रुद्रपुर: चन्द्रदेव मंदिर प्रकरण में न्यायालयी आदेशों के अनुपालन को लेकर विवाद, पुलिस भूमिका पर भी उठे प्रश्न?चन्द्रदेव मंदिर प्रकरण में यथास्थिति बहाल, विधायक की मौजूदगी में पुलिस ने की कार्रवाई

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किच्छा रोड स्थित चन्द्रदेव मंदिर, माँ काली मंदिर एवं भैरव बाबा मंदिर से जुड़े भूमि विवाद में न्यायालय द्वारा पारित निषेधाज्ञा आदेशों के बावजूद कथित हस्तक्षेप का मामला सामने आया है। वादी पक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रतिवादीगण द्वारा न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की गई, जबकि पुलिस चौकी रम्पुरा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं, इस प्रकरण में स्थानीय विधायक शिव अरोड़ा की ओर से भी सार्वजनिक बयान जारी किया गया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी


न्यायालय में विचाराधीन मामला
यह विवाद वाद संख्या 252/2025 के रूप में माननीय सिविल जज (सी.डी.), रुद्रपुर की अदालत में विचाराधीन है। वादी पक्ष द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों के आधार पर न्यायालय ने प्रथम दृष्टया यह माना कि संबंधित संपत्ति पर वादी संस्था का लंबे समय से शांतिपूर्ण कब्जा रहा है। न्यायालय के समक्ष यह तथ्य रखे गए कि मंदिर परिसर में वर्षों से निर्माण मौजूद है, वैध विद्युत संयोजन प्राप्त है, नगर निगम द्वारा गृहकर निर्धारण किया गया है तथा राजस्व विभाग की जांच आख्या में भी वादी का कब्जा दर्ज बताया गया है।
04 अक्टूबर 2025 का निषेधाज्ञा आदेश
उपरोक्त तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने 04 अक्टूबर 2025 को वादी के पक्ष में अस्थायी निषेधाज्ञा पारित की। आदेश में प्रतिवादीगण को वादी के कब्जे में हस्तक्षेप न करने, किसी प्रकार का जबरन कब्जा या निर्माण कार्य न करने, पूजा-अर्चना व धार्मिक गतिविधियों में बाधा न डालने तथा संपत्ति से संबंधित किसी तृतीय पक्ष हित का सृजन न करने के निर्देश दिए गए।
आदेश के बाद की स्थिति
वादी पक्ष का आरोप है कि आदेश की प्रति संबंधित पक्षों व पुलिस को उपलब्ध कराने के बावजूद 20 अक्टूबर 2025 को कथित रूप से मंदिर परिसर में हस्तक्षेप किया गया और कुछ कमरों में ताले लगाए गए। इस संबंध में पुलिस चौकी रम्पुरा में शिकायत दर्ज कराई गई, जहां से प्रभावी कार्रवाई न होने का आरोप लगाया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत
वादी कान्ता प्रसाद गंगवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उधम सिंह नगर को प्रेषित शिकायत में न्यायालयी आदेशों के पूर्ण अनुपालन, यथास्थिति बनाए रखने तथा चौकी स्तर की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत के साथ न्यायालय के आदेश व अन्य संबंधित दस्तावेज संलग्न किए गए हैं।
विधायक का बयान
इस बीच, विधायक शिव अरोड़ा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चन्द्रदेव मंदिर भुर्जी समाज की आस्था का केंद्र है और वहां किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर वे समाज के लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन से मंदिर परिसर में यथास्थिति बनाए रखने को कहा। विधायक के अनुसार, इसके बाद पुलिस द्वारा ताला लगाकर चाबी अपने कब्जे में ली गई और स्थिति पूर्ववत रखी गई।
फिलहाल स्थिति
मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित है। पुलिस प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह प्रकरण न्यायालयी आदेशों के पालन और उनके जमीनी क्रियान्वयन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

रुद्रपुर: चन्द्रदेव मंदिर प्रकरण में यथास्थिति बहाल, विधायक की मौजूदगी में पुलिस ने की कार्रवाई!रुद्रपुर। किच्छा रोड क्षेत्र में कुष्ठ आश्रम के समीप स्थित चन्द्रदेव भगवान मंदिर को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच शुक्रवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब भुर्जी समाज के लोगों ने मंदिर पर कथित रूप से ताला डालकर कब्जा किए जाने का आरोप लगाया। बताया गया कि यह मंदिर पिछले 30–40 वर्षों से भुर्जी समाज की आस्था का केंद्र रहा है, जहां नियमित पूजा-अर्चना होती रही है।
मामले की जानकारी मिलने पर विधायक शिव अरोड़ा बड़ी संख्या में भुर्जी समाज के लोगों और समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। मंदिर परिसर में दरी बिछाकर शांतिपूर्ण ढंग से भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। विधायक ने कहा कि वे न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर का निर्माण समाज ने अपने संसाधनों से किया है और यहां पूजा-अर्चना का अधिकार बना रहना चाहिए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हुआ। विधायक शिव अरोड़ा और सीओ सिटी रुद्रपुर के बीच दूरभाष पर वार्ता हुई, जिसमें विधायक ने अपनी नाराजगी और यथास्थिति बनाए रखने की मांग रखी। इसके बाद रमपुरा चौकी प्रभारी कविंद्र शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा मंदिर परिसर में ताला लगवाकर चाबी कब्जे में ली गई और यह स्पष्ट किया गया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए पूर्व की भांति यथास्थिति बनाए रखी जाएगी।
पुलिस कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद लोगों का आक्रोश शांत हुआ और स्थिति सामान्य हुई। इस दौरान पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, समाज के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में महिलाओं व स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है।


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