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उत्तराखंड की बर्फीली वादियों में स्थित केदारनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि रहस्यों और पौराणिक मान्यताओं का अद्भुत संगम भी है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए कठिन यात्रा तय करते हैं।

यह मंदिर उत्तराखंड के चार धामों में भी शामिल है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा…

उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां तीन युवकों पर एक 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, जिसमें दो बीजेपी कार्यकर्ता और एक अग्निवीर शामिल बताए जा रहे हैं.

चंपावत की इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। सबसे बड़ा…

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एक चौंकाने वाली घटना में, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला बुधवार को हुआ, जिससे राजनीतिक

रथ पर मद्रामाग्राम के दोलताला इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने घर लौटते समय घात…

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की हत्‍या के मामले में एक अहम सुराग सामने आया है. यह सुराग इस बात की तरह इशारा कर रहा हैं कि हत्‍या की साजिश में शामिल अपराधियों और उनके आकाओं के कनेक्‍शन पाकिस्‍तान से भी हो सकते हैं.

दरअसल, पाकिस्‍तान से इस कनेक्‍शन का आधार बनी है वह पिस्‍टल, जिसका इस्‍तेमाल चंद्रनाथ की…

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जोशीमठ का नृसिंह मंदिर: आस्था, रहस्य और भविष्यवाणी का संगम

देवभूमि उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित जोशीमठ एक ऐसा आध्यात्मिक केंद्र है, जहाँ आस्था और रहस्य एक साथ सांस…

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बंगाली समाज ने महापौर आवास पर झालमुड़ी बांटकर मनाई जीत की खुशी

रुद्रपुर । पश्चिम बंगाल सहित तीन राज्यों में भाजपा को मिली शानदार जीत पर बंगाली समाज के लोगों ने महापौर…

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाकर इतिहास रच दिया है। बंगाल में यह जीत 2014 के बाद से BJP की राज्य-स्तर पर सबसे बड़ी जीत है।

देहरादूनः फेमस हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने देहरादून पुलिस की नोटिस का जवाब देते हुए समय मांगा है. उन्होंने अपने जवाब में लिखा है कि उनके पास अभी वक्त नहीं है. वह फिलहाल फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं.

उत्तराखंड की राजधानी में पुलिस ने एक ठग को पकड़ा है, जिसने खुद को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का निजी सचिव कनिष्क सिंह बताकर कई नेताओं और टिकट के इच्छुक व्यक्तियों से लाखों रुपये की ठगी की।

प्रदेश में रोपवे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन आफ उत्तराखंड) को नियामक प्राधिकरण बनाया जाएगा।

उत्तराखंड की बर्फीली वादियों में स्थित केदारनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि रहस्यों और पौराणिक मान्यताओं का अद्भुत संगम भी है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए कठिन यात्रा तय करते हैं।

यह मंदिर उत्तराखंड के चार धामों में भी शामिल है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यहां स्थापित शिवलिंग सामान्य गोलाकार न होकर त्रिकोणाकार (Triangular Shivling) क्यों है? इसके पीछे एक…

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उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां तीन युवकों पर एक 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, जिसमें दो बीजेपी कार्यकर्ता और एक अग्निवीर शामिल बताए जा रहे हैं.

चंपावत की इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पीड़िता नाबालिग है, मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी…

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एक चौंकाने वाली घटना में, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला बुधवार को हुआ, जिससे राजनीतिक

रथ पर मद्रामाग्राम के दोलताला इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने घर लौटते समय घात लगाकर हमला किया था। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य…

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बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की हत्‍या के मामले में एक अहम सुराग सामने आया है. यह सुराग इस बात की तरह इशारा कर रहा हैं कि हत्‍या की साजिश में शामिल अपराधियों और उनके आकाओं के कनेक्‍शन पाकिस्‍तान से भी हो सकते हैं.

दरअसल, पाकिस्‍तान से इस कनेक्‍शन का आधार बनी है वह पिस्‍टल, जिसका इस्‍तेमाल चंद्रनाथ की हत्‍या के लिए किया गया था. अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर (…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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उत्तराखंड की बर्फीली वादियों में स्थित केदारनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि रहस्यों और पौराणिक मान्यताओं का अद्भुत संगम भी है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए कठिन यात्रा तय करते हैं।

यह मंदिर उत्तराखंड के चार धामों में भी शामिल है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यहां स्थापित शिवलिंग सामान्य गोलाकार न होकर त्रिकोणाकार (Triangular Shivling) क्यों है? इसके पीछे एक […]

उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां तीन युवकों पर एक 16 साल की नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, जिसमें दो बीजेपी कार्यकर्ता और एक अग्निवीर शामिल बताए जा रहे हैं.

चंपावत की इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर कर रख दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पीड़िता नाबालिग है, मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी […]

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एक चौंकाने वाली घटना में, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला बुधवार को हुआ, जिससे राजनीतिक

रथ पर मद्रामाग्राम के दोलताला इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने घर लौटते समय घात लगाकर हमला किया था। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य […]

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की हत्‍या के मामले में एक अहम सुराग सामने आया है. यह सुराग इस बात की तरह इशारा कर रहा हैं कि हत्‍या की साजिश में शामिल अपराधियों और उनके आकाओं के कनेक्‍शन पाकिस्‍तान से भी हो सकते हैं.

दरअसल, पाकिस्‍तान से इस कनेक्‍शन का आधार बनी है वह पिस्‍टल, जिसका इस्‍तेमाल चंद्रनाथ की हत्‍या के लिए किया गया था. अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( […]

पश्चिम बंगाल के बसीरहाट में चुनाव बाद तनाव के बीच बुधवार रात एक हिंसक घटना में बीजेपी कार्यकर्ता रोहित रॉय उर्फ चिंटू को गोली मार दी गई। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। बता दें कि घटना बुधवार रात करीब 10 बजे बसीरहाट पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोत्रा ग्राम पंचायत की राजीव कॉलोनी में हुई। […]

अतिथि देवो भव” की परंपरा को जीवंत करता रुद्रपुर – आदि कैलाश यात्रियों का भव्य स्वागत बना उदाहरण

रुद्रपुर। देवभूमि की आत्मा उसकी संस्कृति और परंपराओं में बसती है, और जब वही परंपरा धरातल पर साकार होती दिखे, तो वह आयोजन  संदेश बन जाती है। आदि कैलाश यात्रा […]

रुद्रपुर में प्रशासन अलर्ट: मानसून तैयारियों, ईवीएम सुरक्षा और अवैध कब्जों पर सख्त एक्शन

रुद्रपुर, 06 मई 2026 (सू.वि.)। जनपद प्रशासन ने एक साथ तीन अहम मोर्चों—आपदा प्रबंधन, निर्वाचन सुरक्षा और अवैध कब्जों—पर सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि इस बार […]

जिला जज परिसर में 18 लाख की लागत से बने सेंट्रल हॉल का लोकार्पण, विधायक शिव अरोरा ने फीता काटकर किया उद्घाटन

रुद्रपुर। जिला सत्र एवं न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए तैयार किए गए आधुनिक सभागार (सेंट्रल हॉल) का बुधवार को भव्य लोकार्पण किया गया। करीब 18 लाख रुपये की लागत […]

सतपुली पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप, युवक की आत्महत्या के बाद HKP का प्रदर्शन, SSP को सौंपा ज्ञापन

पौड़ी, 06 मई 2026।जनपद पौड़ी गढ़वाल के सतपुली क्षेत्र में एक युवक की आत्महत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। हिमालय क्रांति पार्टी (HKP) ने इस घटना को गंभीर […]

जोशीमठ का नृसिंह मंदिर: आस्था, रहस्य और भविष्यवाणी का संगम

देवभूमि उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित जोशीमठ एक ऐसा आध्यात्मिक केंद्र है, जहाँ आस्था और रहस्य एक साथ सांस लेते हैं। इसी पवित्र भूमि पर स्थित है प्रसिद्ध नृसिंह […]