आरोपित पर उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने और अवैध कारोबार चलाने के आरोप हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की जांच की जा रही है। काशीपुर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना के दौरान मुख्य सरगना सतानंद शर्मा की भूमिका सामने आई थी। जिसके बाद टीम उसकी तलाश में लगी हुई थी।
मंगलवार शाम को उसे रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया। बताया कि जांच में पर्दाफाश हुआ है कि उसने फर्जी और कूटरचित शस्त्र लाइसेंस तैयार कर बड़ी संख्या में लोगों को उपलब्ध कराए थे। दावा है कि उसके बैंक खाते में इस अवैध कारोबार से करीब 1.70 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है।
पहले भी जा चुका है जेल
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि सतानंद शर्मा पूर्व में भी गाजियाबाद और शाहजहांपुर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसके खिलाफ गाजियाबाद के कविनगर थाना, शाहजहांपुर के पुवायां थाना तथा गैंगस्टर एक्ट के तहत भी प्राथमिकी पंजीकृत हैं।
अब तक 14 अवैध हथियार और 355 कारतूस बरामद
एसटीएफ की कार्रवाई में अब तक कुल 14 अवैध शस्त्र, जिनमें दो आटोमैटिक पंप एक्शन गन, दो रायफल, नौ पिस्टल और एक रिवाल्वर शामिल हैं, बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा 355 जिंदा कारतूस और कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुए हैं। इस मामले में अब तक नौ आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
हजारों लाइसेंसों का सत्यापन जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा उत्तराखंड पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है।
