उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर में एक निजी कंपनी की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित पार्टी के दौरान युवती से कथित दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कंपनी के दस साल पूरे होने पर दिल्ली से करीब 40 कर्मचारी रामनगर स्थित एक रिजॉर्ट में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

कार्यक्रम के दौरान एक युवती ने अपने ही सहकर्मी पर जबरन शराब पिलाकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, दूसरे सहकर्मी पर भी दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत पर रामनगर कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

जानकारी के अनुसार, निजी कंपनी के दस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रामनगर के ढेला क्षेत्र स्थित एक रिजॉर्ट में कॉर्पोरेट कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कंपनी की शाखाएं दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद समेत कई स्थानों पर संचालित हैं। कंपनी में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, लेकिन इस विशेष आयोजन में लगभग 40 कर्मचारियों को आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में कंपनी से संबंधित बैठकों, कॉन्फ्रेंस और अन्य गतिविधियों के साथ कर्मचारियों के मनोरंजन के लिए पार्टी की भी व्यवस्था की गई थी।

दसवीं वर्षगांठ का जश्न बना विवाद की वजह

पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने 24 और 25 अक्टूबर को दो दिवसीय कॉर्पोरेट आउटिंग आयोजित की थी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कर्मचारी दिल्ली और आसपास के इलाकों से रामनगर पहुंचे थे।

आयोजन का उद्देश्य कंपनी की दस वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाने के साथ कर्मचारियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना था। दिन में कंपनी से संबंधित गतिविधियां आयोजित की गईं, जबकि शाम को पार्टी रखी गई थी।

इसी कार्यक्रम के दौरान युवती के साथ कथित यौन अपराध की घटना सामने आई। पीड़िता दिल्ली की रहने वाली है और कंपनी की सेल्स टीम से जुड़ी बताई गई है।

कमरे में बुलाकर जबरन शराब पिलाने का आरोप

पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 अक्टूबर की रात करीब 11:30 बजे उसे रिजॉर्ट के एक कमरे में बुलाया गया था। वहां कंपनी की सेल्स टीम के कुछ सदस्य मौजूद थे और शराब पी रहे थे

युवती का आरोप है कि कमरे में मौजूद उसके सहकर्मी शुभम ने उस पर शराब पीने का दबाव बनाया। इसके बाद कथित तौर पर उसे जबरन और शराब पिलाई गई।

शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान शुभम ने युवती के साथ उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने इस घटना को दुष्कर्म बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा दूसरे सहकर्मी सौरभ पर भी युवती के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

युवती की बिगड़ी तबीयत, दूसरे कमरे में ले गए आरोपी

शिकायत के अनुसार, घटना के दौरान युवती की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे बार-बार उल्टियां होने लगीं। इसके बाद दोनों आरोपी उसे दूसरे कमरे में ले गए, जहां कंपनी के अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

युवती का कहना है कि अगले दिन भी उसकी तबीयत सामान्य नहीं हुई। शारीरिक और मानसिक परेशानी के बीच उसने कंपनी की एचआर मैनेजर को पूरी घटना की जानकारी दी।

पीड़िता ने 25 अक्टूबर की शाम कंपनी की एचआर मैनेजर को आपबीती बताई। इसके बाद 26 अक्टूबर को रामनगर कोतवाली पहुंचकर दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की।

दो आरोपियों पर मुकदमा, पुलिस ने लिया हिरासत में

रामनगर कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 और धारा 62 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। धारा 64 दुष्कर्म से संबंधित है, जबकि धारा 62 अपराध करने के प्रयास से जुड़े प्रावधानों के अंतर्गत आती है।

मामले में दोनों नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय कमरे में कौन-कौन मौजूद था और किन परिस्थितियों में युवती को वहां बुलाया गया था।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया है। फॉरेंसिक टीम ने रिजॉर्ट के संबंधित कमरे से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की है।

रामनगर कोतवाल सुशील कुमार के अनुसार, पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रिजॉर्ट के कर्मचारियों से भी जुटाई जा रही जानकारी

पुलिस मामले से जुड़े घटनाक्रम को समझने के लिए रिजॉर्ट के कर्मचारियों और कार्यक्रम में शामिल लोगों से जानकारी जुटा रही है।

जांच के दौरान यह महत्वपूर्ण होगा कि पीड़िता को किसने कमरे में बुलाया, वहां किन लोगों की मौजूदगी थी और घटना के बाद युवती को दूसरे कमरे में क्यों ले जाया गया।

रिजॉर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि आरोपियों और पीड़िता की कमरे के आसपास कब आवाजाही हुई थी।

हालांकि सीसीटीवी फुटेज से जुड़े किसी अंतिम निष्कर्ष की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कॉर्पोरेट कार्यक्रमों में महिला सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने कार्यस्थल से बाहर आयोजित होने वाले कॉर्पोरेट कार्यक्रमों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए कॉन्फ्रेंस, प्रशिक्षण शिविर, टीम बिल्डिंग कार्यक्रम और वार्षिक समारोह आयोजित करती हैं। इन आयोजनों में कर्मचारी अक्सर अपने नियमित कार्यस्थल से दूर होटल या रिजॉर्ट में ठहरते हैं।

ऐसी परिस्थितियों में आयोजकों की जिम्मेदारी होती है कि कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। यौन उत्पीड़न की शिकायत सामने आने पर उसे गंभीरता से लेना और संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करना आवश्यक है।

कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानून के तहत कार्यस्थल की अवधारणा में काम के सिलसिले में कर्मचारी द्वारा भ्रमण किए जाने वाले स्थान भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में कंपनी से संबंधित आयोजन के दौरान शिकायत सामने आने पर आंतरिक शिकायत प्रक्रिया भी प्रासंगिक हो सकती है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी घटना

पुलिस का कहना है कि युवती के आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। दोनों आरोपियों की भूमिका, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल युवती द्वारा लगाए गए आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

कंपनी की दसवीं वर्षगांठ का जश्न मनाने के लिए आयोजित यह कार्यक्रम अब गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण चर्चा में है। घटना ने कॉर्पोरेट आयोजनों में कर्मचारियों की सुरक्षा, शिकायत निवारण और आयोजकों की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने ला दिया है।