

रुद्रपुर। शहर में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। देर रात रुद्रपुर स्थित मल्टी ब्रांड मोबाइल स्टोर “मोबाइल मंत्रा” में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर करीब 14 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल फोन व लैपटॉप चोरी कर लिए।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। दुकान मालिक के अनुसार चोर दुकान से महंगे मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर फरार हो गए।
मौके पर किच्छा के विधायक तिलक राज बहेड़, रुद्रपुर महापौर विकास शर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा, प्रमुख समाजसेवी संजय ठुकराल, सुशील बाबा, मनोज छाबड़ा, व्यापार मंडल की कार्यकारिणी तथा बड़ी संख्या में व्यापारी और मीडिया कर्मी मौजूद रहे। व्यापारियों में घटना को लेकर रोष देखा गया।
उल्लेखनीय है कि इसी दुकान में करीब एक वर्ष पूर्व भी चोरी की वारदात हो चुकी है, लेकिन अब तक उस मामले का खुलासा नहीं हो पाया। व्यापारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शीघ्र खुलासे की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। मामले में तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।
संपादकीय;सुरक्षा के नाम पर खोखले दावे और लाचार व्यापारी रुद्रपुर में एक बार फिर हुई बड़ी चोरी ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी व्यापारियों के वाहन चोरी हुए, दुकानों में सेंध लगी, लेकिन नतीजा हर बार शून्य रहा।
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद रुद्रपुर में विकास के बड़े-बड़े दावे किए गए, कैमरों के सामने भाषण हुए, लेकिन जब बात व्यापारियों की सुरक्षा की आती है तो न कोई ठोस नीति दिखती है, न ज़मीनी तैयारी। कभी स्थानीय स्तर पर व्यापार मंडल, कुछ जिम्मेदार लोग और पुलिस के सहयोग से चौकीदार रखे जाते थे, लेकिन आज अधिकतर लोग केवल सोशल मीडिया पर उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित रह गए हैं।
हकीकत यह है कि जनप्रतिनिधियों और पुलिस पर अंधा भरोसा करना पहले भी व्यापारियों के लिए नुकसानदायक रहा है और आज भी है। अब समय आ गया है कि व्यापारी खुद संगठित होकर अपनी सुरक्षा व्यवस्था करें, भले ही आसपास की दुकानों को मिलकर रात्रि चौकीदार क्यों न रखना पड़े। चोरी से पीड़ित व्यापारी के प्रति संवेदना के साथ यह घटना पूरे शहर के लिए एक चेतावनी है।




