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प्रयागराज कुंभ मेले में अपनी खूबसूरत आंखों की वजह से सोशल मीडिया पर रातों-रात सनसनी बनी महेश्वर (मध्य प्रदेश) की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला किसी वीडियो का नहीं, बल्कि उनके प्रेम विवाह, उम्र विवाद और कानूनी लड़ाई का है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, हाल के नीतिगत निर्णयों, उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अटल पेंशन योजना के तहत अधिकतम पेंशन सीमा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। तमाम बैंकों की ओर से मिले सुझाव के बाद पीएफआरडीए ने काम शुरू कर दिया है।

ऊधम सिंह नगर में हीट वेव के चलते स्कूलों का समय बदला, 1 सप्ताह तक रहेंगे हाफ डे

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नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी के कटाव रोकने को तेज होंगे बाढ़ सुरक्षा कार्य: सचिव आपदा प्रबंधन!खटीमा में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने नेपाल सीमा स्थित मेलाघाट क्षेत्र में जगबूढ़ा नदी के भू-कटाव का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग को आवश्यक स्थानों पर शीघ्र बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। लोहियाहेड कैंप कार्यालय में अधिकारियों संग बैठक कर वर्षाकाल से पहले सभी कार्य पूर्ण करने को कहा। अधिकारियों ने एसएसबी चौकी, मेलाघाट सिसैया व मोहम्मदपुर भुड़िया क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता बताई।

खटीमा 21 मई, 2026 सूचना।सचिव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमन ने खटीमा पहुंचकर नेपाल…

यूपी के गोंडा जिले में सरयू नदी के तट पर एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना हुई है। यहां अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक युवक को नदी में हाथ धोते समय मगरमच्छ ने अपना निवाला बना लिया।

मगरमच्छ ने युवक का सिर सीधे अपने विशाल जबड़े में दबोचा और पलक झपकते ही…

यूपी-उत्तराखंड में चुनावी हलचल तेज, बीजेपी ने शुरू किया विधायकों का गुप्त सर्वे

उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान अभी…

भारत विकास परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने ली शपथ, सेवा और संस्कार पर दिया जोर

रुद्रपुर। भारत विकास परिषद की रुद्रपुर शाखा द्वारा सोनिया होटल में शपथ ग्रहण समारोह एवं…

दुनिया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, हाल के नीतिगत निर्णयों, उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अटल पेंशन योजना के तहत अधिकतम पेंशन सीमा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। तमाम बैंकों की ओर से मिले सुझाव के बाद पीएफआरडीए ने काम शुरू कर दिया है।

ऊधम सिंह नगर में हीट वेव के चलते स्कूलों का समय बदला, 1 सप्ताह तक रहेंगे हाफ डे

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और सैन्य परंपराओं के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

Express News

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, हाल के नीतिगत निर्णयों, उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री बैठक में शामिल…

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पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अटल पेंशन योजना के तहत अधिकतम पेंशन सीमा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। तमाम बैंकों की ओर से मिले सुझाव के बाद पीएफआरडीए ने काम शुरू कर दिया है।

संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में वित्त मंत्रालय पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति दे सकता है। दिल्ली…

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ऊधम सिंह नगर में हीट वेव के चलते स्कूलों का समय बदला, 1 सप्ताह तक रहेंगे हाफ डे

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान और सैन्य परंपराओं के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।

उत्तराखंड की सांसें रोकता पर्यटन: क्या अब “पर्यटक टैक्स” की जरूरत है?

भीषण गर्मी में उत्तराखंड बेहाल: पानी-बिजली संकट से जूझ रहे लोग

नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी के कटाव रोकने को तेज होंगे बाढ़ सुरक्षा कार्य: सचिव आपदा प्रबंधन!खटीमा में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने नेपाल सीमा स्थित मेलाघाट क्षेत्र में जगबूढ़ा नदी के भू-कटाव का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग को आवश्यक स्थानों पर शीघ्र बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। लोहियाहेड कैंप कार्यालय में अधिकारियों संग बैठक कर वर्षाकाल से पहले सभी कार्य पूर्ण करने को कहा। अधिकारियों ने एसएसबी चौकी, मेलाघाट सिसैया व मोहम्मदपुर भुड़िया क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता बताई।

खटीमा 21 मई, 2026 सूचना।सचिव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमन ने खटीमा पहुंचकर नेपाल सीमा पर मेलाघाट में जगबूढ़ा नदी के भू कटाव की रोकथाम के दृष्टिगत बाढ़ सुरक्षा…

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यूपी-उत्तराखंड में चुनावी हलचल तेज, बीजेपी ने शुरू किया विधायकों का गुप्त सर्वे

उत्तराखंड,उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी तापमान अभी से बढ़ने लगा है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने लगातार तीसरी बार सत्ता में…

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भारत विकास परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने ली शपथ, सेवा और संस्कार पर दिया जोर

रुद्रपुर। भारत विकास परिषद की रुद्रपुर शाखा द्वारा सोनिया होटल में शपथ ग्रहण समारोह एवं कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सत्र 2026-27 के लिए नवनियुक्त पदाधिकारियों ने…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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नेपाल सीमा पर जगबूढ़ा नदी के कटाव रोकने को तेज होंगे बाढ़ सुरक्षा कार्य: सचिव आपदा प्रबंधन!खटीमा में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने नेपाल सीमा स्थित मेलाघाट क्षेत्र में जगबूढ़ा नदी के भू-कटाव का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग को आवश्यक स्थानों पर शीघ्र बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। लोहियाहेड कैंप कार्यालय में अधिकारियों संग बैठक कर वर्षाकाल से पहले सभी कार्य पूर्ण करने को कहा। अधिकारियों ने एसएसबी चौकी, मेलाघाट सिसैया व मोहम्मदपुर भुड़िया क्षेत्र में सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता बताई।

खटीमा 21 मई, 2026 सूचना।सचिव आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनोद कुमार सुमन ने खटीमा पहुंचकर नेपाल सीमा पर मेलाघाट में जगबूढ़ा नदी के भू कटाव की रोकथाम के दृष्टिगत बाढ़ सुरक्षा […]

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अदम्य साहस” की कहानी या सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल?बदरीनाथ हेलीकॉप्टर घटना के बाद फिर कटघरे में उत्तराखंड की हेली सेवाएं

देवभूमि में अब हर हादसा “अदम्य साहस” बन जाता है। हेलीकॉप्टर तारों में उलझ जाए तो सिस्टम नहीं, पायलट की बहादुरी चर्चा बनती है। सवाल पूछो तो कहा जाता है—“जान […]

उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश धीरे-धीरे महसूस की जाने लगी है। सत्ताधारी दल भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे दिग्गजों के चुनावी हुंकार भरने के बाद अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी पलटवार की पटकथा लिखने जा रही है।

इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का इस माह के आखिर या अगले माह के प्रथम सप्ताह में उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है। गढ़वाल व अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्रों […]

दिल्ली की पॉश कॉलोनियों में पिछले 17 साल से एक साया घूम रहा था. कभी उसका नाम सोनिया होता, कभी सोना और कभी अनीता. अक्‍सर वह लोगों के दरवाजा खटखटाती और मुस्कुराकर कहती- मैडम, काम चाहिए.

सामने से जो भी सैलरी बोली जाती, उसी सैलरी पर काम करने के लिए तैयार हो जाती. काम के दौरान, वह किसी को भी शिकायत का मौका नहीं देती और […]

ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां और 27 योग होते हैं. इन दोनों की वजह से ही व्यक्ति के जीवन की लगभग सभी गतिविधियां तय होती हैं. हिंदू धर्म में शनिदेव को न्यायाधीश कहा जाता है.

व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे और बुरे कर्म शनिदेव की वजह से करता है. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो 44 साल बाद ऐसा महासंयोग बन रहा है जिसका फायदा इन […]

प्रयागराज कुंभ मेले में अपनी खूबसूरत आंखों की वजह से सोशल मीडिया पर रातों-रात सनसनी बनी महेश्वर (मध्य प्रदेश) की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला किसी वीडियो का नहीं, बल्कि उनके प्रेम विवाह, उम्र विवाद और कानूनी लड़ाई का है।

मोनालिसा ने अपने पति फरमान खान के खिलाफ दर्ज अपहरण के मामले को चुनौती देते हुए इंदौर हाईकोर्ट (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय) का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में खुद को […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुरुवार को केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, हाल के नीतिगत निर्णयों, उनके परिणामों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री बैठक में शामिल होंगे। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( […]