

आध्यात्मिक चेतना का नवप्रभात
रुद्रपुर। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा को सुदृढ़ करते हुए आज रुद्रपुर में ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ, जब प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में इंदिरा चौक के नाम से विख्यात स्थल का नाम परिवर्तन कर उसे विधिवत रूप से त्रिशूल चौक के रूप में समर्पित किया तथा विशाल पीतल निर्मित त्रिशूल से आवृत परदों का अनावरण किया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
इस अवसर पर रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा, विधायक शिव अरोड़ा, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट, तथा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, मंत्रीगण एवं विधायकगण गरिमामयी उपस्थिति में रहे।
मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद एवं पुष्पवर्षा के मध्य त्रिशूल से आवरण हटाते ही “हर-हर महादेव” के गगनभेदी उद्घोष के बीच इस स्थल को आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक घोषित किया। विशाल पीतल का त्रिशूल सूर्यकिरणों में आलोकित होकर मानो नगर को यह संदेश दे रहा था कि रुद्रपुर अब सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड की आत्मा आध्यात्मिकता में निहित है। त्रिशूल चौक केवल नाम परिवर्तन नहीं, अपितु देवभूमि की सांस्कृतिक अस्मिता और श्रद्धा का पुनर्स्मरण है। उन्होंने इसे रुद्रपुर के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी पहल बताया।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम द्वारा चौक के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था एवं संरचनात्मक विकास को प्राथमिकता दी गई है, जिससे यह स्थल भविष्य में पर्यटन एवं आस्था का प्रमुख केंद्र बन सके। विधायक शिव अरोड़ा ने इसे जनभावनाओं से जुड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि यह कदम नगर की आध्यात्मिक पहचान को सुदृढ़ करेगा।
इस पावन अवसर पर त्रिशूल चौक से भव्य रोड शो का शुभारंभ हुआ, जो गांधी पार्क तक पहुँचा। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं एवं युवाओं ने मंगलगीत, शिव स्तुति एवं लोकनृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। ढोल-दमाऊ, शंखनाद और डमरू की गूंज से पूरा नगर शिवमय हो उठा।
गांधी पार्क पहुँचकर मुख्यमंत्री ने ‘सरस आजीविका मेला–2026’ का विधिवत शुभारंभ किया। 14 से 23 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस मेले में स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की तथा आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं यातायात की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
यह आयोजन नाम परिवर्तन अथवा मेले का उद्घाटन ,रुद्रपुर की सांस्कृतिक चेतना के नवोदय का संकेत था। त्रिशूल चौक आज से नगर की आस्था का केंद्र बन गया है, जहाँ श्रद्धालु शिवतत्व के प्रतीक इस त्रिशूल के दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर सकेंगे।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संपन्न इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि विकास और आध्यात्मिकता परस्पर पूरक हैं। रुद्रपुर अब औद्योगिक नगर के साथ शिवभक्ति और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक भी बनता जा रहा है।
हर-हर महादेव।




