शादी से इनकार पर तेजाब, प्यार में बेटे की हत्या, पत्नी ने पति का सिर मुंडवाकर जूतों की माला पहनाई; कहीं 10 साल तक प्रेमिका को कमरे में छिपाए रखा—यूपी से केरल तक रिश्तों के खौफनाक राज ने मचाया हड़कंप

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प्यार, शादी, विश्वास, रिश्ते—इन शब्दों के साथ इंसानी भावनाओं की खूबसूरत तस्वीर सामने आती है, मगर अलग-अलग मामलों में सामने आई घटनाओं ने रिश्तों के दूसरे खौफनाक पहलू को उजागर कर दिया है। कहीं शादी से इनकार करने पर विधवा महिला पर तेजाब उड़ेल दिया गया, कहीं बहू से कथित प्रेम के विवाद में पिता पर बेटे की हत्या का आरोप लगा, कहीं पत्नी ने अपने पति को बंधक बनाकर उसका आधा सिर मुंडवा दिया, मूंछ काटी, जूतों की माला पहनाई। इसी कड़ी में केरल का वह मामला भी चर्चा में आया, जहां एक युवक पर अपनी प्रेमिका को करीब दस साल तक घर के कमरे में छिपाकर रखने का आरोप सामने आया था।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड


शादी से इनकार किया तो विधवा पर उड़ेल दिया तेजाब
कानपुर के एक मामले में अदालत ने शादी से इनकार करने वाली विधवा महिला पर तेजाब डालने के दोषी अजय को 30 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का आदेश बताया गया है।
मामला मई 2022 का है। पति की मौत के बाद प्रियंका उर्फ खुशबू अपने बच्चे के साथ मायके बिधनू में रह रही थी। 4 मई 2022 की सुबह वह समाधि पुलिया स्थित रस्सी की फैक्ट्री में काम करने जा रही थी। आरोप के मुताबिक कल्याणपुर मवइया निवासी अजय ने रास्ता रोककर उससे शादी करने की बात कही। प्रियंका ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपी ने कथित रूप से तेजाब से भरा डिब्बा उसके ऊपर उड़ेल दिया और मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद प्रियंका का इलाज कानपुर के उर्सला अस्पताल के साथ लखनऊ स्थित केजीएमयू में कराया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता, उसके पिता सहित सात गवाह अदालत में पेश हुए। अभियोजन के अनुसार 14 सितंबर 2022 को आरोप तय किए गए थे।
अदालत में पीड़िता ने यह भी बयान दिया कि आरोपी के परिजन उस पर समझौते का दबाव बना रहे थे तथा धमकी दी जाती थी। इसके बावजूद उसने मुकदमे से पीछे हटने से इनकार किया। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए 30 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
बहू से कथित प्रेम, बेटे की हत्या का आरोप
आगरा के जगदीशपुरा क्षेत्र के गांव लड़ामदा में 14 मार्च को होली के दिन 26 वर्षीय पुष्पेंद्र चौहान की हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस जांच में उसके पिता चरन सिंह पर हत्या का आरोप लगा और उसे जेल भेजे जाने की बात सामने आई।
शुरुआती जांच के दौरान मामले की तस्वीर स्पष्ट नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चाकू से चोट की पुष्टि होने के बाद जांच आगे बढ़ी। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद घटना को दूसरी दिशा देने का प्रयास किया गया और सीने के जख्म में कारतूस रखने की बात भी जांच में सामने आई।
पुलिस के मुताबिक पिता और बेटे के बीच विवाद हुआ था। जांच में यह दावा सामने आया कि पिता का अपनी बहू के प्रति कथित झुकाव था और इस बात की जानकारी बेटे को होने के बाद विवाद बढ़ गया। पुलिस ने कई महीनों की जांच के बाद पिता को आरोपी बनाया। इस मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में होगी।
पति को बुलाया, आधा सिर मुंडवाया, जूतों की माला पहनाई
हरदोई में पति के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। आरोप है कि सोनिया यादव नाम की महिला ने अपने दूसरे पति मुन्ना यादव के साथ मिलकर तीसरे पति नरेंद्र को कथित रूप से बंधक बनाया।
नरेंद्र के मुताबिक उसकी पहचान सोनिया से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। बातचीत बढ़ी तो दोनों ने मंदिर में शादी कर ली। नरेंद्र का दावा है कि वह करीब ढाई साल तक सोनिया के साथ रहा। बाद में उसे महिला के पूर्व वैवाहिक जीवन के बारे में जानकारी मिली।
आरोप है कि 25 सितंबर को दोनों के बीच विवाद के बाद नरेंद्र को खुर्रमपुरवा गांव बुलाया गया। वहां उसके साथ मारपीट की गई, आधा सिर मुंडाया गया, आधी मूंछ काटी गई तथा जूतों की माला पहनाई गई। घटना का वीडियो बनाए जाने का भी आरोप है।
वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। नरेंद्र ने दावा किया कि उसे लंबे समय तक बंधक बनाकर रखा गया और वह हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाता रहा। पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
दस साल तक घर में छिपी रही प्रेमिका
केरल के पलक्कड़ जिले का एक पुराना मामला भी कभी देशभर में चर्चा का विषय बना था। आईलूर गांव के रहमान पर आरोप लगा था कि उसने अपनी प्रेमिका सजिथा को करीब दस साल तक अपने घर के एक कमरे में छिपाकर रखा।
बताया गया था कि वर्ष 2010 में सजिथा अपने घर से निकलने के बाद लापता हो गई थी। परिवार ने उसकी तलाश की तथा गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चला। परिवार ने उसे मृत मान लिया था।
दूसरी तरफ सामने आई कहानी के मुताबिक सजिथा रहमान के घर में ही रह रही थी। रहमान ने कथित रूप से कमरे को इस तरह सुरक्षित किया था कि परिवार के लोग वहां आसानी से प्रवेश न कर सकें। सजिथा रात के समय ही कमरे से बाहर निकलती थी। लगभग दस वर्ष बाद जब दोनों के साथ होने की जानकारी सामने आई तो परिवार तथा स्थानीय लोग हैरान रह गए।
चार घटनाएं, एक बड़ा सवाल
इन सभी घटनाओं की परिस्थितियां अलग-अलग हैं, मगर प्रत्येक मामला रिश्तों में हिंसा, दबाव, धोखे या सामाजिक भय के गंभीर पहलू सामने लाता है। कानपुर में अदालत ने तेजाब हमले के दोषी को लंबी सजा सुनाकर पीड़िता के पक्ष में क्षतिपूर्ति का आदेश दिया। आगरा तथा हरदोई के मामलों में पुलिस जांच के आधार पर सामने आए आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। वहीं केरल की घटना प्रेम संबंध को लेकर सामने आई एक असाधारण घटना के रूप में चर्चित रही।
रिश्ता चाहे प्रेम का हो, विवाह का हो या परिवार का—विश्वास टूटने के बाद स्थिति किस हद तक भयावह हो सकती है, इन घटनाओं ने इसकी तस्वीर सामने रख दी है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि रिश्तों में विवाद का समाधान हिंसा, धमकी या अपमान से नहीं, कानूनी तथा शांतिपूर्ण तरीके से क्यों नहीं किया जाता।
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