त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक आस्था, उत्साह और जनशक्ति का संगम

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रुद्रपुर का हृदय कहे जाने वाले त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक जब मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami का भव्य रोड शो निकला, तो वह केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं रहा—वह जनविश्वास, सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक एकता का विराट उत्सव बन गया। सरस मेले के शुभारंभ के अवसर पर उमड़ा यह जनसैलाब अपने आप में ऐतिहासिक था।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक गूंजा जाट महासभा का जयघोष: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ऐतिहासिक पुष्पवर्षा से स्वागत”


इस ऐतिहासिक क्षण को और भी गरिमामय बना दिया उत्तराखंड जाट महासभा, रुद्रपुर ने। अध्यक्ष श्री योगेंद्र सिंह सहरावत के नेतृत्व में महासभा के पदाधिकारियों और हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। विशाल पुष्पमालाओं से अभिनंदन और गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा ने पूरे मार्ग को मानो श्रद्धा और सम्मान की सुगंध से भर दिया।
मुख्यमंत्री के साथ रुद्रपुर विधायक Shiv Arora और महापौर Vikas Sharma की उपस्थिति ने इस रोड शो को राजनीतिक ही नहीं, सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बना दिया। यह दृश्य बताता है कि जब नेतृत्व और समाज एक मंच पर आते हैं, तो विकास केवल नारा नहीं—एक साझा संकल्प बन जाता है।
जाट महासभा का ऐतिहासिक स्वागत
उत्तराखंड जाट महासभा रुद्रपुर के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह सहरावत, सचिव पुष्पेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष सचिन कुमार देशवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण तोमर, अजीत सिंह, शोभित चौधरी, निर्वाण सिंह, अरेंद्र मलिक, प्रवीण ओला, धर्मपाल देशवाल तथा मीडिया प्रभारी हरजीत राठी ने समवेत रूप से आयोजन की कमान संभाली।
हजारों की संख्या में उपस्थित समाजबंधुओं ने पारंपरिक जोश और अनुशासन के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। जिस प्रकार पुष्पवर्षा के बीच “उत्तराखंड माता की जय” और “हर-हर महादेव” के उद्घोष गूंजे, वह वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा।
यह  राजनीतिक समर्थन  एवं समाज की उस भावना का प्रकटीकरण था जो विकास, सांस्कृतिक गौरव और राज्य की उन्नति में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है।
सरस मेला: आजीविका और आत्मनिर्भरता का पर्व
गांधी पार्क में आयोजित सरस मेला केवल व्यापारिक स्टॉलों का समूह नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को दोहराया।
त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक का यह मार्ग मानो प्रतीक बन गया—संघर्ष से विकास तक की यात्रा का। जाट महासभा द्वारा किया गया स्वागत इसी सामाजिक चेतना का विस्तार था, जिसमें समाज और सरकार एक साथ खड़े दिखाई दिए।
आध्यात्मिक परिप्रेक्ष्य में जननेतृत्व
उत्तराखंड की धरती देवभूमि है। यहाँ राजनीति केवल सत्ता का साधन नहीं, सेवा का माध्यम मानी जाती है। जब किसी जनप्रतिनिधि का स्वागत फूलों की वर्षा से होता है, तो वह केवल व्यक्ति का सम्मान नहीं—वह उस पद की मर्यादा और जनआस्था का सम्मान होता है।
जाट महासभा रुद्रपुर का यह ऐतिहासिक स्वागत इस बात का प्रमाण है कि समाज संगठित हो तो वह विकास यात्रा का सशक्त भागीदार बन सकता है।
त्रिशूल चौक से गांधी पार्क तक का यह भव्य रोड शो आने वाले समय में रुद्रपुर के सामाजिक-राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उत्तराखंड जाट महासभा द्वारा किया गया अभिनंदन केवल स्वागत समारोह नहीं था—वह एक सामूहिक संकल्प था कि देवभूमि उत्तराखंड को समृद्ध, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना है।
जब समाज और शासन एक दिशा में चलते हैं, तो इतिहास बनता है। और रुद्रपुर ने उस इतिहास को अपनी आंखों से देखा।


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