

हरकी पैड़ी वार्ड में तो कांग्रेस की जमानत तक जब्त हो गई। पहले 30 वार्डों की मतगणना के दौरान भाजपा ने कांग्रेस को चार वार्डों में समेट दिया। कई वार्डों में तो शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
शुरू से ही भाजपा का मजबूत किला
उत्तरी हरिद्वार, मध्य हरिद्वार और कनखल शुरू से ही भाजपा का मजबूत किला रहा है। कांग्रेस ने इस बार कई नए प्रयोग करते हुए उसमें सेंध लगाने का प्रयास किया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। वार्ड नंबर एक से कांग्रेस की दुर्दशा शुरू हो गई थी।
भाजपा पहले, दूसरे और तीसरे वार्ड के बाद क्लीन स्वीप करती चली गई। कांग्रेस ने केवल वार्ड नंबर चार, वार्ड नंबर आठ और नौ के बाद वार्ड नंबर 15 में होश संभाला। लेकिन तब तक भाजपा मध्य हरिद्वार में विजयी पताका फहराते हुए कनखल में दाखिल हो गई।

मध्य हरिद्वार और कनखल में पिछले चुनाव की तरह भाजपा ने कांग्रेस का सूपड़ा ही साफ कर दिया। ज्वालापुर पहुंचने के बाद कांग्रेस की स्थिति थोड़ी बहुत संभली। लेकिन महापौर किरण जैसल की बढ़त उत्तरी हरिद्वार से मध्य हरिद्वार और फिर कनखल तक बढ़ती ही चली गई। जिसकी भरपाई करने में कांग्रेस के पसीने छूट गए। कुल मिलाकर भाजपा और नगर विधायक मदन कौशिक अपना पारंपरिक वोट बैंक सहेजने में कामयाब रहे।
घर में घिरे मदन, बाल-बाल बचे
हरिद्वार में पूरे चुनाव की कमान संभालने वाले नगर विधायक मदन कौशिक अपने गृह वार्ड में बागी प्रत्याशी दीपक टंडन से घिर गए। बल्कि, शिकस्त होने से बाल-बाल बची। भाजपा प्रत्याशी मोनिका सैनी ने महज 107 वोट से कांग्रेस की आयुषी टंंडन को हराया।

मदन कौशिक का गृह वार्ड होने के चलते खन्नानगर पूरी भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ था। भाजपा से टिकट न मिलने पर कांग्रेस में शामिल हुए दीपक टंडन ने अपनी पत्नी आयुषी टंडन को मजबूती से चुनाव लड़ाया। सामने नगर विधायक मदन कौशिक के करीबी सचिन बेनीवाल और भाजपा के मजबूत संगठन होने के बावजूद दीपक टंडन ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई।
निवर्तमान महापौर की बेटी भी हारी
निवर्तमान महापौर अनिता शर्मा इस बार फिर कांग्रेस से टिकट की प्रबल दावेदार थी। लेकिन महापौर सीट ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने के चलते वे चुनाव नहीं लड़ सकी। तब अनिता शर्मा व पूर्व सभासद अशोक शर्मा ने अपनी बेटी नेहा शर्मा को वार्ड नंबर 28 राजघाट से पार्षद का चुनाव लड़ाया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
पिछले चुनाव में भी नेहा शर्मा को हार का सामना करना पड़ा था। महापौर की दावेदारी खत्म होने के बाद बेटी के चुनाव हारने पर अशोक शर्मा अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख सके और मतगणना केंद्र पर ही भावुक होकर रोने लगे। उन्होंने भाजपा और नगर विधायक मदन कौशिक पर गंभीर आरोप भी लगाए।




