



उन्होंने दोनों नेताओं से फोन पर बातचीत में ताकीद किया कि उन्हें ऐसे किसी भी विवादित आचरण से बचना चाहिए, जो मीडिया की सुर्खी बनें और विपक्ष को बेजां सवाल उठाने का बहाना मिल जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने विधायक को तलब कर लिया है। इस बीच मुख्यमंत्री धामी तक विवाद पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने पार्टी के दोनों नेताओं को विवाद से बचने की सलाह दी।

Hindustan Global Times, शैल ग्लोबल टाइम्स, अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड,
अमर उजाला से बातचीत में भट्ट ने कहा, मैंने दोनों से बात की है। दुर्गेश्वर लाल जनप्रतिनिधि हैं। जन समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। वह अपनी समस्याओं को मंत्री या अधिकारी के समक्ष उठा सकते हैं। लेकिन भाजपा एक अनुशासित पार्टी है। विधायक होने के नाते पार्टी विधायक की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वह शालीनता के साथ अपनी बात रखें। अपनी सरकार के मंत्री के खिलाफ धरना देना और मीडिया में जाना उचित नहीं है।
उत्तराखंड में ‘नेता जी’ की दबंगई: विधायक ने मंत्री के सामने फाड़ा जांच का आदेश, समर्थकों के साथ धरने पर बैठे Hindustan Global Times, शैल ग्लोबल टाइम्स, अवतार सिंह बिष्ट, रूद्रपुर उत्तराखंड,
यदि समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है तो उसे पार्टी फोरम पर रखा जा सकता है। संगठन अनुशासन को तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं दे सकता है, चाहे वह विधायक हों या मंत्री। दोनों नेताओं को हिदायत दे दी गई है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। बकौल भट्ट, मैंने पार्टी विधायक को बुधवार को बुलाया है। उनका पक्ष सुना जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।
सीएम से लिपट कर रो पड़े भाजपा विधायक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास जब पुरोला के भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल मिलने पहुंचे तो वह बेहद भावुक हो गए। वह सीएम से लिपटकर फफक-फफक रो पड़े। सीएम उन्हें बड़ी मुश्किल से संभाला और ढाढस बंधाया। उन्होंने विधायक को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। सीएम ने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल से भी फोन पर बात की।





