उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश और फ्रांस में हुई हिंसा जैसी साजिश भारत के लिए भी रची गई थी। रिजिजू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में बांग्लादेश में हुई हिंसक घटना और फ्रांस में हुए दंगों, आगजनी और लूटपाट का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भारत के लिए भी ऐसी ही साजिश रची गई थी।
भारत में बांग्लादेश-फ्रांस जैसी हिंसा…-किरेन रिजिजू
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर
किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा “बांग्लादेश में हुई हिंसक घटना और फ्रांस में जो दंगे, आगजनी और लूटपाट हुईं, ठीक वैसी ही साजिश भारत के लिए भी रची गई थी।” मंत्री ने दावा किया कि भारत विरोधी ग्रुप्स और कुछ नेताओं ने मिलकर युवाओं को भड़काया और सड़कों पर हिंसा करवाई।
विरोधी गैंग और कुछ नेताओं ने मिलकर युवाओं को भड़काया
विपक्षी पार्टियों पर हमला करते हुए केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री ने कहा “भारत विरोधी गैंग और कुछ नेताओं ने मिलकर युवाओं को भड़काया और हमारी सड़कों पर हिंसा फैलाई। लेकिन जिन्होंने यह खतरनाक साजिश रची, वे भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस।”
‘भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस’
आगे उन्होंने कहा ‘इस खतरनाक साजिश रचने वाले भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश हैं और न ही फ्रांस।” इस बीच मंत्री ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से ही हो सकता है। उन्होंने कहा, “भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल संभव है, लेकिन केवल चुनावों के माध्यम से, सोरोस के माध्यम से नहीं।”
इससे पहले शनिवार को, किरेन रिजिजू ने साफ तौर पर कहा कि भारत का डेमोक्रेटिक शासन चुनावों के ज़रिए जनता के आदेश से तय होता है और उन्होंने गैर-संवैधानिक राजनीतिक उथल-पुथल की किसी भी कोशिश को खारिज कर दिया। रिजिजू ने कहा, “बढ़े हुए ‘रिजीम चेंज’ करने वाले!! कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है!”
प्रशांत भूषण की विवादित टिप्पणी
यह तब हुआ जब सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन को “सत्ता बदलने की लड़ाई” बताया, जिसके बाद राजनीतिक बवाल मच गया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की प्रेसिडेंट नेहा बोरा ने बांग्लादेश में Gen Z के नेतृत्व वाले आंदोलन का भी ज़िक्र किया था।
