उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी यानी मंगलवार से शुरू होने जा रहा है. इसे लेकर राज्य सरकार और भाजपा संगठन की तैयारियां तेज हो गई हैं. संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने जानकारी दी कि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह के अभिभाषण के बाद भाजपा विधानमंडल दल की बैठक आयोजित होगी.

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इस बैठक में सदन के संचालन और आगामी बजट सत्र से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी.

प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)

संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि विधानमंडल दल की बैठक के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री सहित सभी विधायक बैठक में शामिल होंगे. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विधानसभा के बजट सत्र को सुचारू रूप से चलाने और सरकार की नीतियों को प्रभावी तरीके से सदन में प्रस्तुत करने पर मंथन करना होगा. इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से बजट सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं और कार्यसूची को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी. सदन में विपक्ष की ओर से उठाए जा सकने वाले मुद्दों पर चर्चा होगी और उनके जवाब की रणनीति तैयार की जाएगी. सरकार की योजनाओं, नीतियों और प्रस्तावित बजट पर विस्तार से चर्चा होगी. सरकार किन-किन विधेयकों को इस सत्र में पेश करेगी, इस पर भी निर्णय लिया जाएगा.

बैठक में सभी विधायकों से मौजूद रहने की अपील
प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि सभी विधायकों से अनुरोध किया गया है कि वे विधानमंडल दल की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें. उन्होंने कहा, “यह बैठक विधानसभा के आगामी बजट सत्र को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है. सभी विधायकों से निवेदन किया गया है कि वे इसमें शामिल हों ताकि सरकार की नीतियों और योजनाओं पर एकमत होकर सदन में चर्चा की जा सके. राज्य सरकार इस बजट सत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और नीतियों को प्रस्तुत कर सकती है. इस बार बजट में विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है. इसके अलावा, राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए नए वित्तीय प्रावधान किए जाने की भी उम्मीद है.

उत्तराखंड में अगले कुछ वर्षों में होने वाले चुनावों को देखते हुए यह बजट सत्र भाजपा के लिए काफी अहम माना जा रहा है. सरकार चाहती है कि बजट सत्र के दौरान ऐसे फैसले लिए जाएं, जिससे जनता को राहत मिले और पार्टी की लोकप्रियता बढ़े. इसलिए इस बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि सरकार की योजनाओं को किस तरह से प्रभावी तरीके से सदन में प्रस्तुत किया जाए.

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