इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर कर दिया, जब यह पता चला कि इस पूरी साजिश के पीछे किसी और का नहीं बल्कि अंशुल की अपनी 30 साल की पत्नी निशा और उसके मौसेरे बहनोई 35 साल के पप्पू उर्फ गंगा भगत का हाथ था. दोनों के बीच पिछले दो साल से इलिसिट रिलेशन यानी अवैध संबंध चल रहे थे, और वे अंशुल को अपने रास्ते से हटाकर आपस में शादी करना चाहते थे.
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
बहनोई के साथ अवैध संबंध, पति को लग गई थी भनक
मूल रूप से लखीमपुर खीरी के रहने वाले अंशुल और उसकी पत्नी निशा नोएडा की एक सेविंग कंपनी (सिलाई कंपनी) में काम करते थे. इसी दौरान नोएडा में ही निशा की मुलाकात उसके मौसेरे भाई पप्पू से हुई. पिछले दो सालों से दोनों के बीच लव अफेयर चल रहा था और पिछले कुछ महीनों से पप्पू निशा के साथ ही रह रहा था. अंशुल को इस अफेयर की भनक लग चुकी थी और उसने अपने घर पर इसकी शिकायत भी की थी. अंशुल इस रिश्ते का विरोध कर रहा था और घर से अलग होने की तैयारी में था, जिससे रास्ते का यह रोड़ा दोनों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया था.
बेरहमी से उतारा मौत के घाट, फिर मकान मालिक को फंसाया
रास्ते के इस कांटे को हटाने के लिए पप्पू अपने गांव से एक अवैध .315-बोर की पिस्टल लेकर आया था. 10 अक्टूबर को छुट्टी होने के कारण अंशुल घर पर बिल्कुल अकेला था और दोपहर के वक्त जब वह सो रहा था, तब पप्पू ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया. उसने पीछे से अंशुल पर पिस्टल से फायर कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया और उसने फोन पर निशा को इस घटना की पूरी जानकारी दी. शातिरता देखिए कि शक से बचने के लिए पप्पू ने पिछले 10 महीने से मकान मालिक का किराया तक नहीं चुकाया था, ताकि लोग यही समझें कि किसी किराए के विवाद में हत्या हुई है.
पुलिस के सामने किया जमकर ड्रामा
घटना के बाद जब शाम को निशा घर लौटी, तो उसने ऐसा नाटक किया मानो उसे कुछ पता ही न हो. उसने जोर-जोर से रोने का ड्रामा किया और सारा शक मकान मालिक पर मढ़ने की कोशिश की. लेकिन, 11 अक्टूबर को अंशुल की बहन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए इस पूरे अफेयर की तरफ इशारा किया. पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ शुरू की, तो आरोपी पप्पू टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई अवैध पिस्टल और एक चला हुआ कारतूस नाले से मैग्नेट की मदद से बरामद कर लिया.
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य के अनुसार, जब्दगी के आधार पर मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 जोड़ दी गई है. पुलिस ने दोनों आरोपियों (निशा और पप्पू) को अरेस्ट कर लिया है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
