उत्तराखंड के राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यह मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए हाईकोर्ट इसमें दखल नहीं देगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सीधे शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने को कहा है।
संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट
गौरतलब है कि हाल ही में उत्तराखंड विधानसभा में राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने संबंधी विधेयक पारित हो चुका है। लेकिन इस पर याचिकाकर्ताओं की आपत्ति बनी हुई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि हाईकोर्ट की दो जजों की बेंच पहले ही 2017 में इस आरक्षण को असंवैधानिक ठहरा चुकी है और राज्य सरकार ने उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती नहीं दी। उनका तर्क है कि नया कानून संविधान की धारा 14 और 16 का उल्लंघन करता है।
