

बसंत पंचमी के दिन उनकी विशेष पूजा की जाती है, लेकिन साल भर उनकी भक्ति करने से मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है और विद्या में सफलता मिलती है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
ऐसे में सरस्वती माता के भजन सुनने और गाने से न केवल आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि वाणी में मधुरता और बुद्धि में तेजी आती है।
यहां माता सरस्वती के कुछ बेहद लोकप्रिय और प्रभावशाली भजन दिए गए हैं, जिनके बोल (लिरिक्स) सहित आप इन्हें गुनगुना सकते हैं या सुन सकते हैं। ये भजन पूजा के दौरान, पढ़ाई से पहले या बसंत पंचमी के अवसर पर गाए जा सकते हैं।
हे शारदे मां भजन लिरिक्स इन हिंदी
हे शारदे मां, हे शारदे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
अज्ञानता से हमें तारदे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
अज्ञानता से हमें तारदे मां
हे शारदे मां..
तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे
हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे
हम है अकेले, हम है अधूरे
तेरी शरण हम, हमें प्यार दे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
अज्ञानता से हमें तारदे मां
मुनियों ने समझी, गुनियों ने जानी
वेदोंकी भाषा, पुराणों की बानी
हम भी तो समझे, हम भी तो जाने
विद्या का हमको अधिकार दे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
अज्ञानता से हमें तारदे मां
तू श्वेतवर्णी, कमल पर विराजे
हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे
मनसे हमारे मिटाके अंधेरे,
हमको उजालों का संसार दे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
अज्ञानता से हमें तारदे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
अज्ञानता से हमें तारदे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
हे शारदे मां, हे शारदे मां
हे शारदे मां मुझे वर दे भजन लिरिक्स इन हिंदी
हे शारदे मां मुझे वर दे
हे शारदे मां ऐसा वर दे,
सुंदर स्वर मां कंठ में भर दे,
दे दे स्वर का ज्ञान,
सदा गुण गाऊ सुबहो शाम,
सांसे सात सुरों का संगम,
रा से राग का है इक बंधन,
ग से गंध को दूर मां करदे,
दे एसा वरदान,
सदा गुण गाऊ सुबहो शाम,
मां मन मंदिर पावन कर दे,
पाये धरा निर्मल तू वर दे,
निश चल मन से गाये सभी जन,
तेरा ही गुण गान,
सदा गुण गाऊ सुबहो शाम,
आरती तेरी मां जो जन गावे,
सुख सम्पति धन वैभव पावे,
तेरे दर से जाये ना खाली,
निर्धन हो या धन वां,
सदा गुण गाऊ सुबहो शाम




