

रुद्रपुर के शैक्षणिक परिदृश्य में चन्दोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों की हालिया सफलता एक सुखद और प्रेरक संकेत है। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में विभिन्न बैचों के छात्र-छात्राओं द्वारा मेरिट सूची में स्थान बनाना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूती को भी रेखांकित करता है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
आज जब शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित मान लिया गया है, ऐसे समय में इन विद्यार्थियों की उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से उत्कृष्ट परिणाम संभव हैं। I BHMS से लेकर IV BHMS तक, हर स्तर पर छात्रों ने जिस समर्पण और एकाग्रता के साथ अध्ययन किया, वह संस्थान की शैक्षणिक संस्कृति को दर्शाता है। यह सफलता आकस्मिक नहीं, बल्कि वर्षों से चले आ रहे शैक्षणिक अनुशासन और शिक्षकों की प्रतिबद्धता का प्रतिफल है।
प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों के योगदान को भी सम्मान देना एक सकारात्मक सोच को दर्शाता है। साथ ही, मेरिट में स्थान न बना पाने वाले छात्रों को हतोत्साहित करने के बजाय आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना, एक स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण की पहचान है। यही दृष्टिकोण विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को मजबूत करता है।
चन्दोला होम्योपैथिक और वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज की यह उपलब्धि केवल संस्थान की नहीं, बल्कि पूरे रुद्रपुर और उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। यह उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में भी ये संस्थान इसी तरह योग्य चिकित्सक, नर्सिंग और पैरामेडिकल पेशेवर तैयार कर समाज और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाएंगे।




