अंदाज़नाम बदला, पहचान मिली, अब सम्मान भी तय!‘मोहम्मद दीपक’ से दीपक कुमार तक का सफ़र—MYOI को भी भा गयाकोटद्वार।जिस देश में अक्सर नाम पूछकर नीयत तय होती हो, वहाँ कोटद्वार के दीपक कुमार ने नाम के आगे एक सवालिया निशान जोड़कर पूरे समाज को आईना दिखा दिया। ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से चर्चित हुए दीपक अब इतने चर्चित हो चुके हैं कि MYOI ने भी उन्हें सम्मानित करने का मन बना लिया है।बताया जा रहा है कि यह सम्मान “आपसी सद्भाव और मानवीय मूल्यों” के लिए दिया जाएगा। यानी जो काम संविधान, शिक्षा और राजनीति को करना था, वह एक आम युवक ने नाम बदलकर कर दिखाया—और सिस्टम ने ताली बजा दी।पत्रकार सुधांशु थपलियाल के अनुसार दीपक का चयन समाज में भाईचारे की मिसाल पेश करने के लिए हुआ है। सवाल बस इतना है—क्या इस देश में सद्भाव के लिए नाम बदलना अनिवार्य शर्त बन चुका है?फिलहाल दीपक कुमार सम्मान की तैयारी में हैं, और समाज आत्ममंथन की—कि अगला सम्मान पाने के लिए कहीं आधार कार्ड के साथ नाम भी अपडेट तो नहीं करना पड़ेगा।
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