हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ प्रिंट मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड
Category: उधम सिंह नगर उत्तराखंड
कुमाऊ प्रदेश स्तरीय सम्मेलन श्रमजीवी पत्रकार यूनियन,
कुमाऊ प्रदेश स्तरीय सम्मेलन श्रमजीवी पत्रकार यूनियन हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ प्रिंट मीडिया शैल ग्लोबल टाइम्स/ अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड बाजपुर सुल्तानपुर पट्टी/श्रमजीवी पत्रकार यूनियन बाजपुर का शपथ ग्रहण समारोह […]
पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सतत कृषि उत्पादन को समृद्ध बनाने हेतु पुनर्याेजी कृषि पद्धतियों को अपना कर कृषि आय में वृद्धि।रूद्रपुर 10 मई, 2024/सू0वि0- जनपद में पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को अपनाने वाले किसानों के लिए कार्बन वित्त परियोजना पर स्थानीय हितधारक परामर्श पर वराहा क्लाइमेट एजी कम्पनी एवं कृषि विभाग के सहयोग से विकास भवन सभागार रुदपुर में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वराहा क्लाइमेट एजी कम्पनी के क्षेत्रीय प्रबन्धक धीरज भट्ट ने बताया की कृषक, पुनर्याजी कृषि पद्धतियों जैसे धान की सीधी बीजाई. जैविक खेती, दलहनी फसलों की खेती, फसल अवशेष प्रबन्धन, जीरो टिलेज, जैविक खेती के द्वारा कार्बन क्रेडिट अर्जित कर अतिरिक्त कृषि आय प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही जो किसान अपने खेतों में किसी प्रकार की पुनर्याेजी खेती का अभ्यास कर रहे है।हितधारक परामर्श बैठक में धीरज भट्ट ने बताया कि कार्बन क्रेडिट क्या होते है? कैसे बनते है? तथा इसके क्या लाभ है? और किसान कैसे इस परियोजना के साथ जुड़ सकते है? इस सब बातों पर गहन चर्चा की गई। बैठक में मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, फसल विविधता, और पर्यावरण को उद्धरण करने के लिए आधुनिक कृषि तकनीको पर विचार विमर्श किया गया। साथ ही कृषि नवाचार को बढ़ावा देने और सतत समृद्ध कृषि विकास को प्रोत्साहित करने में सहयोग और साझेदारी की महत्वता को उजागर किया। साथ ही श्री भट्ट के द्वारा अवगत कराया गया, कि परियोजना की प्रचार-प्रसार हेतु विकास खण्ड स्तर पर भी बैठकों का आयोजन कराया जायेगा, जिससे इस परियोजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक कृषकों को जोड़ कर सत्त कृषि उत्पादन कर कृषि आय में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी किया जा सके।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी डॉ ए.के. वर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी संगीता आर्य, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, सहित सहायक आयुक्त गन्ना विभाग, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी, एन आर […]
रुद्रपुर,नागेंद्र भट्ट।MD swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स एवं बिल्डर ने जो आरोप लगाए हैं पूरी तरह से फर्जी है। मेने 95% प्लांट जो की। swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स md नागेंद्र भट्ट के द्वारा निर्मित कॉलोनी में प्लांट मेरे द्वारा बेचे गए । सभी प्लांट खरीदने वालों ने नागेंद्र भट्ट md swarnika,स्वर्णिका को नगद ,अकाउंट में पेमेंट दिया। क्योंकि मैं प्रत्येक प्लांट पर कमीशन के बेस पर कार्यरत था। नागेंद्र भट्ट के खाते से प्रत्येक प्लांट की कमीशन मेरे खाते में आती रही। अंकित बोस ने आय से अधिक संपत्ति का भी लगाया ज्ञानेंद्र भट्ट md स्वर्णिका ज्वेलर्स पर आरोप , हल्द्वानी में केएफसी के पास करोड़ों का फ्लैट, रुद्रपुर में swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स जो पूर्व में पीसी ज्वेलर्स के नाम से था ,हल्द्वानी में गुरु रतन केंद्र ज्वेलर्स , रुद्रपुर स्थित टाइटन शोरूम बिल्डिंग करोड़ों में सौदा,25 अप्रैल को खटीमा में swarnika,स्वर्णिका ज्वेलर्स के नाम से नए भाग्य शोरूम का उद्घाटन , एवं 1000 करोड़ से अधिक की संपत्ति विभिन्न रिश्तेदारों के नाम। ED की कार्रवाई मुझ पर नहीं नागेंद्र भट्ट पर होनी चाहिए। अंकित बोस…..क्रमश पार्ट 1
Ankit Bose वर्तमान में जयनगर स्थित आलीशान परिसर आफिस से अपने सभी कारोबार को चला रहा है और 95% अंकित बोस के द्वारा बेचे गए प्लाट की रजिस्ट्री खुद नागेंद्र […]
रूद्रपुर 06 मई, 2024- जिला मजिस्टेªट उदयराज सिंह ने बताया कि विभिन्न माध्यमों/श्रोतो से ज्ञात हुआ है कि जनपद में फसल कटाई के उपरांत खाली खेतों में गेहूं/धान की बची हुई (अवशेष)/चारा आदि को जलाया जाता है, जिससे जहां एक ओर पर्यावरण/वातावरण प्रदूषित होता है वही बुजुर्गो, छोटे बच्चों के साथ ही आम जनमानस को भी श्वांस सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गर्मी बढ़ रही है, जिससे आग लगने की सम्भावना भी बढ़ रही है। इसके अतिरिक्त पर्यावरण/वातावरण फैली धुंध से परिवहन में भी काफी दिक्कते आती है। उन्होने बताया कि वर्तमान स्थिति में गेहूॅ/धान की बची हुई अवशेषों भूसा, पराली, पुआल आदि जलाये जाने पर प्रतिबन्ध लगाना आवश्यक है।जिला मजिस्टेªट ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत जनपद में भूसा, पराली, पुआल आदि को खेतों में व अन्य स्थानों पर जलाने पर तत्काल प्रभाव से सम्पूर्ण रूप से 30 जून 2024 तक रोक लगाई है।
उपरोक्त आदेश का उल्लंघन वर्तमान में प्रवृत्त अन्य कानूनों के प्रासंगिक प्राविधानों व नियमों के तहत अनुमन्य न होने के कारण भा.द.सं. की धारा-188 सपठित वायु एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम […]
