खिलाड़ी कई तरह के होते हैं। मैदान खेल का हो, राजनीति का या अपराध की दुनिया का, जीत उसी की होती है जो चालें समझकर चलता है। लेकिन रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच बीते 22 वर्षों के रिश्ते की कहानी कई सवाल खड़े करती है।
गिरधारी लाल साहू के दावों के मुताबिक, रेखा आर्य दो सूट लेकर घर से निकली थीं। वह उन्हें सड़क से उठाकर विधानसभा तक लाए और राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वही रेखा आर्य दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। सवाल है कि इस रिश्ते में किसने किसका इस्तेमाल किया?
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
रेखा आर्य के आरोपों के अनुसार, गिरधारी लाल साहू पहले से शादीशुदा थे और उनके दूसरी महिलाओं से संबंध भी थे। उनके अतीत को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। यदि ये बातें पहले से सामने थीं, तो उस समय रेखा आर्य ने इन्हें नजरअंदाज क्यों किया? क्या यह उनका भोलापन था या राजनीति की बिसात पर सोची-समझी चाल?
