
भावनात्मक संपादकीय लेख का प्रारूप जो आपके विचारों को सम्मानपूर्वक लेकिन सशक्त ढंग से प्रस्तुत eहै।रुद्रपुर के सुलभ शौचालय की दुर्दशा – क्या ये है उत्तराखंड के प्रवेश द्वार की पहचान?
प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
रुद्रपुर – उत्तराखंड का प्रवेश द्वार, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र, जहां रोज़ाना हज़ारों लोग शॉपिंग, कामकाज और स्कूल-कॉलेज के लिए आते-जाते हैं। लेकिन इसी शहर के हृदयस्थल में एक ऐसी तस्वीर मौजूद है, जो रुद्रपुरवासियों के आत्मगौरव को झकझोरने के लिए काफी है – सुलभ शौचालय की दुर्दशा।
सुबह से लेकर देर रात तक यहां महिलाओं की लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। स्कूली बच्चे, बुज़ुर्ग, और आम राहगीर इस असुविधा का रोज़ाना सामना करते हैं। यह शौचालय किसी एक गली या कोने में नहीं, बल्कि सबसे व्यस्ततम मुख्य बाज़ार के बीचोंबीच स्थित है – जहां रुद्रपुर ही नहीं, पूरे उत्तराखंड से लोग खरीदारी करने आते हैं।
यह शर्म की बात है कि इतने वर्षों में न नगर निगम, न नव-निर्वाचित मेयर और न ही किसी व्यापारिक या सामाजिक संगठन ने इस समस्या को गंभीरता से लिया। उद्योग व्यापार मंडल, देवभूमि व्यापार मंडल, और अन्य कई संगठन जो हर आयोजन में मंच पर सम्मानित होने को उत्सुक रहते हैं, उन्होंने इस मुद्दे पर कभी संज्ञान लेना ज़रूरी नहीं समझा।
क्या रुद्रपुर के व्यापारियों का आपसी सहयोग इतना कमजोर है कि एक आधुनिक और साफ-सुथरे शौचालय का निर्माण नहीं कर सकते? सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले समाजसेवियों की आंखें इस दृश्य को देखकर क्यों नहीं नम होतीं?
चुनावी वादों में रुद्रपुर के मेयर श्री विकास शर्मा ने महिलाओं के लिए एक हाईटेक शौचालय बनाने की बात कही थी – अब वक्त है उस वादे को निभाने का। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वच्छ भारत और हर घर शौचालय की बात करते हैं, लेकिन जब उत्तराखंड के सबसे आधुनिक बाजार की यह हालत है, तो सोचिए ग्रामीण इलाकों की स्थिति क्या होगी।
हम निवेदन करते हैं कि मेयर विकास शर्मा और नगर निगम तत्काल संज्ञान लें और इस सुलभ शौचालय की स्थिति में सुधार लाएं। साथ ही, व्यापार मंडल और सामाजिक संगठनों से भी अपील है कि अब मंच पर सम्मान से ज़्यादा ज़रूरी है – शहर के सम्मान की रक्षा।
रुद्रपुरवासी जब भी बाजार जाएं, इस शौचालय की स्थिति को देखें और महसूस करें – क्या हम इस शहर के जिम्मेदार नागरिक हैं?
