सामने से जो भी सैलरी बोली जाती, उसी सैलरी पर काम करने के लिए तैयार हो जाती. काम के दौरान, वह किसी को भी शिकायत का मौका नहीं देती और अपने व्यवहार से जल्द ही सबका दिल जीत लेती थी. समय के साथ वह घर में रहने वाले हर शख्स की दिनचर्या को समझती और फिर एक नई वारदात को तैयार हो जाती थी.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
मौका मिलते ही घर पर मौजूद ज्वैलरी पर हाथ साफ करती और गायब हो जाती थी. दिल्ली पुलिस के लिए वह कोई मामूली चोर नहीं थी. वह एक ऐसी ‘सीरियल गोल्ड थीफ’ थी, जिसने नौकरानी का चेहरा पहनकर राजधानी के कई घरों को अपना शिकार बनाया है. वहीं, 17 साल की लंबी कवायद बके बाद जब पुलिस इस महिला को गिरफ्तार करने पहुंची तो उसके लिए एक नया और खतरनाक सप्राइज तैयार था. आरोपी महिला ने अपनी सुरक्षा के लिए एक-दो नहीं, बल्कि 17 कुत्ते पाल रखे थे. गिरफ्तारी के लिए जैसे ही पुलिस इसके घर पहुंची, आरोपी महिला ने सभी कुत्तों को पुलिस पर हमला करने के लिए छोड़ दिया.
लंबी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने इस महिला को अरेस्ट कर लिया है. पुलिस का दावा है कि वह 2008 से दिल्ली के पॉश इलाकों में चोरी कर रही थी. लेकिन वह कभी पकड़ी नहीं गई.
बेचती नहीं थी चोरी का सोना
पुलिस के मुताबिक, महिला पहले कुछ दिनों के लिए घरेलू काम करने जाती थी. इस दौरान वह घर में रखे गहनों और पैसों की जानकारी जुटाती थी. फिर मौका मिलते ही चोरी कर फरार हो जाती थी. उसका निशाना अक्सर वे घर होते थे, जहां अस्थायी नौकरानी की जरूरत होती थी. इसके लिए वह कॉलोनियों के सिक्योरिटी गार्ड्स से जानकारी जुटाती थी. कई बार गार्ड ही उसे ऐसे घरों का पता बताते थे. दिल्ली के पंजाबी बाग में उसने पहली चोरी की थी.
इसके बाद शालीमार बाग, मौर्य एन्क्लेव समेत कई इलाकों में उसने करोड़ों के गहनों पर हाथ साफ किया. इस केस की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला चोरी के गहने बेचती नहीं थी. पुलिस के अनुसार, वह गोल्ड लोन कंपनियों में लॉकर लेकर गहने जमा कर देती थी और उनके बदले लोन लेती थी. पिछले 17 सालों में उसने 15 लॉकर खोले, जिनमें 2 किलो से ज्यादा सोना रखा मिला है. पुलिस अब उन लॉकरों और संपत्तियों की जांच कर रही है.
रखवाली के लिए रखती थी 15 खूंखार कुत्ते
अप्रैल 2026 में शालीमार बाग के एक कारोबारी परिवार ने घरेलू मदद के लिए महिला को काम पर रखा. उसने कम सैलरी में काम करने की बात कही, जिससे परिवार को उस पर भरोसा हो गया. तीन दिन तक उसने घर का काम किया और गहनों की जगह पहचान ली. फिर एक दिन जब घर के बुजुर्ग दंपती पूजा कर रहे थे, वह बेडरूम में घुसी और करीब 1.5 करोड़ रुपये के हीरे और सोने के गहने लेकर फरार हो गई. इसके बाद कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला रोहिणी सेक्टर-11 में रहती है. जब पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई. घर में 15 कुत्ते थे, जिनमें पिटबुल और अमेरिकन बुली जैसी खतरनाक नस्लें शामिल थीं. पुलिस के मुताबिक, ये कुत्ते पूरे घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए थे. जैसे ही पुलिस अंदर घुसी, कई कुत्ते टीम पर टूट पड़े. काफी मशक्कत के बाद पुलिस घर के अंदर पहुंची, जहां महिला अपने कमरे में रजाइयों के नीचे छिपी मिली.
करोड़ों की संपत्ति भी बनाई
पुलिस का कहना है कि महिला ने चोरी के पैसों से रोहिणी में कई मकान और फ्लैट खरीदे. वह कुत्तों की ब्रीडिंग का काम भी करती थी और उनके बच्चों को बेचती थी. उसका बेटा पहले से ही लूट और हत्या के प्रयास जैसे मामलों में जेल में बंद है. वहीं उसकी बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है. अब पुलिस महिला की संपत्तियों, लॉकरों और गोल्ड लोन कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
