देहरादून के राजपुर क्षेत्र में चल रहे एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कॉल सेंटर से विदेश में बैठे लोगों के कंप्यूटर में पहले वायरस भेजा जाता था, इसके बाद उसे ठीक करने के नाम पर रकम वसूली जा रही थी।

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पुलिस ने 36 लैपटॉप समेत अन्य सामान भी बरामद किया है। बता दें कि बीते ढाई साल में पुलिस और एसटीएफ देहरादून में छह कॉल सेंटर पकड़ चुकी है।

हिंदुस्तान Global Times/। प्रिंट मीडिया: शैल Global Times /Avtar Singh Bisht ,रुद्रपुर, उत्तराखंड

एसओ राजपुर पीडी भट्ट ने बताया कि सूचना मिली थी कि दून विहार गली नंबर तीन में एक जिम के ऊपर अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। इसके बाद सीओ मसूरी के साथ जाकर वहां छापा मारा गया। देखा कि बड़े हॉल में कुछ युवक और युवतियां हेड फोन लगाकर बात कर रहे थे। इस हॉल के बाहर टेकिनियो बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड लिखा हुआ था।

युवक-युवतियां खुद को एक सॉफ्टवेयर कंपनी का प्रतिनिधि बता रहे थे। पूछताछ में युवक-युवतियों ने बताया कि वे सार्थक, शाहरुख, खुशनूर व करुणेश उर्फ करन के लिए काम करते हैं। इनमें से करुणेश विदेश में रहता है। वे सभी विदेश में बैठे लोगों के कंप्यूटर में एक वायरस भेजते हैं।

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इससे जब कुछ देर के लिए कंप्यूटर काम करना बंद कर देता है तो उन्हें कॉल किया जाता है। इसे दूर करने के लिए आरोपी उनसे गिफ्ट कार्ड आदि का विवरण लेकर इनसे पैसे निकाल लेते हैं। इसके बाद उनके कंप्यूटर को ठीक कर उनका नंबर ब्लॉक कर देते हैं। ताकि, विदेशी लोग इन्हें दोबारा फोन न कर सकें।

मौके से सार्थक निवासी बलवल जम्मू हाल निवासी कैनाल रोड, खुशनूर निवासी संगम विहार नई दिल्ली और शाहरुख निवासी केदारवाला सहसपुर को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 36 लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, लैपटॉप चार्जर, माउस, हेडफोन और अन्य सामान बरामद किया गया है।


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