

इसके बाद 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खोले जाएंगे। इसके साथ ही चार धाम यात्रा फुल फ्लेज्ड शुरू हो जाएगी। चार धाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए शुल्क लगेगा।
चारधम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कितना शुल्क लगेगा, इसका शीघ्र ही निर्धारण हो जाएगा। इसके लिए गढ़वाल के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में कमिटी का गठन किया गया है। चार धाम यात्रा के लिए अगले एक से दो दिनों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। दरअसल, चार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में सोमवार को समीक्षा बैठक हुई। इसमें कई निर्णय लिए गए।

कमिश्नर-आईजी की बैठकचार धाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में सोमवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय और आईजी राजीव स्वरूप ने बैठक की। इसमें चार धाम के होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और डंडी-कंडी एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में तय किया गया कि फर्जी पंजीकरण रोकने के लिए कम से कम 10 रुपये शुल्क लगाया जाए। सरकार से अनुमति मिलने के बाद जल्द ही शुल्क तय कर दिए जाएंगे।
संख्या को लेकर मांगकमिश्नर के नेतृत्व में हुई बैठक में होटल व्यवसायियों ने धामों में दर्शन के लिए यात्रियों की संख्या की वैधता खत्म करने की मांग की। उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रैवल्स यूनियन और डंडी-कंडी संचालकों की ओर से उठाई गई समस्याओं का समाधान होगा। इसके लिए अपर आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमिटी निर्णय लेगी। कमिटी की अनुशंसा मिलते ही एक-दो दिन के भीतर आवश्यक निर्णय लेकर चार धाम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कराया जाएगा।
कमिश्नर ने कहा कि इस बार तीर्थयात्रियों की संख्या को सीमित नहीं किया जाएगा। हालांकि, चार धाम यात्रा पर आने वाले सभी यात्रियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया गया है। कमिश्नर ने कहा कि ऑनलाइन पंजीकरण के पहले होटल बुक कराने वाले यात्रियों का पंजीकरण में प्राथमिकता मिलेगी।




