्वार में एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर उठा विवाद यदि…

रुद्रपुर में जनवरी का चावल पहुंचा, दिसंबर-जनवरी का राशन एक साथ मिलेगा, फरवरी का इंतजार जारी

रुद्रपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सरकारी राशन गोदामों में जनवरी माह का चावल पहुंचना…

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उधम सिंह नगर की राजनीति : 2027 से पहले अजब–गजब समीकरण और आपसी जंग

सम्मान समारोह की सूचना उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी स्मृति उत्तराखंड गौरव सम्मान, उत्तराखंड रत्न

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रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी (लेवल 1) भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो युवा रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं, वे आधिकारिक RRB वेबसाइट पर जाकर इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

Express News

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रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने ग्रुप डी (लेवल 1) भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो युवा रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं, वे आधिकारिक RRB वेबसाइट पर जाकर इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 2 मार्च है, और शुल्क का भुगतान करने…

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. हालांकि ज्यादातर ध्यान घरेलू प्राथमिकताओं पर रहा लेकिन बजट ने भारत की सीमाओं से परे भी काफी मजबूत संकेत दिए हैं.

विदेशी सहायता आवंटन में बदलाव का कई पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार देशों पर सीधा असर पड़ा है. आइए जानते हैं…

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03 February 2026 Rashifal: आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और मंगलवार का दिन है। द्वितीया तिथि आज रात 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। आज देर रात 2 बजकर 39 मिनट तक शोभन योग रहेगा।

टी20 वर्ल्ड कप से पहले पाकिस्तान नेअब नई नौटंकी कर दी है। पाकिस्तान सरकार ने पाक टीम को विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने से मना किया है। इस मुद्दे पर अब पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने जहर उगला है।

ज्योतिष शास्त्र में भगवान श्री गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ और ‘विघ्नहर्ता’ माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत बप्पा के नाम से ही होती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कल यानी 4 फरवरी 2026, बुधवार का दिन कुछ भाग्यशाली राशियों के लिए किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं होने वाला है।

7 फरवरी को शुरू होने वाले वर्ल्ड कप से पहले, पाकिस्तान टीम ने भारत के खिलाफ अपना मैच बॉयकॉट करने का फैसला किया है। अब सबकी नज़रें ICC पर हैं। NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, ICC एक हाई-लेवल इमरजेंसी बोर्ड मीटिंग की तैयारी कर रहा है, जो अगले 48 घंटों में हो सकती है।

किच्छा के विकास के लिए मुख्यमंत्री धामी की प्रतिबद्धतामहत्वपूर्ण घोषणाओं के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि जारी**

किच्छा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किच्छा के विकास को लेकर किए गए वादों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री के किच्छा…

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मिशन 2027 और किच्छा की राजनीति: आरोपों से आगे कब बढ़ेगा जनहित?

उत्तराखंड की राजनीति में जब भी चुनावी वर्ष नज़दीक आता है, तब आरोप-प्रत्यारोप की भाषा विकास की बहस पर हावी हो जाती है। किच्छा विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक राजेश…

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 संपादकीय“कोटद्वार से उठी चिंगारी: जब छोटी दुकान, बड़ी राजनीति और भटकी पत्रकारिता ने उत्तराखंड को कटघरे में खड़ा कर दिया”

उत्तराखंड के कोटद्वार में एक कपड़ों की दुकान के नाम को लेकर उठा विवाद यदि केवल स्थानीय स्तर पर सुलझाया जाता, तो शायद यह खबर भी न बनती। लेकिन बीते…

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रुद्रपुर में जनवरी का चावल पहुंचा, दिसंबर-जनवरी का राशन एक साथ मिलेगा, फरवरी का इंतजार जारी

रुद्रपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सरकारी राशन गोदामों में जनवरी माह का चावल पहुंचना शुरू हो गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा यह चावल राशन विक्रेताओं को उपलब्ध कराया…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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देहरादून के लच्छीवाला इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जंगली जानवर से बचने के प्रयास में एक युवक रेलवे ट्रैक के पास लगे बिजली के खंभे पर चढ़ गया, जहां वह तेज करंट की चपेट में आ गया।

करंट लगने से युवक जिंदा जल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन अब तक मृतक की शिनाख्त […]

मां के सामने आंगन से 5 वर्षीय मासूम को उठा ले गया गुलदार, जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव

रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग की तहसील क्षेत्र अंतर्गत न्याय पंचायत सारी के सिन्द्रवाणी गांव में मंगलवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक आदमखोर गुलदार ने घर के […]

उधम सिंह नगर की राजनीति : 2027 से पहले अजब–गजब समीकरण और आपसी जंग

उधम सिंह नगर की राजनीति इन दिनों जनहित, विकास और विचारधारा से ज्यादा व्यक्तिगत टकराव, सोशल मीडिया युद्ध और अंदरखाने की सियासत के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। रुद्रपुर, […]

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स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी स्मृति उत्तराखंड गौरव सम्मानउत्तराखंड रत्न सम्मानसे प्रदेश के अग्रिम पंक्ति के समाजसेवियों, शिक्षाविदों, पर्यावरणविदों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।यह गरिमामय सम्मान समारोह दिनांक 22 फरवरी […]

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17 को कब्जे में ले लिया गया है। ये ऑपरेशन 12 जगहों पर चलाए गए। ऑपरेशन में दो विद्रोही बालाओं, 21 साल की हवा बलोच और 24 साल की आसिफा […]

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आवेदन केवल ऑनलाइन ही किए जा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 2 मार्च है, और शुल्क का भुगतान करने के बाद फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 4 मार्च […]