शास्त्रों में पितृ ऋण को भी महत्वपूर्ण ऋण माना गया है। इसमें भी सातों लोको में स्थित सातों पितृ गणों को लिया जाता है। परंतु माता-पिता का ऋण सबसे बड़ा […]
Category: हिमाचल प्रदेश
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मुंबई की अंधेरी गलियाँ?क्राइम स्टोरी : “डैडी – दगड़ी चॉल से विधानसभा तक”
मुंबई का नाम लेते ही अंडरवर्ल्ड की कहानियाँ सामने आ जाती हैं। दाऊद इब्राहिम, हाजी मस्तान, करिम लाला और छोटा राजन जैसे डॉन के बीच एक और नाम दशकों तक […]
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संपादकीय:भारतीय जनता पार्टी और हिंदुत्व की राजनीति?ऐतिहासिक पृष्ठभूमि!उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को समझने के लिए हमें इतिहास की गहराई में जाना होगा।
उत्तराखंड की धरती सदियों से देवभूमि के नाम से जानी जाती है। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश न केवल प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी पहचान […]
संपादकीय ;आसमानी आफ़त और हमारी लापरवाह तैयारियांमोहिनी बिष्ट, मुख्य संपादक, शैल ग्लोबल टाइम्स (ग्राम लिगड़ी से)
बोरागाढ़, चमोली जिले के चेपड़ों गांव में आई आपदा ने एक बार फिर उत्तराखंड की असहाय स्थिति को सामने ला खड़ा किया है। गांव के लोगों की सतर्कता और टुनरी […]
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कुत्ता प्रेम या विदेशी एजेंडा? भारत को कमज़ोर करने का एक और खेल
जब से सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों पर निर्णय दिया है, उससे अधिक चर्चा कुत्ता प्रेमियों की सक्रियता पर हो रही है। गली-गली से लोग यह कहते दिखाई दे रहे […]
ज्योतिष में चंद्र ग्रह की स्थिति का खास महत्व है, जिसका प्रकाश व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, माता के साथ संबंध, भावनात्मक स्थिति और जीवन के कई अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर पड़ता है।
दरअसल, चंद्र ग्रह यानी चंद्रमा को माता, मन, भावना, स्वभाव, जल, तरल पदार्थ और देखभाल का कारक माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार, 18 अगस्त 2025 को दोपहर 2 […]
संपादकीय ;शुभांशु शुक्ला की वापसी: भारत के अंतरिक्ष सपनों की नई उड़ान
17 अगस्त का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। यह वही दिन है जब उत्तर प्रदेश की धरती से निकला एक युवा, अपनी अथक मेहनत और […]
संपादकीय लेख:अलास्का बैठक: समझौते के बिना भी गहरे संकेत
अलास्का के एंकरेज में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दी है। यह मुलाकात भले ही किसी ठोस […]
Independence Day 2025: धर्मग्रंथ केवल आध्यात्मिक ज्ञान का भंडार नहीं हैं, बल्कि इनमें इतिहास और आजादी की ऐसी गाथाएं भी दर्ज हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है. कई बार धर्म के नायक ही स्वतंत्रता के प्रतीक बनकर समाज को नई राह दिखाते हैं.
राम, कृष्ण, द्रौपदी, और कई अन्य पात्रों की कहानियां यही साबित करती हैं कि धर्म और आजादी का रिश्ता कितनी गहरी परतों में जुड़ा हुआ है. इस खबर में हम […]
भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था, इसलिए इसे कृष्ण जन्माष्टमी कहा जाता है। जन्माष्टमी को कृष्णाष्टमी, गोकुलाष्टमी, अष्टमी रोहिणी, श्री कृष्ण जयंती, जन्माष्टमी और श्री जयंती जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है।
भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी के निर्धारण में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण के बाल रूप […]
