

रुद्रपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शहर के महाराजा अग्रसेन चौक पर आयोजित सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस सामाजिक चेतना का प्रतीक भी था जिसमें नारी शक्ति के योगदान को स्वीकार करने और उन्हें सम्मान देने का संदेश निहित है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
समाज की प्रगति, संस्कारों की परंपरा और परिवार की नींव को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका सदैव केंद्रीय रही है।
कार्यक्रम में समाजसेवी एवं सक्रिय महिलाओं को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि मातृशक्ति का सम्मान केवल शब्दों में नहीं बल्कि व्यवहार और सामाजिक संरचना में भी दिखाई देना चाहिए। कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा जिला मंत्री एडवोकेट प्रमोद मित्तल ने किया, जबकि संस्कार भारती रुद्रपुर के अध्यक्ष कुशल अग्रवाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता इस आयोजन में उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह में श्रीमती अंजली नागपाल, श्रीमती अर्चना राय, श्रीमती अरुणा बंसल, श्रीमती अनुराधा जैन, श्रीमती आस्था अग्रवाल, श्रीमती आक्षी अग्रवाल, श्रीमती उषा अग्रवाल, श्रीमती दीपिका मित्तल, श्रीमती नेहा बंसल, श्रीमती नेहा मित्तल, श्रीमती पूजा मित्तल, श्रीमती प्रीति अग्रवाल, श्रीमती प्रीति धीर, श्रीमती रजनी रावत, श्रीमती सपना मित्तल, श्रीमती साधना शर्मा, श्रीमती सुषमा अग्रवाल, श्रीमती स्वाति शर्मा और श्रीमती मोहिता अग्रवाल सहित कई महिलाओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं बल्कि समाज की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों की वाहक भी होती है। आज जब समाज तेजी से बदल रहा है, तब महिलाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। शिक्षा, सामाजिक सेवा, राजनीति, प्रशासन और व्यापार जैसे हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं।
वास्तव में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं होना चाहिए। यह वह अवसर है जब समाज को आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या महिलाओं को वास्तव में वह सम्मान, सुरक्षा और अवसर मिल रहे हैं जिसके वे अधिकार रखती हैं। यदि समाज महिलाओं को समान अवसर देता है तो वह स्वयं भी अधिक मजबूत और समृद्ध बनता है।
रुद्रपुर में आयोजित यह सम्मान समारोह इसी सकारात्मक सोच का प्रतीक है। मातृशक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का यह प्रयास समाज में जागरूकता और सम्मान की भावना को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।




