कुमाऊं मंडल प्रभारी पुरानचंद भट्ट ने आंदोलन की दी चेतावनी— सीमांत क्षेत्रों की अनदेखी पर उठे सवाल

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रुद्रपुर,उत्तराखंड के सीमांत और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की संभावनाओं को लेकर एक बार फिर सरकार और उसके अधीन संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिवसेना कुमाऊं मंडल प्रभारी पुरानचंद भट्ट ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के अधीन सूक्ष्म लघु उद्योग विकास संस्थान द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम नहीं कराए गए, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
भट्ट का कहना है कि केंद्र सरकार का यह संस्थान शहरी क्षेत्रों में तो सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित कर रहा है, लेकिन उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत विकासखंड—जैसे अल्मोड़ा जनपद का द्वाराहाट—लगातार उपेक्षित हैं। सरकारी योजनाओं की जानकारी के अभाव में पहाड़ों के युवा, महिलाएं और किसान मजबूरी में पलायन कर शहरों की ओर जा रहे हैं, जिससे गांव उजड़ते जा रहे हैं।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी


इसी संदर्भ में शिवसेना की ओर से संस्थान के प्रबंध निदेशक को एक औपचारिक सुझाव-पत्र भेजकर द्वाराहाट विकासखंड में एक दिवसीय स्वरोजगार कार्यशाला आयोजित करने की मांग की गई है। पत्र में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन, सौर ऊर्जा, मशरूम उत्पादन, पशुपालन, डेयरी और खादी जैसे विभागों के अधिकारियों एवं सफल उद्यमियों को आमंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि स्थानीय लोग योजनाओं और तकनीक से सीधे जुड़ सकें।
शिवसेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि यह मांग अनसुनी की गई तो संगठन जनहित में आंदोलन करेगा। भट्ट के अनुसार, “पहाड़ बचाने हैं तो रोजगार पहाड़ में ही देना होगा। केवल फाइलों में चलने वाली योजनाओं से पलायन नहीं रुकेगा।”
यह चेतावनी सरकार और संबंधित संस्थानों के लिए एक गंभीर संकेत है कि यदि समय रहते सीमांत क्षेत्रों की सुध नहीं ली गई, तो सामाजिक असंतोष और तेज होगा।


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