वीर बाल दिवस पर चार साहिबज़ादों को दी गयी भावपूर्ण श्रद्धांजलि!साहिबज़ादे चौक पर सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा सहित जनप्रतिनिधियों ने किया नमन

रुद्रपुर वीर बाल दिवस: त्याग से गढ़ा गया राष्ट्रबोधवीर बाल दिवस केवल इतिहास स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्रबोध को जागृत करने का दिवस है। गुरु गोबिंद सिंह महाराज के […]

माननीय उमेश कुमार जी (निर्दलीय विधायक, खानपुर),

माननीय उमेश कुमार जी (निर्दलीय विधायक, खानपुर),आपका हालिया वायरल बयान एक गंभीर दोहरे चरित्र को उजागर करता है। विधानसभा में गैरसैंण–स्थायी राजधानी पर भावुक भाषण देने वाले उमेश कुमार, जब […]

उत्तराखंड में न्याय की उलटी कुंडली: आरोप लगाने वाले कटघरे में, आरोपी सत्ता के शिखर पर? उत्तराखंड में न्याय की कुंडली

रुद्रपुर,उत्तराखंड में न्याय अब अपराध की नहीं, आरोप लगाने वाले की कुंडली देखकर तय किया जा रहा है। देहरादून पुलिस द्वारा उर्मिला सनावर की “कुंडली खंगालने” की घोषणा इसी विडंबना […]

जब सत्ता, स्त्री और सोशल मीडिया एक-दूसरे से टकराते हैं :अंकिता भंडारी के नाम पर चल रही ‘नैतिक अराजकता’ का उत्तराखंड

हम सब उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की सरकार को दो टूक चेतावनी:वीआईपी सलाखों के पीछे जाएँ, हर आरोप की निष्पक्ष जांच हो—वरना होगा राज्यव्यापी आंदोलन हम सब उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की […]

कर्ज़ में डूबता उत्तराखंड: विकास के नाम पर लूट का गणित और कमीशनखोरी की अर्थव्यवस्था

उत्तराखंड, जिसे राज्य आंदोलनकारियों ने “छोटा, सुंदर और आत्मनिर्भर पर्वतीय राज्य” के रूप में देखा था, आज 25 वर्षों में कर्ज़ का बोझ ढोता हुआ ऐसा प्रदेश बन चुका है, […]

अंकिता भंडारी केस से जुड़े वायरल-ऑडियो पर मुकदमे का सामना कर रहे भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने अब नया खुलासा किया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया है कि अभिनेत्री उर्मिला सनावर कांग्रेस के इशारे पर भाजपा नेताओं को बदनाम कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के खेल में वह भाजपा नेता दुष्यंत गौतम, सीएम पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और स्वामी यतीश्वरानंद की छवि खराब करने की कोशिश […]

अंकिता की चुप्पी नहीं, सवाल बोल रहे हैं — उत्तराखंड की अस्मिता कटघरे में, सत्ता की साख दांव पर”

उत्तराखंड की राजनीति, प्रशासन और सत्ता के गलियारों में जब भी अंकिता भंडारी हत्याकांड का नाम आता है, तो केवल एक अपराध नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा पर लगा एक […]

अंकिता की चीख, सत्ता की चुप्पी और वीआईपी का साया: उत्तराखंड की अस्मिता के कठघरे में राजसत्ता”

उत्तराखंड की शांत वादियों में गूंजने वाली एक बेटी की चीख आज भी सत्ता के गलियारों में अनसुनी है। अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि यह उस […]

सत्ता, सच और अंकिता की अस्मिता?जब अपराध सत्ता-संरक्षित हो जाए, तब न्याय की राह सबसे कठिन हो जाती है।

अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि सत्ता, पैसे और रसूख के उस गठजोड़ का भयावह प्रतीक है, जिसने देवभूमि की आत्मा को झकझोर दिया है। हालिया वायरल […]

लखनऊ की मूर्तियों की गूंज अब रुद्रपुर तक आ पहुंची ?मूर्ति, मिशन और संदेश : राजनीति की नई मूर्तिकला

भारतीय राजनीति में विचारधाराओं की यात्रा अक्सर घोषणापत्रों, आंदोलनों और नारों से होती रही है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में इस यात्रा को कांस्य और पत्थर का स्थायित्व भी मिलने […]