बता दें कि, केके मोहम्मद ने बाबरी की खुदाई कर राम जन्मभूमि मंदिर के बारे में महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकाले थे और उस जगह एक प्राचीन मंदिर होने की बात बताई […]
Category: धर्म
मेष राशि: आज का दिन आपके लिए यश और कीर्ति में वृद्धि लेकर आने वाला है। आप बिजनेस की किसी डील को लेकर यदि लंबे समय से परेशान चल रहे थे, तो वह फाइनल हो सकती है। आपको अपने किसी काम को कल पर टालने से बचना होगा, लेकिन यदि आपको कोई शारीरिक कष्ट चल रहा है, तो उसे आप नजरअंदाज ना करें।
आपको वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करना होगा। यदि आप किसी यात्रा पर जाएं, तो अपने जरूरी कागजातों पर पूरा ध्यान दें। हिंदुस्तान Global Times/print media,शैल ग्लोबल टाइम्स,अवतार सिंह बिष्ट, […]
आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि के नवग्रहों में से राहु के साथ-साथ केतु भी काफी खास माना जाता है।ये एक छाया ग्रह है, जो राहु का दूसरा भाग यानी दैत्य का धड़ हैं। केतु के राशि परिवर्तन करने का असर भी हर राशि के जातकों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलती है।नवग्रहों में से राहु के साथ-साथ केतु भी काफी खास माना जाता है।ये एक छाया ग्रह है, जो राहु का दूसरा भाग यानी दैत्य का धड़ हैं। केतु के राशि परिवर्तन करने का असर भी हर राशि के जातकों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलती है।साथ गुरुवार का दिन है। इसके साथ ही आज गुरु पुष्य योग के साथ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग बन रहा है।
इसके साथ ही चंद्रमा की स्थिति की बात करें, तो शाम 5 बजकर 12 मिनट तक मिथुन राशि में रहेंगे। इसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। चंद्रमा […]
पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध किया जाता है। ऐसा करने से पितरों को मुक्ति मिलती है और प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
कहा जाता है कि पितृ पक्ष पितरों के ऋण चुकाने का समय होता है। पितृ पक्ष के दौरान पितरों की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध पितृ दोष से मुक्ति मिलती […]
सनातन धर्म में पूर्णिमा और अमावस्या तिथि को बहुत ही खास माना गया है जो कि हर माह में एक बार पड़ती है। इस दिन स्नान दान, पूजा पाठ और तप जप का विधान होता है मान्यता है कि अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
सभी अमावस्या तिथियों में सर्वपितृ अमावस्या का खास महत्व होता है इस दिन पितृपक्ष का समापन हो जाता है। गरुड़ पुराण के अुनसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा […]
गरूड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 पुराणों में से एक है और इसे “महापुराण” कहा जाता है। अन्य पुराणों के विपरीत, इस पाठ को सामान्य दिनों में पढ़ना या सुनना अनुचित माना जाता है।
गरुड़ पुराण का पाठ केवल तभी किया जाता है जब घर में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, और इसे अनुष्ठान के हिस्से के रूप में 13 दिनों तक […]
क्या लड़कियां पितरों का श्राद्ध या तर्पण कर सकती हैं? ये सवाल आपके मन में कभी न कभी तो आया ही होगा. वहीं, समाज में ऐसे भी लोग हैं जिन्हें धर्म या पुराणों का पूरा ज्ञान नहीं है, लेकिन समाज की संरचना या संकीर्ण मानसिकता के कारण वे लड़कियों को कुछ धार्मिक गतिविधियों से पूरी तरह बाहर कर देते हैं.लेकिन हमारे पुराण में हर प्रश्न का उत्तर दिया गया है.
यदि आप मूल रूप में लिखे पुराणों को पढ़ेंगे तो आपको सही जानकारी मिलेगी. उदाहरण के लिए, गरुड़ पुराण में बेटी और बहुओं के तर्पण के बारे में कुछ […]
उत्तराखंड में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने तिरुपति लड्डू ‘प्रसादम’ पर विवाद के बीच मंगलवार को कहा कि यह घटना हिंदू भावनाओं पर ‘हमला’ है.
उन्होंने इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ ‘सख्त कार्रवाई’ की मांग की. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से कहा, “यह घटना हिंदू भावनाओं पर हमला है…यह करोड़ों हिंदुओं की […]
गरुड़ पुराण कहता है कि सभी प्राणियों को उसके द्वारा किया गया कर्म कई जन्मों तक भुगतना पड़ता है। कर्म के हिसाब से ही मनुष्य का अगला जन्म तय होता है। अगला जन्म किस योनि में होगा, यह भी मृत्यु से पहले ही तय हो जाता है।
चलिए जानते हैं कि मृत्यु के पहले ही कैसे मनुष्य का अगला जन्म तय हो जाता है? धर्म को न मानने वाला गरुड़ पुराण कहता है जो मनुष्य जीवित […]
सनातन धर्म में पितृ पक्ष का बहुत महत्व है। इस दौरान लोग पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए कई तरह के अनुष्ठान और प्रार्थना करते हैं और श्राद्ध और तर्पण जैसे अनुष्ठानों के माध्यम से अपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज पितृलोक (पूर्वजों के लोक) से पृथ्वी पर उतरते हैं। एक आम सवाल उठता है: मृत्यु के बाद आत्मा को मुक्ति […]
