
इस अस्थाई बस अड्डे पर एक खाली पड़े प्लॉट में बसों को खड़ा किया जाता है। यहां सवारियों के लिए बैठने और पीने के पानी तक की सुविधा नहीं है। शौचालय नहीं होने से भी यात्री परेशान रहते हैं। इसके अलावा उन्हें धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। बसों की बात करें तो उनमें यात्रियों से पूरा किराया लिया जाता है, फिर भी सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। महिला यात्रियों को बसों में आरक्षित सीट नहीं मिलती, उनकी सुरक्षा के इंतजाम नहीं दिखते। बोले हल्द्वानी टीम जब बाजपुर बस अड्डे पर पहुंची तो यात्रियों ने खुलकर अपनी समस्याएं बताईं और सुझाव भी दिए।


प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/ संवाददाता भूपेंद्र सिंह अधिकारी, ०, आवास विकास, पोस्ट भोटिया पडाव, हल्द्वानी, नैनीताल, उत्तराखंड –
कालाढूंगी रोड पर संचालित बाजपुर बस अड्डा सुविधाएं नहीं होने से यात्रियों की समस्या की वजह बन गया है। इस बस अड्डे से बीते 10 साल से रामनगर, काशीपुर और बाजपुर के लिए दिनभर में करीब 40 बसों का संचालन होता है। इन बसों में सवार होकर दिन भर में करीब डेढ़ से दो हजार लोग यात्रा करते हैं। 10 साल से संचालन होने के बाद भी इस बस अड्डे पर पेयजल और शौचालय जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। प्याऊ नहीं होने से यात्रियों को पीने का पानी भी नहीं मिल पाता है। किसी प्रकार का बोर्ड नहीं लगे होने से यात्रियों को बस स्टेशन ढूंढ़ना पड़ता है। स्थाई स्टेशन नहीं होने से बाहरी राज्यों से रामनगर जाने वाले यात्री कई बार बस अड्डे को खोजते रह जाते हैं। यात्रियों के अनुसार यहां एक बोर्ड तो होना ही चाहिए। यात्री शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से आपात स्थिति में असहज होते हैं। वहीं मुख्य सड़क पर वाहन खड़े होने से परेशानी होती है। यात्रियों के अनुसार स्टेशन पर बैठने आदि की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
बस में महिलाओं के लिए हो आरक्षित सीट : बाजपुर बस अड्डे से संचालित होने वाली बसों में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित नहीं होतीं। महिला यात्रियों के अनुसार बसों में उनके लिए सीट आरक्षित होनी ही चाहिए। स्टेशन पर बस के इंतजार में खड़ी यात्री हेमा देवी ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदारी में हल्द्वानी आती रहती हैं। कई बार उनके साथ बस में ऐसा हुआ है कि सीट होने के बाद भी पुरुष उनके साथ वाली सीट पर बैठ जाते हैं। इससे असहजता महसूस होती है।
बस स्टेशन पर नहीं प्याऊ: बस स्टेशन पर प्याऊ नहीं होने से परेशान हो रहे यात्रियों का कहना है कि गर्मी आ गई है लेकिन पानी पीने के लिए कोई इंतजाम नहीं है। धूप में पानी की बोतल खरीदने के लिए दुकान तलाश रहे सुरेंद्र ने बताया कि वह सुबह किसी काम से हल्द्वानी आये थे, यहां दोपहर में उन्हें कहीं भी पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर पेयजल की व्यस्था की जानी चाहिए। लोग जेब से पैसे देकर पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं।
शौचालय का हो इंतजाम : कालाढूंगी रोड पर संचालित बाजपुर बस अड्डे में शौचालय नहीं होने के कारण लोग परेशानी झेलते हैं। लोगों को कहना है कि स्टेशन पर शौचालय बनाया जाना चाहिए। रुद्रपुर से रामनगर के लिए आये यात्री सुदेश ने बताया कि स्टेशन पर शौचालय की व्यवस्था होनी जरूरी है। वहीं रामनगर जा रहीं यात्री शोभा ने बताया कि शौचालय नहीं होने से उन्हें दिक्कतें झेलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्टेशन पर तैनात किया जाए पुलिसकर्मी: बस स्टेशन पर गार्ड और पुलिसकर्मी की तैनाती की मांग करते हुए यात्रियों ने कहा कि यहां अक्सर अराजकता होती रहती है। शहर में ऑटो स्टैंड से लेकर रोडवेज स्टेशन तक सभी स्थानों पर पुलिस कर्मी तैनात हैं। महिलाओं के लिए लिहाज से हो रही दिक्कतों को देखते हुए महिला यात्रियों ने कहा कि कई बार बसों में उनके साथ छेड़छाड़ तक होती है। लेकिन अभी तक सुरक्षा के लिहाज से कोई भी इंतजाम नहीं दिखे हैं।
बाजपुर बस अड्डे के यात्रियों की समस्याएं
1. बसों में महिला आरक्षित सीट और सुरक्षा के इंतजाम नहीं
2. स्टेशन पर बोर्ड नहीं लगे होने से यात्रियों को होती है परेशानी
3. पेयजल व्यवस्था नहीं होने से खरीदकर पानी पीते हैं यात्री
4. टिन शेड की व्यवस्था नहीं होने से धूप में खड़े रहते हैं यात्री
5. बस अड्डे पर शौचालय नहीं होने से खुले में फैल रही गंदगी
यात्रियों ने यह सुझाव दिए
1. स्टेशन पर यात्रियों के लिए लगाया जाए प्याऊ
2. यात्रियों के बैठने के लिए हो बैंच की व्यवस्था
3. टिन शेड और बोर्ड लगाने की कराई जाए व्यवस्था
4. बस अड्डे पर शौचालय की कराई जाए व्यवस्था
5. बसों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था मिले
यात्रियों का दर्द
हमें अपने जरूरी कामों के लिए चकलुवा से हर रोज हल्द्वानी आना होता है। स्टेशन पर कहीं भी बैठने की व्यवस्था नहीं है। जमीन पर बैठने को मजबूर होते हैं। हल्द्वानी जब भी आते हैं स्टेशन पर पानी के लिए परेशान होते हैं।
जानकी देवी, चकलुवा।
बस अड्डे पर मूलभूत सुविधाएं नहीं है। शौचालय और पेयजल जैसी जरूरी सेवाएं दी जानी चाहिए। हमारे साथ महिलाएं, बच्चे अपने कामों से बस में यात्रा करते हैं। सुरक्षा के लिहाल से गार्ड या सुरक्षा कर्मी तैनात होना चाहिए।
संदीप श्रीवास्तव, रामनगर।
मैं हर रोज कालाढूंगी से हल्द्वानी कॉलेज और कोचिंग आदि के लिए आती हूं। बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट नहीं है। कई बार बगल में ऐसे पुरुष बैठ जाते हैं जो जबरदस्ती बात करने का प्रयास करते हैं। इससे असहज महसूस होता है।
पूर्णिमा, कालाढूंगी।
बसें पुरानी हैं। स्टेशन भी अस्थाई है। पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। हम जेब से खर्च कर पानी की बोतल लेकर आने को मजबूर हैं। कई लोग गांव से आते हैं जिनके पास अतिरिक्त पैसा नहीं होता। पेयजल व्यवस्था होनी चाहिए।
अजीम, बेलपड़ाव।
स्टेशन पर शौचालय नहीं है। बुजुर्ग आदि के लिए बस में आरक्षित सीट नहीं हैं। महिलाओं के लिए भी बसों में आरक्षित सीट होनी चाहिए। स्टेशन पर हम शौचालय के लिए परेशान रहे। यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए।
मोहन सिंह, बेलपड़ाव।
पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बस स्टेशन पर खड़े रहकर हमने बस का इंतजार किया। यात्रियों के बैठने के लिए स्टेशन पर बेंच और टिन शेड होना चाहिए। स्टेशन में बुजुर्ग आदि के लिए बैठने की अच्छी व्यवस्थाएं की जा सकती हैं।
गंगा देवी, बेलपड़ाव।
हमें रामनगर जाना था। बोर्ड नहीं लगे होने के कारण हमें स्टेशन का पता नहीं चल सका। ऑटो वाले ने हमें इसी क्षेत्र के दो चक्कर लगवा दिए। सार्वजनिक वाहन से पहली बार जा रहे हैं। स्टेशन पर बोर्ड होना चाहिए।
अश्विन, रामनगर।
स्टेशन पर लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ प्याऊ और छाया के लिए इंतजाम होने चाहिए। बसों में भी खास व्यवस्था नहीं है। पुरानी बसों का संचालन हो रहा है। संचालक बसों को तेज रफ्तार से चलाते हैं। पेयजल की सुविधा नहीं है।
सुखदेव, रामनगर।
काशीपुर जा रही हूं। हमेशा यहां आना-जाना लगा रहता है। बसों में कोई खास व्यवस्था नहीं है। महिला आरक्षित सीट कहीं लिखा नहीं दिखता। ऐसे में कहीं भी मजबूरन बैठने को मजबूर होना पड़ता है। स्टेशन में भी यात्रियों के लिए सुविधाएं नहीं है।
कमला, काशीपुर।
बाजपुर आने जाने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए। पार्किंग और शौचालय के साथ पेयजल जैसी मुख्य व्यवस्थाएं होनी चाहिए, जिससे कि स्टेशन पर असुविधा का सामना नहीं करना पड़े।
प्रदीप, काशीपुर।
हम यात्रियों से किराया तो पूरा लिया जा रहा है, लेकिन शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है। महिला यात्रियों के लिए आरक्षित सीट की व्यवस्था नहीं है। बस में कहीं भी बुजुर्गों के लिए भी आरक्षित सीट नहीं है।
हर्षित, रामनगर।
बसों में पैनिक बटन जैसी व्यवस्था नहीं है। छोटे रूट पर चलने वाली बसों की व्यवस्था भी अच्छी बनाई जानी चाहिए। हम महिलाओं के लिए आरक्षित सीट नहीं नजर आ रही है। ऐसे में कहीं भी बैठने को मजबूर होना पड़ रहा है।
विमला पांडे, रामनगर।
स्टेशन पर शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा बस का इंतजार करने के लिए धूप में खड़े होना पड़ रहा है। हमें परेशानी हो रही है। स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के इंतजाम होने ही चाहिए। शौचालय और पेयजल जैसी व्यवस्था भी नहीं नजर आई।
भास्कर, रामनगर।
यात्रियों के लिए सुविधा नहीं है। स्टेशन पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। सड़क से बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में हम यात्री भी सड़क पर खड़े होने को मजबूर हैं। हर दिन डेढ़ से दो हजार लोग यात्रा करते होंगे, उसे हिसाब से व्यवस्थाएं नहीं है।
सुरेंद्र सिंह, रामनगर।
जब हम किराया पूरा दे रहे हैं तो व्यवस्थाएं पूरी क्यों नहीं मिलतीं। किसी काम से कालाढूंगी तक जा रहा हूं। पेयजल के लिए प्याऊ की व्यवस्था की जा सकती है। बस स्टेशन में शौचालय होना अनिवार्य होना चाहिए।
रमेश चंद्र पांडे, हल्द्वानी
पढ़ाई कर रही हूं। हर दिन मुझे हल्द्वानी आना होता है। बस में हमारी सुरक्षा के लिए ना तो कहीं पैनिक बटन नजर आ रहा है और आरक्षित सीट। रामनगर से यहां पहुंचने में दो घंटे का समय लगता है। स्टेशन पर तो पेयजल की व्यवस्था नहीं है।
प्रेरणा, रामनगर।
तबीयत खराब होने पर हम अस्पताल आये थे। बस में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट नहीं है। स्टेशन पर प्याऊ नहीं लगाया गया है। व्यवस्थाएं नहीं होने से हम परेशान हो रहे हैं। हमारी मांग है कि स्टेशन में पीने के पानी की व्यवस्था की जाए।
गीता त्रिपाठी, रामनगर।
रामनगर जा रहे हैं। स्टेशन पर कोई व्यवस्था नहीं है। बैठने के लिए टिन शेड होना चाहिए। हम बुजुर्गों के लिए बसों में आरक्षित सीट नहीं है। ऐसी परेशानी हम रोज झेलते हैं। पेयजल के लिए दुकानें ढूंढनी पड़ी हैं।
नन्दन सिंह, रामनगर।
बोले जिम्मेदार
स्टेशन में पेयजल की व्यवस्था पहले थी अब नहीं है। शौचालय भी हमें नहीं मिला है। स्टेशन का संचालन अस्थाई स्थान पर कर रहे हैं, इसलिए निर्माण नहीं कराया जा सका है। हमारी ओर से लिखित प्रस्ताव दिए गए हैं। इन पर काम होना है।
मोहन चन्द्र जोशी, स्टेशन इंचार्ज, बाजपुर बस अड्डा, कालाढूंगी रोड।
शहर में सार्वजनिक स्थल पर पेयजल और शौचालय आदि की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी निगम की है। इसके लिए निगम के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। वहीं बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट नहीं होने की परिवहन विभाग की ओर से जांच कराई जाएगी।
एपी वाजपेई, सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी।
अस्थाई स्टेशन से संचालन और यात्रियों को होने वाली दिक्कतों को लेकर जांच कराई जाएगी। स्थाई स्टेशन बनाए जाने तक यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही मौके पर निरीक्षण करने की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुदेव सिंह, आरटीओ प्रर्वतन, हल्द्वानी।
