
दुर्घटना के समय आरोपित अपने 12 साल के भांजे को रेस्तरां में डिनर कराकर लौट रहा था।


प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
जांच में पुलिस को पता चला कि स्कूटी पर सवार दो लोगों को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई और राहगीरों को कुचल दिया। दुर्घटना में चार श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के अनुसार कार आरोपित के राजपुर रोड जाखन के निवासी बहनोई की है। आरोपित युवक मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है।
- एसएसपी अजय सिंह ने आरोपित कार चालक का नाम वंश कत्याल (22 वर्ष) निवासी बुद्ध बाजार दुर्गा मंदिर वाली गली निकट पुलिस थाना मुरादाबाद बताया।
- एसएसपी ने बताया कि दुर्घटना के बाद आरोपित ने भांजे व कार को बहनाेई के घर छोड़ा और खुद आइएसबीटी पहुंचकर दिल्ली भागने की फिराक में था। इसी बीच उसे पकड़ लिया गया।
- बता दें कि, राजपुर रोड पर साईं मंदिर के पास बुधवार देर रात एक बेकाबू कार चालक ने पैदल चल रहे चार श्रमिकों को कुचलने के बाद दो स्कूटी चालकों को टक्कर मार दी थी।
- इस मामले में मृतक श्रमिक मंशाराम के चाचा संजय कुमार की तहरीर पर आरोपित के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या, दूसरों की जान खतरे में डालना, लापरवाही से वाहन चलाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं के तहत राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपित चालक।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ में आया आरोपित
- 5- दुर्घटना के बाद पुलिस ने राजपुर मार्ग के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस दौरान परिवहन विभाग की ओर से लगाए गए एक एएनपीआर कैमरे की भी जांच की गई। राहगीरों ने बताया था कि जिस कार से दुर्घटना हुई वह सिल्वर ग्रे कलर की मर्सिडीज थी।
- 6- एएनपीआर कैमरे में 11 मर्सिडीज कार वहां से गुजरने की जानकारी मिली। इनमें से एक कार (सीएच-01-0665) सिल्वर ग्रे की फ्रंट की बायीं साइड क्षतिग्रस्त दिखी।
- 7-पुलिस ने कार के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह चंडीगढ़ के हरबीर आटोमोबाइल एजेंसी के नाम पर पंजीकृत हैं। रात में ही एक टीम तत्काल चंडीगढ़ भेजी गई।
- 8-वहां से पता चला कि हरबीर आटोमोबाइल ने जून-2023 में दिल्ली स्थित डीलर विन्नी आटोहब को कार बेची थी।
- 9-इसके बाद टीम दिल्ली विन्नी आटोहब पहुंची तो वहां पता चला कि उन्होंने वाहन जतिन प्रसाद वर्मा को बेचा था। जांच में पता चला कि जतिन वर्मा ने उसे अपने नाम पर ट्रांसफर नहीं कराया था।
- 10-वाहन स्वामी जतिन वर्मा के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह देहरादून के जाखन में रहते हैं। एक टीम जतिन के घर पहुंची तो उन्होंने बताया कि शाम को उनका साला वंश लेकर गया था। इसके बाद पुलिस आरोपित तक पहुंच गई।
भांजे को घुमाने के लिए गया था राजपुर रोड
पुलिस की पूछताछ में आरोपित वंश कत्याल ने बताया कि वह बीबीए करने के बाद दिल्ली में नौकरी करता था। दो माह पूर्व उसने नौकरी छोड़ दी और दूसरे काम की तलाश में करीब डेढ़ माह पूर्व देहरादून आ गया। मौजूदा समय में वह वाडिया इंस्टीट्यूट के निकट मोहित विहार में कमरा लेकर रह रहा है।
बुधवार शाम अपने भांजे के साथ वह जीजा की मर्सिडीज कार लेकर राजपुर रोड स्थित कारीगरी रेस्टाेरेंट गया था। देर रात वापस आते हुए भांजे ने एक चक्कर घुमाने की जिद की। वह ओल्ड मसूरी रोड की तरफ चले गए। लौटते समय साईं मंदिर के पास दो स्कूटी सवार अचानक सामने आ गए और टक्कर लग गई।
वंश के अनुसार तभी कार अनियंत्रित होकर पैदल जा रहे चार लोगों पर चढ़ गई। उसने बताया कि छोटा बच्चा साथ में होने के कारण वह घबरा गया व कार लेकर भाग निकला।
