शिक्षा, संस्कृति और स्वास्थ्य का संगम: चंदोला कॉलेज का वार्षिकोत्सव बनेगा प्रेरणा का उत्सव

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4– दिसंबर 2025: चंदोला कॉलेज में शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति का महायज्ञ आज से शुरू

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में जब शिक्षा, चिकित्सा और संस्कृति एक मंच पर एकत्र होती हैं, तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के लिए दिशा देने वाला उत्सव बन जाता है। 4– दिसंबर 2025 को चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल एवं वसुंधरा नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव इसी भावना का प्रतीक है।

आज जब बाज़ारीकरण के दौर में शिक्षा और स्वास्थ्य भी व्यवसाय बनते जा रहे हैं, ऐसे में चंदोला संस्थान जैसे शैक्षणिक केंद्रों का यह वार्षिक आयोजन यह स्मरण कराता है कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक दायित्व है। होम्योपैथी, नर्सिंग और पैरामेडिकल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा ही भविष्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बनते हैं।

इस सांस्कृतिक संध्या में कुमाऊँ की सुप्रसिद्ध लोक कलाकार श्वेता मेहरा और साक्षी कला जैसी प्रतिभाओं की प्रस्तुति यह दर्शाती है कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ लोकसंस्कृति का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक प्रयास है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, तिलकराज बेहड़, महापौर विकास शर्मा और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की उपस्थिति इस आयोजन को केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि राज्यस्तरीय महत्व प्रदान करती है। यह सहभागिता यह भी दर्शाती है कि सरकार और जनप्रतिनिधि शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे विषयों को गंभीरता से ले रहे हैं।

कुल मिलाकर यह वार्षिकोत्सव केवल एक संस्थागत उत्सव नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज, शिक्षित युवा और समृद्ध संस्कृति के त्रिसूत्र का उत्सव है। ऐसे आयोजनों की मीडिया कवरेज समाज तक सकारात्मक संदेश पहुँचाने का माध्यम बनती है। आशा है कि यह आयोजन नई ऊर्जा, नई प्रेरणा और नई दिशा देने में सफल रहेगा।


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