बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को आज हर कोई जानता है। उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब प्रभावित किया है। संजीदा किरदारों से लेकर कॉमिक टाइमिंग तक, उन्होंने हर रोल में जान डाली है।

लेकिन अब नाना पाटेकर के करियर में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जो हाउसफुल 5 है। यह फिल्म अब उनके करियर की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बन […]

कनाडा की सरकार नागरिकता कानून में नया और एक बड़ा बदलाव करने वाली है। इसके लिए वहां की सरकार ने C-3 नाम का एक नया विधेयक संसद में पेश किया है। इस बिल के मुताबिक, अब कनाडा में जनमें बच्चों को वहां की नागरिकता नहीं मिल सकेगी।

यह नया विधेयक कनाडा के नागरिकता कानून को और सख्त बना सकता है। यह विधेयक मौजूदा वंशानुक्रम आधारित नागरिकता प्रणाली में बड़ा बदलाव करता है। अब अगर कोई कनाडाई नागरिक […]

भारत की रक्षा ताकत D को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला एक बड़ा कदम सामने आया है. DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने एक ऐसा एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम तैयार किया है जो दुश्मन की न्यूक्लियर मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर सकता है.

यह स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम भारत की अपनी तकनीक से विकसित किया गया है और यह दुश्मन की मिसाइल को धरती पर गिरने से पहले ही नष्ट कर […]

🚗 पर्यटन और वाहनों से बढ़ता प्रदूषण: पहाड़ों की सांस घुटने लगी है उत्तराखंड के पहाड़ी शहरों—विशेषकर नैनीताल, मसूरी, रामनगर, ऋषिकेश और चंपावत—में इन दिनों मैदानी गर्मी और स्कूलों की छुट्टियों के चलते पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। हर दिन हजारों की संख्या में गाड़ियां पर्वतीय सड़कों पर चढ़ाई कर रही हैं। इसका सीधा असर उत्तराखंड की वायु गुणवत्ता और पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ रहा है। जहाँ एक ओर पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है, वहीं दूसरी ओर अनियंत्रित वाहन प्रवाह ने धुंध, प्रदूषण और ट्रैफिक जाम की विकराल समस्या पैदा कर दी है। नैनीताल और मसूरी जैसे शहरों में स्थिति यह हो चुकी है कि घंटों तक गाड़ियां रेंगती हैं, और पर्यटक व स्थानीय नागरिक दोनों ही दमघोंटू हवा में फँस जाते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआँ, पहाड़ों पर धीरे-धीरे फैलती धुंध, और ऑक्सीजन की गिरती मात्रा अब चिंता का विषय बन चुकी है। न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से यह खतरनाक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी—बच्चे, बुज़ुर्ग और अस्थमा के मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वह पार्किंग की सीमा निर्धारित करे, पर्यटन सीजन में बाहरी वाहनों की संख्या सीमित करे और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे। नहीं तो आने वाले वर्षों में “प्राकृतिक सौंदर्य की देवभूमि” केवल पोस्टकार्ड में ही दिखाई देगी—वास्तविकता में नहीं।

उत्तराखंड में तापमान, धुंध और प्रदूषण का खतरा: मानसून की दस्तक से पहले क्यों बिगड़ रहा है पहाड़ों का मौसम? ✍️ संवाददाता: अवतार सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी / शैल […]

उत्तराखंड में इस बार वीकेंड पर सड़कों पर बुरा हाल हो गया. यहां घूमने आए पर्यटक घंटों जाम में फंसे रहे. प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लंबे जाम लग गया. देहरादून, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी, हल्द्वानी, नैनीताल, रामनगर, कॉर्बेट इन सभी इलाकों में कई किलोमीटर लंबा जाम देखा गया.

रामनगर से जिम कॉर्बेट तक जाने वाली सड़क पर लगभग 21 किलोमीटर लंबा जाम देर रात 12 बजे तक लग रहा. ये हाल तब है जब ठीक से अभी पर्यटन […]

क्या जश्न का समय है या आत्ममंथन का? – उत्तराखंड में भाजपा के 11 साल की उपलब्धियों की पड़ताल” लेखक: अवतार सिंह बिष्ट, संपादक – शैल ग्लोबल टाइम्स / उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा केंद्र में मोदी सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 जून से 9 जुलाई तक चलाए जा रहे अभियान […]

अंकित भंडारी हत्याकांड: संघर्ष की मशाल और जनआंदोलन की चेतना !अनिल जोशी का सहयोग: संघर्ष की रीढ़ लेखक: अवतार सिंह बिष्ट, अध्यक्ष – उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद

रुद्रपुर,उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर जब भी अन्याय, अत्याचार या शोषण का अंधकार छाया है, तब-तब यहां की जनता ने अपनी आवाज बुलंद की है। ऐसा ही एक काला अध्याय […]

संपादकीय ;सावधानी ही सुरक्षा है – उत्तराखंड में कोरोना की पुनरावृत्ति पर चेतावनी

रुद्रपुर उत्तराखंड में एक बार फिर कोरोना वायरस की दस्तक ने स्वास्थ्य महकमे के साथ-साथ आम नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। चारधाम यात्रा और वैष्णोदेवी से लौटे तीन श्रद्धालुओं […]

संपादकीय लेख: उत्तराखंड में कांग्रेस का अंतर्मंथन—गुटबाजी, आत्मघात और अस्तित्व का संकट?संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट

उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्षों बाद आज राजनीति के इस दौर में अगर किसी दल की सबसे अधिक दुर्दशा सामने है, तो वह कांग्रेस है। कभी इस राज्य के […]

अ क्षय ऊर्जा क्षेत्र में भारत ने न केवल महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं, बल्कि दृढ़ संकल्प, नवाचार और बेजोड़ प्रदर्शन के साथ उन्हें हासिल भी किया है। सौर ऊर्जा में तीसरे, पवन ऊर्जा और कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में चौथे स्थान के साथ आज भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में से एक है।

232 गीगावाट से अधिक स्थापित और 176 गीगावाट निर्माणाधीन नवीकरणीय क्षमता होने के साथ हम न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहे हैं, बल्कि ऊर्जा में बदलाव से […]