देहरादून में IEI उत्तराखंड राज्य केंद्र की 24वीं वार्षिक आम सभा संपन्न, तकनीकी नवाचार और अभियंताओं के व्यावसायिक विकास पर हुआ मंथन


तकनीकी ज्ञान के प्रसार, इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता और सामाजिक विकास में अभियंताओं की भूमिका को सशक्त बनाने पर दिया गया जोर
देहरादून, 17 अक्टूबर 2026। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तराखंड राज्य केंद्र, देहरादून की 24वीं वार्षिक आम सभा (24th Annual General Meeting) सत्र 2025–26 का आयोजन शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उत्तराखंड राज्य केंद्र परिसर में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में संस्था के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी समिति के सदस्यों तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अभियंताओं ने प्रतिभाग किया। सभा में बीते सत्र की गतिविधियों की समीक्षा के साथ इंजीनियरिंग क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के प्रसार, व्यावसायिक विकास, नवाचार और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर


ई. चंद्र प्रकाश शर्मा ने की सभा की अध्यक्षता
वार्षिक आम सभा की अध्यक्षता ई. चंद्र प्रकाश शर्मा, FIE, अध्यक्ष, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तराखंड राज्य केंद्र ने की। बैठक के दौरान संस्था की गतिविधियों, उपलब्धियों और संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए इंजीनियरिंग क्षेत्र में संस्था की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
ई. हिमांशु अवस्थी, FIE, मानद सचिव, IEI-UKSC ने केंद्र की ओर से सत्र 2025–26 के दौरान किए गए कार्यों और विभिन्न गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने संस्था के तकनीकी कार्यक्रमों, अभियंताओं के व्यावसायिक विकास से जुड़े प्रयासों तथा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ज्ञान-विज्ञान के प्रसार के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी।
सभा में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि तकनीकी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से अभियंताओं को नवीनतम तकनीकों, शोध, नवाचार और बदलते औद्योगिक परिवेश से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। इससे इंजीनियरिंग पेशे में गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।
वरिष्ठ अभियंताओं की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में ई. नरेंद्र सिंह, FIE, मेंटर एवं पूर्व अध्यक्ष, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), कोलकाता की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके अनुभव और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े योगदान ने सभा को महत्वपूर्ण आयाम प्रदान किया। इसके अतिरिक्त ई. एस. पी. एस. राघव, FIE, संयोजक, वित्त समिति, IEI-UKSC भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान संस्था के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों, केंद्र की प्रगति तथा आगामी सत्र में तकनीकी गतिविधियों को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने संस्था के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक सहभागिता, नियमित तकनीकी संवाद और अभियंताओं के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान के महत्व पर बल दिया।
तकनीकी शिक्षा और नवाचार पर गरिमा शर्मा ने रखे विचार
कार्यक्रम में ई. गरिमा शर्मा, कार्यकारिणी समिति सदस्य, IEI-UKSC एवं सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, देहरादून ने वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने इंजीनियरिंग शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और पेशेवर दक्षता के महत्व से जुड़े विषयों पर प्रकाश डाला।
सभा में तकनीकी क्षेत्र में हो रहे निरंतर बदलावों के बीच अभियंताओं के लिए नवीनतम ज्ञान से जुड़े रहना आवश्यक बताया गया। तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार के माध्यम से नए समाधान विकसित करने तथा समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप इंजीनियरिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।
सिविल इंजीनियरिंग प्रयोगशाला की भूमिका पर दी जानकारी
कार्यक्रम के एक अन्य महत्वपूर्ण सत्र में ई. मुकेश मोहन, निदेशक, IEI सिविल इंजीनियरिंग प्रयोगशाला ने प्रयोगशाला की गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी परीक्षण सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इंजीनियरिंग क्षेत्र में प्रयोगशाला आधारित परीक्षणों की उपयोगिता तथा तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े निर्माण कार्यों और तकनीकी परियोजनाओं में परीक्षण सुविधाओं का विशेष महत्व होता है। ऐसे में प्रयोगशालाओं के माध्यम से प्राप्त तकनीकी जानकारी और परीक्षण परिणाम निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता तथा निर्धारित मानकों के अनुपालन में सहायक होते हैं। इस विषय पर दी गई जानकारी ने उपस्थित अभियंताओं को प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली और उसकी उपयोगिता से अवगत कराया।
आगामी सत्र की कार्ययोजना पर हुआ विचार-विमर्श
वार्षिक आम सभा में केंद्र की प्रगति, वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के साथ आगामी सत्र में तकनीकी कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। उपस्थित सदस्यों ने इंजीनियरिंग पेशे में उत्कृष्टता, नवाचार, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और पेशेवर क्षमताओं के निरंतर विकास को महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में अभियंताओं की भूमिका को केवल तकनीकी कार्यों तक सीमित न मानते हुए समाज के समग्र विकास से जोड़कर देखने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। बुनियादी ढांचे के विकास, निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तैयार करने में अभियंताओं का योगदान महत्वपूर्ण माना गया।
संस्था की वार्षिक आम सभा इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रही कि इसके माध्यम से बीते सत्र के कार्यों की समीक्षा करने तथा भविष्य की प्राथमिकताओं पर सामूहिक रूप से विचार करने का अवसर मिला। तकनीकी कार्यक्रमों और ज्ञान-विज्ञान के प्रसार को प्रोत्साहित करने के लिए संस्था की सक्रियता को आगे भी बनाए रखने पर जोर दिया गया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में ई. हिमांशु अवस्थी, FIE, मानद सचिव, IEI-UKSC ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों, पदाधिकारियों, कार्यकारिणी समिति के सदस्यों और उपस्थित अभियंताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तराखंड राज्य केंद्र, देहरादून की 24वीं वार्षिक आम सभा सत्र 2025–26 का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बैठक में तकनीकी ज्ञान के विस्तार, अभियंताओं के व्यावसायिक विकास, नवाचार को प्रोत्साहन और समाज के विकास में इंजीनियरिंग क्षेत्र की भूमिका को सशक्त बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।