देहरादून।पराक्रम, वीरता और शौर्य के लिए प्रख्यात 14वीं गढ़वाल राइफल्स का तीन दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह भटिंडा कैम्प में मनाया जा रहा है। 14वीं गढ़वाल राइफल्स भारतीय सेना की उन चुनिंदा टॉप पलटनों में शुमार है जिसने अपनी स्वर्ण जयंती तक कई उच्च प्रतिमान हासिल किए। पलटन को अभी तक चार थल सेनाध्यक्ष यूनिट प्रशंसा पत्र, कॉप्स कमांडर प्रशस्ति-पत्र, यूनाइटेड नेशन फाॅर्स कमांडर प्रशस्ति पत्रों से नवाजा जा चुका है। 14 गढ़वाल राइफल्स की स्थापना 1 सितम्बर 1976 में कोड़िया वर्तमान वीसी गब्बर सिंह कैंप कोटद्वार में लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट) जनरल सतीश सोढ़ी के नेतृत्व में हुआ था, सिक्किम, सियाचिन (ऑपरेशन मेघदूत), ऑपरेशन हिफाजत मणिपुर, ऑपरेशन रक्षक, ऑपरेशन विजय, ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन फालकॅन, ऑपरेशन राइनो, ऑपरेशन स्नो लेपर्ड जैसे मत्वपूर्ण ऑपरेशनों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
इस भव्य स्वर्ण जयंती महोत्सव के प्रथम दिवस 1 सितम्बर को अन्य पारम्परिक आयोजनों के साथ सैन्य समागम के दौरान पलटन ने अपने पचास वर्षों के इतिहास की पुस्तक वीरता और विरासत की गाथा एक अदम्य गढ़वाली पलटन, फैबुलस फ़ोर्टीन (1976-2026), हिंदी व अंग्रेजी संस्करणों का लोकार्पण, स्वर्ण जयंती बैनर का अनावरण एवं वीर नारियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल (सेवानिवृत) जे.के. शर्मा, युद्ध सेवा मेडल, बटालियन के द्वितीय कमान अधिकारी व वर्तमान कमान अधिकारी कर्नल अमित कुमार डिमरी, शौर्यचक्र ने बटालियन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने स्वर्णिम इतिहास याद किया व सभा को सम्बोधित किया।
वीरता और विरासत पुस्तक के लेखक व संपादक सूबेदार बलबीर सिंह राणा ‘अडिग’ सेवानिवृत्त’ के द्वारा बटालियन के पचास वर्षों के इतिहास को चिरकाल तक जीवंत बनाने हेतु सभी रैंकस द्वारा सराहना की गई कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र सेवा हेतु मार्गदर्शन करेगी। पुस्तक में बटालियन की स्थापना से लेकर वर्तमान तक 50 वर्षों के 18 कार्यकालों के इतिहास का क्रमवार विवरण है।
स्वर्ण जयंती के इस वीरता व विरासत महोत्सव में 14 गढ़वाल राइफल्स की वीर नारियों, सभी सेवानिवृत्त व सेवारत ऑफिसर, जे.सी.ओ., जवानों व उनके परिवारजनों की गरिमामय उपस्थिति रही। बटालियन के सीओ कर्नल अमित कुमार डिमरी, शौर्य चक्र व सूबेदार मेजर सुरेश कुमार ने आये हुए सभी अथितियों को आतिथ्य स्वीकार करने हेतु अभिनन्दन किया। अतिथियों में सेवनिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बी. चेंगप्पा, ब्रिगेडियर वी. मनोरम, ब्रिगेडियर हरीश पंकज, ब्रिगेडियर अजय नेगी, ब्रिगेडियर अमिताभ रॉय, सेनामेडल, वीर चक्र, सेवारत ब्रिगेडियर अजय मल्होत्रा, ब्रिगेडियर अमित प्रभाकर व अन्य पूर्व कमान अधिकारी, पूर्व सूबेदार मेजर तथा अन्य पदों ने अपने अतीत को वर्तमान के साथ साझा किया।
