संपादकीय:उत्तराखंड में फर्जी ईडब्ल्यूएस और बीपीएल सर्टिफिकेट: गरीबों के अधिकारों पर डाका

केंद्र सरकार ने 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) को 10% आरक्षण देकर सामाजिक न्याय की नई राह खोली थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे संवैधानिक मान्यता […]

मुंबई की अंधेरी गलियाँ?क्राइम स्टोरी : “डैडी – दगड़ी चॉल से विधानसभा तक”

मुंबई का नाम लेते ही अंडरवर्ल्ड की कहानियाँ सामने आ जाती हैं। दाऊद इब्राहिम, हाजी मस्तान, करिम लाला और छोटा राजन जैसे डॉन के बीच एक और नाम दशकों तक […]

शिक्षक दिवस पर चंदोला मेडिकल कॉलेज में शिक्षक सम्मान व सेवा शिक्षा, स्वास्थ्य और संगीत का अद्भुत संगम

रुद्रपुर, 04 सितम्बर 2025।भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती की पूर्व संध्या पर चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक भव्य शिक्षक सम्मान […]

धामी सरकार की उपलब्धियां और सकारात्मक पहल

उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कार्यकाल एक स्थिर और निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण बनकर उभर रहा है। साढ़े तीन वर्षों की अवधि में धामी सरकार ने […]

संपादकीय :तीलू रौतेली पुरस्कार: नारी शक्ति का उत्सव और समाज निर्माण का संकल्प’13 चयनित महिलाओं और 33 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों

उत्तराखंड की धरती हमेशा से वीरांगनाओं और जननायकों की कर्मभूमि रही है। इस देवभूमि की हर घाटी और हर गांव में साहस, संघर्ष और त्याग की कहानियां पीढ़ी दर पीढ़ी […]

मसूरी गोलीकांड: शहादत की गाथा और अधूरे सपनों का सच

उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास बलिदानों से भरा पड़ा है। 1 सितम्बर 1994 के खटीमा गोलीकांड और उसके ठीक अगले दिन 2 सितम्बर को हुए मसूरी गोलीकांड ने इस पर्वतीय […]

मसूरी गोलीकांड : जब निहत्थों पर बरसीं गोलियाँ और टूटे लोकतंत्र के भ्रम?मसूरी गोलीकांड : शहादत और अधूरे सपने

मसूरी गोलीकांड : शहादत और अधूरे सपने 2 सितम्बर 1994, उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का वह काला दिन है जब शांतिपूर्ण मौन जुलूस निकाल रहे निहत्थे आंदोलनकारियों पर पुलिस और […]

सीएम धामी ने खटीमा गोलीकांड के शहीदों को नमन किया: राज्य आंदोलन के सपनों को साकार करने का संकल्प

खटीमा, 01 सितम्बर 2025।उत्तराखंड राज्य निर्माण के इतिहास में 1 सितम्बर 1994 का दिन एक अमिट अध्याय है। यही वह दिन था जब खटीमा की धरती पर आंदोलनकारियों के सीने […]

खटीमा शहीद स्मारक और 1 सितंबर 1994 का राज्य आंदोलन?खटीमा गोलीकांड 1994: उत्तराखंड आंदोलन का काला दिन और अधूरी न्यायगाथाखटीमा गोलीकांड 1994: उत्तराखंड आंदोलन का काला दिन और अधूरी न्यायगाथा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी:खटीमा गोलीकांड की बरसी पर शहीद स्थल, खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में शहीद राज्य आन्दोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शहीद राज्य आन्दोलनकारियों […]

संपादकीय:भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व की राजनीति?ऐतिहासिक पृष्ठभूमि!उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए हमें इतिहास की गहराई में जाना होगा।

उत्तराखंड की धरती सदियों से देवभूमि के नाम से जानी जाती है। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी पहचान […]