
इनमें से करीब 600 से ज्यादा वाहन पिछले 4 साल से खनन कार्य में शामिल नहीं रहे हैं। जिसके चलते नंधौर नदी में खनन की प्रक्रिया काफी धीमी रहती है। इस प्रक्रिया को सुधारने के लिए वन निगम ने निष्क्रिय 600 वाहनों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के बाद उनकी जगह नए सिरे से रजिस्ट्रेशन करने की तैयारी की है। इसके अलावा कोसी नदी में खनन के लिए रजिस्टर्ड करीब 300 वाहन निष्क्रिय हैं। इन निष्क्रिय वाहनों को भी हटाकर उनकी जगह नए सिरे से वाहनों के रजिस्ट्रेशन की वन निगम तैयारी कर रहा है।


प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
गौला में नहीं होंगे नए रजिस्ट्रेशन
गौला में सबसे कम करीब 30 ऐसे वाहन हैं जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं। वन निगम नंधौर व कोसी गेट में निष्क्रिय वाहनों की जगह दूसरे वाहनों के रजिस्ट्रेशन की तैयारी में है। लेकिन गौला में अभी नई वाहनों का रजिस्ट्रेशन करने की कोई योजना नहीं है।
खनन गेटों में धर्मकांटे लगाने वाली कंपनी को नोटिस
वन निगम को गौला, नंधौर और कोसी के कुल 24 खनन गेटों में करीब 55 धर्म कांटे लगाने हैं। ताकि खनन करके नदियों से निकलने वाले वाहनों का वजन किया जा सके। वन निगम ने धर्म कांटा लगने के लिए पूर्व में टेंडर किए थे जो तकनीकी कारणों के चलते निरस्त हो गए। दोबारा टेंडर करने के बाद वन निगम ने पिछले माह एक कंपनी को खनन गेटों पर धर्म कांटा लगाने का काम सौंप दिया। लेकिन कंपनी की लेटलतीफी के चलते अभी तक कांटे लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। काम में लेटलतीफी के चलते हैं निगम प्रबंधन ने उसे दो बार नोटिस दे दिया है। डीएलएम धीरेश बिष्ट ने कहा कि फर्म को दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। फर्म ने जल्द काम शुरू नहीं किया तो उसे नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नंधौर और कोसी में 900 से ज्यादा वाहन लंबे समय से खनन कार्यों में पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। इन निष्क्रिय वाहनों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए जाएंगे और इनकी जगह नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे।
-धीरेश बिष्ट, डीएलएम, वन विकास निगम
