रुद्रपुर,खटीमा/सितारगंज (ऊधम सिंह नगर), 05 मई 2026तहसील दिवस में 92 शिकायतें दर्ज, 22 का मौके पर निस्तारण — जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
मंगलवार को विकास खण्ड सभागार खटीमा में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए अधिकारी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ शिकायतों को सुनें और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिस स्तर की समस्या हो, उसका समाधान उसी स्तर पर किया जाए ताकि आम जनता को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े। साथ ही सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनहित की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
तहसील दिवस में सड़क, नाली निर्माण, हैंडपंप, शिक्षा, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेयजल, विद्युत एवं भूमि संबंधी कुल 92 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जिलाधिकारी ने 40 शिकायतों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत शामिल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि नगर निकाय या लोक निर्माण विभाग की अनुमति के बिना सड़क खोदने वाली कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा के क्षेत्र में जिलाधिकारी ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत पारदर्शिता के साथ बच्चों के विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
जन समस्याओं पर त्वरित निर्देश
तहसील दिवस में ग्राम जरासु प्रतापपुर निवासी इन्द्रजीत सिंह द्वारा भूमि स्वामित्व दिए जाने के अनुरोध पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वार्ड नंबर-14 तिलक नगर निवासी संतोष मेहरोत्रा ने एंठा नाले से अतिक्रमण हटाने और वर्षाकाल से पूर्व सफाई की मांग रखी, जिस पर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और अधिशासी अभियंता सिंचाई को मौके का निरीक्षण कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत नदन्ना में जलभराव की समस्या को लेकर ग्राम प्रधान माया जोशी की शिकायत पर खण्ड विकास अधिकारी को शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए। वहीं आदर्श कॉलोनी भुड़ महोलिया के निवासियों द्वारा 100 मीटर नाली निर्माण की मांग पर भी नगर पालिका को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
श्रीपुर बिछुआ के ग्रामीणों ने अवैध रास्ता निर्माण को रोकने की मांग उठाई, जिस पर उप जिलाधिकारी को जांच कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य चारूबेटा कमलेश सिंह द्वारा 15 हैंडपंप लगाने की मांग पर जल संस्थान और जल निगम को पेयजल समस्या के समाधान हेतु निर्देशित किया गया।
ग्राम प्रधान आलाविर्दी चन्द्रकला ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चटियाफार्म में वाटर कूलर और पंखे लगाने की मांग रखी, जिस पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। ग्राम प्रधान नौसर महेन्द्र पाल द्वारा सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता को हटाने की शिकायत पर जिला पूर्ति अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।
क्षेत्र पंचायत सदस्य नगला तराई सनकेशी ने नाली निर्माण और मरम्मत की मांग रखी, जिस पर खण्ड विकास अधिकारी को मौके का निरीक्षण कर समाधान करने को कहा गया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चन्द्र जोशी, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, सांसद प्रतिनिधि रविन्द्र सिंह राणा, दर्जा मंत्री राजपाल सिंह, सतीश भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई सुशील कुमार, जल संस्थान के अजय कुमार, तहसीलदार बीरेन्द्र सजवान, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी तोमर, सहायक निदेशक दुग्ध राजेन्द्र सिंह चौहान, खण्ड शिक्षा अधिकारी भानू प्रताप, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत जी.एस. भट्ट, खण्ड विकास अधिकारी संजय कुमार गांधी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
संपूर्णानंद शिविर जेल में टीबी स्क्रीनिंग कैंप, 371 बंदियों की हुई जांच
सितारगंज स्थित संपूर्णानंद शिविर सेंट्रल जेल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष टीबी स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर भारत सरकार के सेंट्रल टीबी डिवीजन के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को मजबूत करना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. के. के. अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में 371 बंदियों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 14 बंदियों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए और उनके सैंपल जांच हेतु लिए गए। शिविर के दौरान बंदियों को टीबी के लक्षण, बचाव और नियमित उपचार के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
शिविर के सफल संचालन में जिला पीएमडीटी समन्वयक नवल, वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुनील राय, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. कविश अहमद, डॉ. शिवांगी व्यास, डॉ. सुनीता साना सहित जेल प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी इस तरह के शिविर आयोजित कर बंदियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

