

9 बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मानवता-विरोधी अपराधों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने वर्ष 2024 के जुलाई छात्र-विद्रोह के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा किए गए राष्ट्रव्यापी दमन, हत्याओं और हिंसा के आदेश देने का दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया। फैसले के अनुसार हसीना 5 में से 3 आरोपों में दोषी पाई गईं।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

कार्रवाई उनकी अनुपस्थिति में की गई, क्योंकि हसीना जुलाई 2024 की उथल-पुथल के बाद देश छोड़ चुकी थीं और तब से लापता थीं। अदालत ने पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को भी समान आरोपों में मृत्युदंड दिया है।
फैसले के बाद ढाका में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है। सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
दुनिया में ऐसे मामलों की दुर्लभ मिसाल
शेख हसीना उन बहुत कम वैश्विक नेताओं में शामिल हो गई हैं जिन्हें प्रधानमंत्री या राष्ट्रीय शासन प्रमुख के रूप में कार्यकाल के बाद मौत की सजा सुनाई गई। विश्व इतिहास में ऐसे मामलों की लंबी सूची नहीं है, लेकिन कुछ वरिष्ठ राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों को भी गंभीर आरोपों में मृत्युदंड दिया गया है। नेता देश पद परिणाम सद्दाम हुसैन इराक राष्ट्रपति 2006 में फांसी जुल्फिकार अली भुट्टो पाकिस्तान प्रधानमंत्री 1979 में फांसी अमिर-अब्बास होवेदा ईरान प्रधानमंत्री 1979 में फायरिंग स्क्वाड द्वारा फांसी निकोलेए चाउशेस्कु रोमानिया राष्ट्रपति 1989 में संक्षिप्त मुकदमे के बाद फांसी परवेज़ मुशर्रफ पाकिस्तान राष्ट्रपति 2019 में गैर-हाजिरी में मौत की सजा (बाद में रद्द) जॉर्जियोस पापाडोपोलोस ग्रीस राष्ट्रपति 1975 में मौत की सजा → बाद में उम्रकैद चुन डू-ह्वान दक्षिण कोरिया राष्ट्रपति 1996 में मौत की सजा → बाद में उम्रकैद → माफी
इस सूची से स्पष्ट होता है कि किसी देश के निर्वाचित या शीर्ष शासक को मृत्युदंड सुनाना अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बेहद असाधारण और विवादास्पद घटना मानी जाती है।
आलोचना और समर्थन — दोनों आवाजें तेज
फैसले के तुरंत बाद मानवाधिकार संगठनों के बयान सामने आ गए।
- कुछ संगठनों ने इसे “पीड़ितों को न्याय मिलने का ऐतिहासिक क्षण” बताया।
- वहीं, अन्य संस्थाओं ने ट्रायल की निष्पक्षता और मौत की सजा पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला बांग्लादेश की राजनीति और भविष्य पर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव डालेगा।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत सरकार ने संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा कि वह फैसले को “नोट” करती है और बांग्लादेश के स्थायित्व, लोकतंत्र और शांति को सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार भारत स्थिति पर “करीबी नजर” रखे हुए है।
आगे की प्रक्रिया
कानूनी प्रक्रिया में अगला चरण अपील है। यदि अपील दायर की जाती है तो सर्वोच्च न्यायिक पीठ फैसला रोक सकती है — लेकिन यह तभी संभव है यदि हसीना खुद या उनके प्रतिनिधि औपचारिक अपील करें।
फिलहाल, फैसले ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए भूचाल ला दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला आने वाले वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय मंचों, मानवाधिकार संगठनों और दक्षिण एशिया की कूटनीति में प्रमुख विषय बना रहेगा।
अपडेट
शेख हसीना के पक्ष में आई एमनेस्टी इंटरनेशनल
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल आई है। संस्था की ओर से कहा गया है कि ये मुकदमा और सजा न तो निष्पक्ष हैं और न ही न्यायसंगत।
यूनुस का रिएक्शन, ‘कानून से ऊपर कोई नहीं’
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शेख हसीना के खिलाफ न्यायाधिकरण के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि अदालत का निर्णय इस बात को साबित करता है कि देश में अब कानून सर्वोपरि है।
शेख हसीना का प्रत्यर्पण: भारत की कानूनी स्थिति
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद, ढाका ने भारत से उनका औपचारिक प्रत्यर्पण मांगा है। भारत इस अनुरोध की विस्तृत समीक्षा कर रहा है।
शेख हसीना: जो कभी थीं सत्ता की महारानी…
शेख हसीना का नाम चर्चा में रहा है, जो कभी देश की “आयरन लेडी” और विकास की प्रतीक थीं। उनके समर्थक उन्हें आधुनिक बांग्लादेश का निर्माता मानते हैं, जबकि आलोचक उन्हें सड़कों पर उठने वाली आवाजों को दबाने वाली तानाशाह कहते थे।
शेख हसीना प्रत्यर्पण मामले में भारत मुश्किल स्थिति में क्यों?
सुबीर भौमिक का मानना है कि अगर भारत हसीना को वापस भेजने पर विचार करता है, तो यह बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के दबाव में झुकना माना जाएगा। भौमिक का दावा है कि यूनुस सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान और इस्लामी कट्टरपंथी समूहों के साथ नज़दीकी बढ़ा रहे हैं।
हसीना को मौत की सजा, भारत से प्रत्यर्पण की मांग
बांग्लादेश की ICT ने पूर्व PM शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध समेत पाँच आरोपों में मौत की सजा दी है। पूर्व गृह मंत्री असदुज्जामान खान कमाल को भी फांसी की सजा मिली, जबकि पूर्व IGP अब्दुल्ला अल-ममून को 5 साल जेल हुआ। बांग्लादेश सरकार ने भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है।
शेख हसीना की फांसी: अब फैसला दिल्ली के हाथ!
शेख हसीना को ढाका में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने सज़ा सुनाई है। अब सवाल यह है कि क्या भारत उन्हें बांग्लादेश के हवाले करेगा? क्या इस सज़ा का भारत में कोई कानूनी प्रभाव है? क्या UN इस फैसले को मान्यता देता है? और क्या शेख हसीना की जान अब भारत के फैसले पर टिकी है?
हसीना की फांसी के बाद ढाका में हिंसा, ‘देखते ही गोली’ के आदेश
शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाए जाने के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर अशांति फैल गई। राजधानी ढाका में व्यापक हिंसा भड़क उठी और हालात को नियंत्रित करने के लिए कई संवेदनशील इलाकों में सेना को तैनात करना पड़ा है।
शेख हसीना को मिली शादी की सालगिरह पर सजा
अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने 17 नवंबर को शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया। इस फैसले का ऐलान उसी दिन हुआ जब हसीना अपनी शादी की सालगिरह मना रही थीं। न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि सुनवाई एकतरफ़ा रही क्योंकि हसीना अदालत में उपस्थित नहीं हुईं।
पूर्व राजनयिकों ने की हसीना को सजा की निंदा
कई पूर्व भारतीय राजनयिकों ने शेख हसीना को एक विशेष न्यायाधिकरण द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश एक बार फिर ”अत्यधिक ध्रुवीकृत” हो गया है, जो उसकी स्थिरता और सुरक्षा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।
हसीना को फांसी, गृह युद्ध जैसे हालात
बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल कोर्ट ने देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई है, जिसके बाद गृह युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। जस्टिस मुर्तजा की अगुवाई वाली ट्रिब्यूनल ने 6 हिस्सों में 400 पेज का फैसला सुनाया।
फैसला ‘पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित’: हसीना
शेख हसीना ने आईसीटी-बीडी द्वारा उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने के फैसले की निंदा करते हुए इसे ‘पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित’ बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला एक धांधली से बनाई गई अदालत ने सुनाया है।
मुजीबुर्र रहमान का घर गिराने पर अमादा भीड़
शेख हसीना पर अदालत के फैसले के बाद उग्र भीड़ हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक मुजीबुर्र रहमान का घर गिराने पर अमादा हो गई। सुरक्षा बलों ने भीड़ को खदेड़ दिया और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
हसीना को सजा, अवामी लीग ने किया बंद का ऐलान
शेख हसीना को दोषी ठहराए जाने के विरोध में अवामी लीग ने मंगलवार को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। पार्टी ने कोर्ट के फैसले को अवैध बताते हुए 19-21 नवंबर तक विरोध प्रदर्शन का भी आह्वान किया है।
भारत ने फैसले पर गौर किया, हसीना को सौंपने की मांग
बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को प्रत्यर्पित करने का आग्रह किया है। दोनों को पिछले साल छात्र आंदोलनों पर कड़े दमन में शामिल होने के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। ढाका ने कहा कि द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत न्यू दिल्ली को यह कार्रवाई करना ‘अनिवार्य’ है।
भारत ने दिया करारा जवाब, यूनुस सरकार ने की हसीना की मांग
भारत ने बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा दिए जाने के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा कि वह नजदीकी पड़ोसी के रूप में बांग्लादेश के लोगों के सर्वोत्तम हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।
शेख हसीना पर फैसले पर विदेश मंत्रालय का बयान
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के संबंध में बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा सुनाए गए फैसले पर गौर किया है। भारत, बांग्लादेश की शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
शेख हसीना पर फैसले पर भारत का रिएक्शन
भारत ने कहा है कि वह बांग्लादेशी लोगों के सर्वोत्तम हित के लिए प्रतिबद्ध है और सभी हितधारकों के साथ हमेशा रचनात्मक रूप से जुड़े रहेंगे। कोर्ट ने शेख हसीना को अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड माना है।
शेख हसीना को फांसी, भारत ने दिया पहला रिएक्शन
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा पर भारत की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत ने कहा है कि वह फैसले पर ध्यान दे रहा है और बांग्लादेश के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शेख हसीना को फांसी, भारत करेगा प्रत्यर्पण?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को 17 नवंबर 2025 को ढाका के अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल (ICT) ने मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। अब प्रमुख सवाल उठ रहे हैं:- क्या भारत हसीना का प्रत्यर्पण करेगा?
शेख हसीना को फांसी, भारत में हैं मौजूद
बांग्लादेश में शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई गई है। उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी पाया गया है। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में सुनवाई के दौरान उन्हें दोषी पाया गया।
शेख हसीना को फांसी, भारत में शरण
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी पाया है और मौत की सजा सुनाई है। फैसला उस वक्त आया है जब हसीना पहले से ही देश छोड़कर बाहर रह रही हैं।
शेख हसीना को फांसी, कानूनी विकल्प सीमित
शेख हसीना को ढाका स्थित इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT) ने 17 नवंबर 2025 को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई है। उनके पास अपील का अधिकार है, लेकिन इसके लिए उन्हें बांग्लादेश में सरेंडर करना होगा।
शेख हसीना को फांसी, भारत के लिए धर्मसंकट
शेख हसीना को मानवाधिकार के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भारत के सामने एक नई चुनौती खड़ी हुई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब अंतरराष्ट्रीय संधि की वजह से भारत के लिए उन्हें प्रत्यर्पित करना जरूरी हो जाएगा?
शेख हसीना को फांसी, अवामी लीग ने बताया साजिश
शेख हसीना को बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने फांसी की सजा सुना दी है। कोर्ट ने उन्हें क्रूरता का दोषी बताते हुए सजा-ए-मौत दी। इस फैसले को शेख हसीना ने पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया है।
शेख हसीना को फांसी, भारत निभाएगा अहम भूमिका
शेख हसीना को दोषी करार दिए जाने के बाद अब आगे क्या होगा? दरअसल, शेख हसीना देश में तख्तापलट होने के बाद से ही भारत में हैं। इसी के चलते अब इस मामले में भारत एक अहम भूमिका निभाएगा।
शेख हसीना को फांसी, समर्थकों में आक्रोश
शेख हसीना को फांसी की सजा के ऐलान के बाद बांग्लादेश जल उठा, सड़कों पर उतरे लोग; अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने सोमवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में फांसी की सजा सुनाई।
शेख हसीना के दो सहयोगियों को भी फांसी की सजा
शेख हसीना के साथ, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए फांसी की सजा सुनाई गई है।
शेख हसीना को फांसी की सजा
बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है।
शेख हसीना पर प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप
ट्रिब्यूनल ने कहा कि शेख हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सत्ता पर काबिज रहने के लिए बल का प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को मारने के लिए हेलीकॉप्टरों और घातक हथियारों के इस्तेमाल का आदेश दिया था।
शेख हसीना के बेटे की यूनुस सरकार को चेतावनी
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने यूनुस सरकार को चेतावनी दी है कि अगर अवामी लीग पर से प्रतिबंध नहीं हटाया गया तो फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव में बाधा डाली जाएगी।
शेख हसीना पर फैसले से पहले बांग्लादेश में हिंसा
शेख हसीना पर फैसले से पहले बांग्लादेश में फिर हिंसा भड़क उठी है। फैसले से पहले देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई इलाकों में हालात बिगड़ने के बाद सरकार ने हिंसा और आगजनी की आशंका को देखते हुए सुरक्षा बलों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
शेख हसीना पर आज आएगा फैसला
बांग्लादेश का अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) आज शेख हसीना और उनके दो पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में फैसला सुनाएगा। हिंसा की आशंका के कारण सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं।
शेख हसीना ने आरोपों को बताया ‘पूरी तरह अवैध’
शेख हसीना ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को ‘पूरी तरह अवैध’ बताया है। उन्होंने अंतरिम प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस और उनके सहयोगियों पर उन्हें ‘सजा’ दिलाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने राजनीति में लौटने का संकेत दिया है, लेकिन कहा कि यह बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल पर निर्भर करेगा।
हिंसा करने वालों को गोली मारने का आदेश
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) कमिश्नर शेख मोहम्मद सज्जात अली ने ढाका में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है। आगजनी, बम विस्फोट, पुलिस और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया है।
फैसले से पहले शेख हसीना का संदेश
शेख हसीना ने फैसले से पहले अवामी लीग के फेसबुक पेज पर एक भावनात्मक ऑडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि डरने की कोई बात नहीं है, वह जिंदा हैं और देश के लोगों का साथ देंगी। उन्होंने अंतरिम सरकार पर पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
हिंसा करने वालों को गोली मारने का आदेश
शेख हसीना पर फैसले से पहले बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठी है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) आयुक्त ने हिंसा करने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है। हसीना पर जुलाई-अगस्त 2024 में हुए प्रदर्शनों के दौरान मानवता के खिलाफ अपराध करने का आरोप है।
ढाका में मौलवियों का जमावड़ा, ईशनिंदा कानून की मांग
दुनियाभर के मौलवियों ने ढाका में सम्मेलन किया और बांग्लादेश में पाकिस्तान जैसा कड़ा ईशनिंदा कानून लागू करने की मांग की, जिसमें मौत की सजा का प्रावधान है। मौलाना डीजल ने कहा कि जरूरत पड़ी तो बांग्लादेश में खून की नदियां बहा देंगे।
बीएनपी ने फैसले से पहले कानून व्यवस्था पर जताई चिंता
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के सदस्य काज़ी मोनिरुज्जमां ने शेख हसीना के खिलाफ फैसले से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई है और 2026 के चुनावों से उम्मीद जताई है।
ढाका में तनाव, सेना अलर्ट पर
शेख हसीना पर फैसले से पहले ढाका में तनाव है। सुरक्षा कड़ी है, सेना अलर्ट पर है और ‘देखते ही गोली मारने’ के आदेश की खबरें हैं।
अवामी लीग कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम किया
शेख हसीना को अदालत सजा सुनाने वाली है। इससे हसीना समर्थकों के तेवर तीखे हो गए हैं। आवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने राजधानी ढाका सहित पांच जिलों में हाइवे जाम कर दिया है।
हसीना पर फैसले की तारीख घोषित
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICTD-BD) ने घोषणा की कि वह मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ 17 नवंबर को फैसला सुनाएगा।
हसीना की वापसी की शर्तें
शेख हसीना ने कहा है कि उनकी देश में वापसी ‘सहभागी लोकतंत्र’ की पुनर्स्थापना, उनकी अवामी लीग पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाने और स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनावों के आयोजन पर निर्भर करती है।
हसीना की मीडिया से बातचीत पर भारत के उप उच्चायुक्त तलब
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने ढाका में भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुख्यधारा के भारतीय मीडिया के साथ बातचीत पर ”गंभीर चिंता” व्यक्त की।
अवामी लीग ने ढाका में लॉकडाउन का ऐलान किया
शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग (एएल) ने राजधानी ढाका में लॉकडाउन का ऐलान किया। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
हसीना ने यूनुस पर लगाया इस्लामी कट्टरपंथ बढ़ाने का आरोप
शेख हसीना ने आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस प्रशासन पर नियंत्रण नहीं रख पा रहे थे और आतंकवादी समूहों से जुड़े इस्लामी गुटों को कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने की अनुमति दी जा रही थी।
हसीना ने यूनुस पर भारत से तनाव का आरोप लगाया
शेख हसीना ने मोहम्मद यूनुस की हिंसक और चरमपंथी नीतियों को भारत के साथ तनाव का कारण बताया।
हसीना ने तख्तापलट को आतंकी हमला बताया
शेख हसीना ने कहा कि उनके खिलाफ हुआ छात्र आंदोलन अमेरिका की ओर से रचा गया और पाकिस्तान की ओर से अंजाम दिया गया एक आतंकी हमला था।
शेख हसीना को भगोड़ा घोषित किया गया
बांग्लादेश के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और 260 अन्य लोगों को भगोड़ा घोषित करते हुए नोटिस जारी किया है।
शेख हसीना को वापस भेजने की मांग
बीएनपी ने भारत सरकार से अपील की है कि वह शेख हसीना को उनके ‘गलत कामों और हत्याओं’ के मुकदमे का सामना करने के लिए बांग्लादेश वापस भेजे।
यूनुस सरकार की अल्पसंख्यक उत्पीड़न पर आलोचना
नई दिल्ली स्थित मानवाधिकार संस्था आरआरएजी ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की अल्पसंख्यक उत्पीड़न के लिए आलोचना की है।
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