उत्तराखंड 25th Anniversary: उत्तराखंड में कई परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित किया. जिसमें उन्होंने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड भारत के आध्यात्मिक जीवन की धड़कन है.

गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, जागेश्वर और आदि कैलाश. ऐसे तीर्थस्थल हमारी आस्था और भक्ति के प्रतीक हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु इन पवित्र धामों की तीर्थ यात्रा पर आते हैं. […]

संपादकीय लेख“भाषा से जीवन तक – कुमाऊँनी सम्मेलन में नेत्रदान का उजाला”✍️ अवतार सिंह बिष्ट

रुद्रपुर में आयोजित राष्ट्रीय कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन 2025 केवल भाषा, साहित्य और संस्कृति तक सीमित नहीं रहा — इस बार यह मानवीय संवेदनाओं, जीवनदायिनी सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी […]

कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन : भाषा, संस्कृति और आत्मगौरव का उत्सव(समापन सत्र पर विशेष रिपोर्ट)

रुद्रपुर/भाषा ही हमारी अस्मिता की आत्मा है, और जो अपनी भाषा को बचा लेता है, वह अपनी पहचान को भी अमर कर देता है।” — यही संदेश समेटे तीन दिवसीय […]

संपादकीय“अपनी बोली, अपनी मिट्टी — कुमाऊनी सम्मेलन का समापन बने सांस्कृतिक एकता का संदेश”

रुद्रपुर। कुमाऊनी भाषा, संस्कृति और पहचान को समर्पित तीन दिवसीय सम्मेलन का आज अंतिम दिन है — एक ऐसा दिन जो केवल समापन नहीं बल्कि हमारी सामूहिक चेतना का पुनर्जागरण […]

✍️ संपादकीय लेख :दीपमाला के निर्देशन में छात्राओं का लोकनृत्य बना रजत जयंती का आकर्षण”जय हो कुमाऊँ, जय हो गढ़वाला छात्राओं की प्रस्तुति ने रजत जयंती समारोह में बांधा समां” “बरामदे में सिमटी रजत जयंती —

रुद्रपुर, 08 नवम्बर 2025।उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती इस बार प्रशासनिक सीमाओं के भीतर एक औपचारिक आयोजन बनकर रह गई, परंतु सनातन धर्म कन्या इण्टर कॉलेज, रुद्रपुर की […]

(श्रद्धांजलि)सुषमा पंत हत्याकांड” पर शिक्षकों का आक्रोश – शिक्षक संघ ने उठाई फांसी की मांग, न्याय के लिए एकजुट हुआ शिक्षाजगत

रुद्रपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा शोक और क्रोध का सैलाब — शिक्षक संघ ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा से न्याय सुनिश्चित करने की मांग की, दोषियों को […]

कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन के दूसरे दिन शब्दों की सार्थक साधना — भाषा मानकीकरण पर गंभीर विमर्श, सम्मान और विमोचन ने बढ़ाई गरिमा

रुद्रपुर। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रुद्रपुर इन दिनों उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, मातृभाषा और साहित्यिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। कुमाऊँनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति, कसारदेवी (अल्मोड़ा) तथा […]

रजत जयंती वर्ष का सिमटा उत्सव : राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा ने रुद्रपुर को किया निराश !

रुद्रपुर, उत्तराखंड — राज्य स्थापना दिवस, जिसे कभी जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साझा उत्सव के रूप में मनाया जाता था, इस बार अपने ही घर में सीमित होकर रह […]

संपादकीय लेख : रजत जयंती समारोह — गौरवशाली अतीत की छाया में सिमटता उत्सव

उत्तराखंड राज्य की स्थापना का उद्देश्य केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि पहाड़ की आत्मा और अस्मिता को स्वर देना था। उस आंदोलन में जिन राज्य आंदोलनकारियों ने अपने रक्त, तप […]

भ्रष्टाचार की नई जमीन : जब सत्ता और संपत्ति एक ही बिस्तर पर सोने लगें

भारत में भ्रष्टाचार कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन अब यह महामारी बन चुका है। भूमि घोटाले — यानी जनता की जमीन को सत्ता के सौदागरों द्वारा औने-पौने दामों में […]