

राज्य आंदोलनकारियों ने प्रेम सिंह बिष्ट जी को दी श्रद्धांजलि, भावुक हुआ माहौल

काठगोदाम, नैनीताल। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी श्री आनंद सिंह बिष्ट के पिताजी श्री प्रेम सिंह बिष्ट जी के निधन पर आज 28 मार्च की सुबह 8:00 बजे, बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, परिजन और स्थानीय लोग रानीबाग चित्रशाला घाट पहुंचे। घाट पर श्रद्धांजलि देने का दृश्य बेहद भावुक था, जहां हर आंख नम थी और दिलों में शोक का सागर उमड़ पड़ा।
प्रेम सिंह बिष्ट जी का उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्षों से गहरा नाता था। उन्होंने न केवल अपने पुत्र आनंद सिंह बिष्ट को आंदोलन की प्रेरणा दी, बल्कि स्वयं भी उत्तराखंड की सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भावुक हुआ अंतिम विदाई का माहौल
जब प्रेम सिंह बिष्ट जी की पार्थिव देह चित्रशाला घाट पहुंची, तो हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई। राज्य आंदोलनकारी हाथों में पुष्प और श्रद्धांजलि संदेश लिए वहां मौजूद थे। अंतिम संस्कार के समय हर कोई गहरी भावनाओं में डूबा नजर आया।
राज्य आंदोलनकारी भगवान सिंह रावत, दीपक जोशी, हरेंद्र सिंह बिष्ट, राजेंद्र प्रसाद, गोविंद राम टम्टा, गिरीश पंत, मोहन भट्ट सहित अन्य कई वरिष्ठ आंदोलनकारी इस अवसर पर मौजूद रहे और उन्होंने प्रेम सिंह बिष्ट जी के संघर्षों को नमन किया।
शब्दों से छलका सम्मान और पीड़ा
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने प्रेम सिंह बिष्ट जी को याद करते हुए कहा—
“उन्होंने उत्तराखंड राज्य के लिए संघर्ष करने वालों का हमेशा मार्गदर्शन किया। उनका योगदान और उनकी प्रेरणा हम सभी आंदोलनकारियों के लिए अमूल्य धरोहर है।”
आनंद सिंह बिष्ट अपने पिता को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा—
“पिताजी मेरे सबसे बड़े प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने हमेशा मुझे समाज सेवा और राज्य हित के लिए काम करने की सीख दी। उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ रहेगा।”
संघर्षों की विरासत छोड़ गए प्रेम सिंह बिष्ट जी
प्रेम सिंह बिष्ट जी का जीवन सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं बल्कि एक विचारधारा की पहचान था। वे उत्तराखंड की माटी से गहराई से जुड़े रहे और संघर्षशील जीवन व्यतीत किया।
उनकी अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोगों ने एक सुर में कहा कि उनकी स्मृतियां, उनके विचार और उनके आदर्श हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उत्तराखंड राज्य आंदोलन का प्रत्येक सिपाही उनके योगदान को याद रखेगा और उनके दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा।
अलविदा प्रेम सिंह बिष्ट जी, आपकी स्मृतियां अमर रहेंगी।
. संयुक्त उत्तराखंड राज्य आंदोलन कारी संघर्ष मोर्चा




