संपादकीय :गगन ज्योति बारात घर में अजूबा जादूगर के शो और सुरक्षा पर सवाल

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रुद्रपुर में गगन ज्योति बारात घर में प्रतिदिन तीन से चार शो लगाए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और परिवार शामिल हो रहे हैं। मनोरंजन के नाम पर जादूगर अजूबा का यह कार्यक्रम भले ही आकर्षण का केंद्र बन रहा हो, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक गंभीर खतरे की ओर इशारा करती है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर (उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी)

पूरे कार्यक्रम स्थल को कपड़े के पर्दों, झालरों, सोफों और कुर्सियों से ढका गया है। स्टेज पर कई परतों वाले पर्दे लगे हैं और उसके चारों ओर हर जगह ज्वलनशील सामग्री मौजूद है। लेकिन सुरक्षा के नाम पर केवल दो गैस सिलेंडर स्टेज पर रखे गए—जो खुद एक संभावित विस्फोटक खतरा हैं। सवाल यह है कि क्या आयोजकों ने शो के लिए सुरक्षा की स्वीकृति ली है? अगर ली है तो किस मानक के अनुसार अनुमति दी गई और यदि नहीं ली, तो यह जिला प्रशासन के लिए सीधी चेतावनी है कि किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

आपातकालीन स्थिति में वहाँ से निकलने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। दर्शकों की भीड़ के बीच भगदड़ मचने की स्थिति में भारी जनहानि हो सकती है। पार्किंग की बदइंतजामी और मुख्य सड़क पर खड़ी गाड़ियां न केवल यातायात बाधित करती हैं बल्कि आपदा की स्थिति में बचाव कार्य को भी रोक सकती हैं। इस प्रकार के आयोजन खुले मैदानों में होने चाहिए, न कि बंद हॉलनुमा बारात घरों में, जहां सुरक्षा उपकरण और निकासी मार्ग नदारद हों।

सबसे गंभीर पहलू यह है कि शो के दौरान दो बार स्टेज पर आग जलाकर करतब दिखाए गए। ऐसे करतब बिना फायर ब्रिगेड या प्रशासन की अनुमति के खुलेआम होना सीधी लापरवाही है। यह जिला प्रशासन और पुलिस विभाग दोनों के लिए चेतावनी है कि मनोरंजन के नाम पर बच्चों और परिवारों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

दूसरा बड़ा सवाल—क्या इन कलाकारों और आयोजकों का पुलिस सत्यापन हुआ है? रुद्रपुर जैसे संवेदनशील शहर में बाहरी कलाकारों का बिना जांच-परख कार्यक्रम करना सुरक्षा दृष्टि से खतरनाक हो सकता है।

जनता और हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स प्रशासन से यही मांग करती है कि:

  • तुरंत सुरक्षा मानकों की जांच की जाए।
  • आयोजकों से अनुमति और सुरक्षा उपकरणों का ब्यौरा लिया जाए।
  • फायर ब्रिगेड, पुलिस और जिला प्रशासन मिलकर इस प्रकार के आयोजनों के लिए कड़े मानक तय करें।
  • बिना सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी इवेंट को अनुमति न दी जाए।

मनोरंजन जरूरी है, लेकिन बच्चों और आम जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन को चाहिए कि किसी भी संभावित त्रासदी से पहले कार्रवाई करे, ताकि कल को रुद्रपुर किसी दर्दनाक हादसे का गवाह न बने।



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