

जोशीमठ (चमोली), 13 सितंबर 2025।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर हिंदी विभाग की पहल पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य प्रो. सत्यनारायण राव ने कहा कि “हिंदी भारत और भारत बोध को जानने की खिड़की है। आधुनिक भारत के वैचारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानस को गढ़ने में हिंदी का योगदान अतुलनीय है।”
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

संस्कृत विद्वान डॉ. नवीन पंत ने कहा कि हिंदी में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं और व्यापार, फ़िल्म व साहित्य के कारण हिंदी का वैश्विक प्रसार बढ़ा है। कवि डॉ. चरणसिंह केदारखंडी ने बीज व्याख्यान देते हुए कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक भावधारा है जिसने स्वतंत्रता संग्राम में विचार क्रांति का नेतृत्व किया। उन्होंने युवाओं से हिंदी में सृजनात्मक लेखन करने और गौरव बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. किशोरी लाल ने किया। निबंध व काव्य प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। निर्णायक मंडल में डॉ. जी.के. सेमवाल, डॉ. नवीन कोहली, डॉ. शैलेन्द्र रावत समेत कई प्राध्यापक उपस्थित रहे।
महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
बिथ्याणी (यमकेश्वर)।
गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय, बिथ्याणी में ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ जी की 11वीं पुण्यतिथि पर स्मृति समारोह आयोजित हुआ। संत की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
मुख्य अतिथि आरएसएस प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने महाविद्यालय की स्थापना में महंत जी के योगदान को रेखांकित किया। अध्यक्षता कर रहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री विजया बड़थ्वाल ने कहा कि शिक्षा से वंचित क्षेत्र में अवैद्यनाथ जी ने उच्च शिक्षा का दीप जलाया।
वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शास्त्री ने महंत जी के जीवन, नाथ परंपरा और समाजसेवा के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्राचार्य प्रो. योगेश शर्मा व महेंद्र बिष्ट ने महाविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी दी। संयोजक डॉ. मीरा रतूड़ी ने गुरु गोरखनाथ से लेकर महंत अवैद्यनाथ तक की परंपरा पर चर्चा की।
समारोह में जिला पंचायत सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों और छात्र-छात्राओं ने भी विचार रखे। संचालन प्रो. उमेश कुमार त्यागी ने किया।
भारत की अस्मिता का गौरव है हिंदी : प्रो. राव,राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी आयोजित हुई। प्राचार्य प्रो. सत्यनारायण राव ने कहा कि हिंदी भारत की अस्मिता, इतिहास और विचार परंपरा का गौरव है तथा आधुनिक भारत के वैचारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानस को गढ़ने में इसकी भूमिका अद्वितीय रही है।
संस्कृत विद्वान डॉ. नवीन पंत ने हिंदी में रोजगार सृजन और वैश्विक प्रसार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कवि डॉ. चरणसिंह केदारखंडी ने कहा कि हिंदी मात्र भाषा नहीं, बल्कि ऐतिहासिक भावधारा है जिसने स्वतंत्रता संग्राम में विचार क्रांति को दिशा दी। उन्होंने युवाओं को हिंदी में सृजनात्मक लेखन करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. किशोरी लाल ने किया। निबंध व काव्य प्रतियोगिता में छात्राओं मनीषा बुटोला, शैलजा, काजल, दीपशिखा आदि ने भाग लिया।
महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर स्मरण
बिथ्याणी (यमकेश्वर)।
गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय में ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ की 11वीं पुण्यतिथि पर स्मृति समारोह हुआ। प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्य अतिथि आरएसएस प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने शिक्षा व समाज सेवा में महंत जी के योगदान का उल्लेख किया। अध्यक्षता कर रही पूर्व कैबिनेट मंत्री विजया बड़थ्वाल ने कहा कि उच्च शिक्षा से वंचित क्षेत्र में अवैद्यनाथ जी ने महाविद्यालय की स्थापना कर नई दिशा दी।
वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शास्त्री ने नाथ परंपरा और अवैद्यनाथ जी के जीवनवृत्त पर विस्तृत चर्चा की। प्राचार्य प्रो. योगेश शर्मा व महेंद्र बिष्ट ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। समारोह में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन प्रो. उमेश त्यागी ने किया।




