अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई एक बड़े हमले में हताहत हो गए हैं।

इस दावे ने क्षेत्रीय राजनीति में भूकंप सी हलचल मचा दी, क्योंकि अब इस बात की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने भी की है। अली खामेनेई की मौत असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि “इतिहास के सबसे खतरनाक व्यक्तियों में से एक,” यानी खामेनेई, “मर चुके हैं।” उनके इस बयान के तुरंत बाद ईरान की सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने घोषणा की कि देश के सुप्रीम लीडर को इस हमले में शहीद होना पड़ा है। इसके साथ ही ईरान की प्रमुख समाचार एजेंसियों तस्नीम न्यूज और फार्स न्यूज एजेंसी ने भी वही सूचना प्रसारित की, जिससे अमेरिकी और इजरायल के हमले की खबर की वैधानिक पुष्टि होती दिखाई दे रही है।

कश्मीर के कई हिस्सों में प्रदर्शन

अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पूरे मध्य-पूर्व और उससे जुड़े इलाकों में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। खासकर कश्मीर में, जहां शिया समुदाय के केंद्रों से सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारी शांति पूर्ण रूप से सड़कों पर उतरकर मार्च करते रहे और “अमेरिका-विरोधी” तथा “इजरायल-विरोधी” नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त रूप से अमेरिकी और इजरायल सरकारों के विरुद्ध भारी रोष जताया और इस हमले को क्षेत्र में शांति के लिए खतरा बताया।