उत्तराखंड की गोद में बसे अनगिनत रहस्यमय स्थानों में से एक है पाताल भुवनेश्वर मंदिर. यह मंदिर ना सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपने रहस्यों और प्राकृतिक संरचना के कारण यहां आने वाले हर व्यक्ति को चौंका देता है.

कहा जाता है कि इस गुफा मंदिर में दुनिया के खत्म होने का रहस्य छिपा हुआ है और यही बात इसे बाकी मंदिरों से अलग और विशेष बनाती है. जी […]

पहाड़ की संस्कृति, शिक्षा और पहचान का संगम – चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का वार्षिकोत्सव बनेगा ऐतिहासिक”— सांस्कृतिक जगमगाहट — श्वेता मेहरा और टीम का भव्य प्रदर्शन

रुद्रपुर, उधमसिंह नगर।जिस धरा ने अपने लोकगीतों, लोकनृत्यों और पर्वतीय संस्कारों से पूरे देश को आत्मगौरव का पाठ पढ़ाया, उसी धरती पर अब एक और ऐतिहासिक शाम उतरने जा रही […]

स्वर्गीय प्रकाश पंत की स्मृतियों में राज्य आंदोलनकारी गोपू महर – जनसरोकारों के प्रहरी की नजर से उत्तराखंड की रजत जयंती”

उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर, जब पूरा पर्वतीय प्रदेश अपने सपनों, संघर्षों और उपलब्धियों का लेखा-जोखा कर रहा है, वहीं पिथौरागढ़ से […]

संपादकीय ;अल्मोड़ा जिला अस्पताल में आयुर्वेदिक व्यवस्था सुदृढ़ — आरटीआई कार्यकर्ता संजय पाण्डे की जिद ने बदली तस्वीर

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की भूमिका,अल्मोड़ा के पंडित हर गोविंद पंत जिला चिकित्सालय में बीते कुछ महीनों में जो परिवर्तन देखने को मिला है, वह प्रशासनिक ईमानदारी, जनदबाव और आरटीआई (सूचना […]

बिहार विधानसभा विधानसभा चुनाव को लेकर राजस्थान के मशहूर फलोदी सट्टा बाजार के ताजा आंकड़ों ने बिहार के सियासी दलों के होश उड़ा दिए हैं। पहले चरण के चुनाव में 121 विधानसभा सीटों पर रिकॉर्ड 65 फीसदी से जायदा मतदान होने के बाद बिहार में बड़े स्तर पर फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि फलोदी सट्टा बाजार के आंकड़ों में न तो नीतीश कुमार और ना ही तेजस्वी यादव की पार्टी क्रमशः जदयू-राजद बिहार में सबसे ज्यादा सीट ला रही है। यहां तक […]

संपादकीय लेख“भाषा से जीवन तक – कुमाऊँनी सम्मेलन में नेत्रदान का उजाला”✍️ अवतार सिंह बिष्ट

रुद्रपुर में आयोजित राष्ट्रीय कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन 2025 केवल भाषा, साहित्य और संस्कृति तक सीमित नहीं रहा — इस बार यह मानवीय संवेदनाओं, जीवनदायिनी सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी […]

कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन : भाषा, संस्कृति और आत्मगौरव का उत्सव(समापन सत्र पर विशेष रिपोर्ट)

रुद्रपुर/भाषा ही हमारी अस्मिता की आत्मा है, और जो अपनी भाषा को बचा लेता है, वह अपनी पहचान को भी अमर कर देता है।” — यही संदेश समेटे तीन दिवसीय […]

✍️ संपादकीय लेख :दीपमाला के निर्देशन में छात्राओं का लोकनृत्य बना रजत जयंती का आकर्षण”जय हो कुमाऊँ, जय हो गढ़वाला छात्राओं की प्रस्तुति ने रजत जयंती समारोह में बांधा समां” “बरामदे में सिमटी रजत जयंती —

रुद्रपुर, 08 नवम्बर 2025।उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती इस बार प्रशासनिक सीमाओं के भीतर एक औपचारिक आयोजन बनकर रह गई, परंतु सनातन धर्म कन्या इण्टर कॉलेज, रुद्रपुर की […]

कुमाऊँनी भाषा सम्मेलन के दूसरे दिन शब्दों की सार्थक साधना — भाषा मानकीकरण पर गंभीर विमर्श, सम्मान और विमोचन ने बढ़ाई गरिमा

रुद्रपुर। शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (डायट) रुद्रपुर इन दिनों उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, मातृभाषा और साहित्यिक चेतना का केंद्र बना हुआ है। कुमाऊँनी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति प्रचार समिति, कसारदेवी (अल्मोड़ा) तथा […]

रजत जयंती वर्ष का सिमटा उत्सव : राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा ने रुद्रपुर को किया निराश !

रुद्रपुर, उत्तराखंड — राज्य स्थापना दिवस, जिसे कभी जनता, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साझा उत्सव के रूप में मनाया जाता था, इस बार अपने ही घर में सीमित होकर रह […]