मेडिकल कॉलेज में जयंती, मंच पर खनन की उपलब्धि: मुख्यमंत्री का विकास-भाषण”

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में पंडित राम सुमेर शुक्ला की 47वीं जयंती पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भाषण विकास के दावों और राजनीतिक उपलब्धियों का मिश्रण रहा। […]

भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में करारी हार मिली। रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहले खेलते हुए केएल राहुल की कप्तानी वाली टीम ने बोर्ड पर 358 रन टांगे।

इसके बाद भी साउथ अफ्रीका ने मैच अपने नाम कर लिया। ओस की वजह से गेंदबाजों के लिए कुछ खास मदद नहीं थी। साउथ अफ्रीका ने आखिरी ओवर में 4 […]

बनभूलपुरा: 29 एकड़ जमीन, 500 परिवार और 17 साल की न्यायिक अनिश्चितता — अब 10 दिसंबर को होगा फैसला

हल्द्वानी।बनभूलपुरा आज एक बार फिर इतिहास के सबसे तनावपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। रेलवे की 29 एकड़ जमीन पर बसे 500 से अधिक परिवारों का भविष्य अब 10 दिसंबर को […]

रूद्रपुर में मुख्यमंत्री धामी का 4 दिसंबर को आगमन, पं. रामसुमेर शुक्ल की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम में होंगे शामिल

रूद्रपुर/खटीमा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी 4 दिसम्बर 2025 (गुरुवार) को ऊधमसिंहनगर जनपद के भ्रमण पर रहेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा वी.वी.आई.पी. श्रेणी का एवं अतिगोपनीय रखा गया […]

राजधानी देहरादून में स्थित जिस राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किया गया है, वह स्वयं में इतिहास, विरासत और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है। ब्रिटिशकाल से लेकर अब तक के सफर को इस भवन ने बेहद करीब से देखा है।

यह न केवल उत्तराखंड की राजनीतिक पहचान को दर्शाता है, बल्कि राज्य के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल्यों का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। राज्य गठन के 25 साल बाद देहरादून के […]

आज दिन बुधवार और तारीख 3 दिसंबर 2025 है। इसके साथ ही आज मार्गशीर्ष माह की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12 बजकर 25 तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी लग जाएगी। नक्षत्र भरणी शाम 5 बजकर 59 तक रहेगा।

इसके बाद कृत्तिका लग जाएगा। योग शाम 4 बजकर 57 तक परिघ रहेगा फिर शिव योग लगेगा। करण दोपरहर 12 बजकर 25 तक तैतिल रहेगा। इसके बाद गर करण रात […]

उत्तराखंड कीलोक-सांस्कृतिक पहचान उसके पारंपरिक नृत्यों में गहराई से समाई हुई है। कुमाऊँ और गढ़वाल दोनों ही क्षेत्रों में नृत्य जीवन के आनंद, संघर्ष, वीरता और अध्यात्म के अभिव्यक्ति माध्यम हैं। झोड़ा, चांचरी, झुमैलो और चौंफुला जैसे सामूहिक नृत्य सामाजिक एकता और उल्लास को दर्शाते हैं, जबकि छोलिया और रणभूत जैसे नृत्य शौर्य, युद्धकला और वीरगति का सम्मान प्रस्तुत करते हैं। पांडव नृत्य महाभारत की कथाओं पर आधारित एक अनूठी लोक-नाट्य परंपरा है, जिसमें पौराणिक पात्रों की ऊर्जा कलाकारों में समाहित होने की लोकमान्यता भी जुड़ी है। वहीं थड़िया, मंडाण, सरौं, हारुल, भगनोल और मुखोटा नृत्य अलग-अलग अवसरों, ऋतुओं और देव-उत्सवों से संबंध रखते हैं। इन सभी नृत्यों में प्रकृति के प्रति प्रेम, सामाजिक सामूहिकता, अध्यात्म और लोक-स्मृतियों के संरक्षण का भाव प्रमुख रूप से दिखाई देता है। उत्तराखंड के लोक नृत्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि पीढ़ियों की सांस्कृतिक विरासत, आस्था और पहचान के जीवंत प्रतीक हैं।

उत्तराखंड के लोकनृत्य — परंपरा, आध्यात्म, सामाजिकता और सामुदायिक चेतना की अनंत यात्रा ✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड की आत्मा […]

चमोली में यौन शोषण के आरोपी अतिथि शिक्षक यूनुस अंसारी को माध्यमिक शिक्षा विभाग में 2015 में अतिथि शिक्षक की नौकरी मिली थी। यह नौकरी उसे चमोली जिले के स्थाई निवास प्रमाण पत्र के आधार पर मिली।

अब यूनुस के नजीबाबाद का मूल निवासी होने की बात सामने आने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने उसके चमोली गढ़वाल से जारी स्थाई निवास प्रमाण पत्र के जांच के आदेश […]

जब रुद्रचंद ने अकेले द्वन्द युद्ध जीतकर मुगलों को तराई से भगाया — कुमाऊँ की अस्मिता, साहस और राजनीतिक चतुराई की अद्भुत गाथा

इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का दस्तावेज भर नहीं होता। वह किसी भूभाग की आत्मा, समाज की चेतना और संस्कृति की रीढ़ होता है। उत्तराखंड के इतिहास में यदि ऐसा […]

मेट्रोपोलिस सोसायटी विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय – लोकतंत्र की जीत, बंद दरवाजों की हार? मेट्रोपोलिस सोसायटी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 1600 घरों को मिलेगी सदस्यता

मेट्रोपोलिस सोसायटी मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 1600 घरों को मिलेगी सदस्यता रूद्रपुर। मेट्रोपोलिस रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (एमआरडब्लूए) के उपनियमों और चुनाव प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद […]