संपादकीय लेख:बाईपास चौड़ीकरण और व्यापारियों की उम्मीदें – संवेदनशीलता से समाधान ही सही राह:महापौर विकास शर्मा

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रूद्रपुर का काशीपुर बाईपास मार्ग शहर के लिए धड़कन की तरह है। यहां रोजाना बढ़ते ट्रैफिक दबाव ने लंबे समय से चौड़ीकरण की आवश्यकता को जन्म दिया है। नगर निगम महापौर विकास शर्मा स्वयं भी मानते हैं कि चौड़ीकरण “आज की आवश्यकता” है और यह योजना वर्षों से लंबित है। लेकिन जब विकास की राह व्यापारियों की रोज़ी-रोटी से टकराती है, तब संवेदनशीलता और संतुलन का रास्ता ही सबसे उचित साबित होता है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

हाल ही में देवभूमि व्यापार मण्डल अध्यक्ष गुरमीत सिंह और भाजपा मण्डल अध्यक्ष सुनील ठुकराल के नेतृत्व में व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल महापौर विकास शर्मा से मिला। उनके साथ प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र अरोरा, सुरेन्द्र फुटेला, नरेश सचदेवा, पवन नारंग, राजेन्द्र फुटेला, तारा चन्द्र अग्रवाल, रमेश कुमार, सुनील झाम, विजय कटारिया, अजय कटारिया समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। सभी ने महापौर से मांग की कि त्यौहारों तक चौड़ीकरण की कार्यवाही स्थगित की जाए और विस्थापित होने वाले व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

व्यापारियों की दलील वाजिब है। दशहरा, दिवाली, करवाचौथ और गुरुपर्व जैसे बड़े त्यौहार दरवाजे पर हैं। बाजार मंदी के दौर से गुजर रहा है और यही त्यौहार व्यापारियों के लिए नई ऊर्जा और कारोबार की उम्मीद लेकर आते हैं। यदि इस समय अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होती है तो यह केवल दुकानों का नहीं बल्कि सैकड़ों परिवारों की आजीविका का भी सवाल होगा।

महापौर विकास शर्मा ने व्यापारियों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और हरसंभव राहत दिलाई जाएगी। उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से खटीमा स्थित कैम्प कार्यालय में भेंटकर यह मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट कहा कि सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ जनता की भावनाओं और हितों का ध्यान रखेगी।

यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधि संवेदनशीलता से काम करें तो विकास और जनभावनाओं में संतुलन साधा जा सकता है। चौड़ीकरण आवश्यक है, इसमें संदेह नहीं; लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि दशकों से कारोबार कर रहे व्यापारी अचानक सड़क पर न आ जाएं।

इसलिए सरकार और प्रशासन को चाहिए कि—

  1. त्योहारों तक कार्यवाही स्थगित रखकर व्यापारियों को राहत दी जाए।
  2. 22.5 मीटर चौड़ाई पर पुनर्विचार करते हुए प्रभावित परिवारों की संख्या न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाए।
  3. पूर्ण विस्थापन की स्थिति में पुनर्वास की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

रूद्रपुर विकास की राह पर आगे बढ़े, यह सभी की इच्छा है। लेकिन इस विकास की कीमत यदि आम व्यापारी की रोजी-रोटी चुकाए तो यह न्याय नहीं। महापौर विकास शर्मा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिखाए गए सकारात्मक दृष्टिकोण से उम्मीद बनती है कि व्यापारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक संतुलित समाधान अवश्य निकलेगा।



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