
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये देश कोई धर्मशाला नहीं है कि जो जब चाहे, जिस उद्देश्य से चाहे रहे.


इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 के प्रावधान
प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
- भारत में आने के लिए वैध पासपोर्ट, वैध वीजा अनिवार्य.
- जाली दस्तावेजों के लिए कड़ी सजा.
- वीजा की अवधि खत्म होने पर भी देश में रहने वालों को ट्रैक किया जाएगा.
‘देश की सुरक्षा के लिए जरूरी’
इन सब प्रावधानों पर लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “देश के कई मुद्दे इस बिल के साथ जुड़े हुए हैं. मैं इस सदन को आश्वासन देता हूं कि इसके माध्यम से भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों का लेखा-जोखा रखने का काम होगा और इसके माध्यम से देश का विकास भी सुनिश्चित होगा.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “देश की सुरक्षा, देश की इकोनॉमी को मजबूत करने के लिए, मैन्युफेक्चरिंग और व्यापार, फिर से एक बार देश की शिक्षा प्रणाली को दुनिया में स्वीकृति देने के लिए, हमारी यूनिवर्सिटियों को वैश्विक बनाने का रास्ता प्रशस्त करने के लिए और इस देश को दुनिया में 2047 में सर्वोच्च बनाने के लिए ये बहुत जरूरी बिल है.”
गृह मंत्री ने किया सीएए का जिक्र
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “भारत के शरणार्थियों के प्रति एक इतिहास रहा है कि पर्सिया से आक्रांताओं ने भागा दिया और पारसी दुनिया में कहीं नहीं गए, भारत में आए और आज भी सुरक्षित हैं. दुनिया की सबसे माइक्रो माइनोरिटी अगर विश्व में कहीं सम्मान से रहती है तो वो भारत देश में रहती है. अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कालखंड में भी आसपास के देशों से छह प्रताड़ित समुदायों के नागरिकों को भी सीएए के तहत शरण देने का काम बीजेपी ने किया.
रोहिंग्या-बांग्लादेशी को दी चेतावनी
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “10 साल में हमारी इकोनॉमी 11वें नंबर से 5वें नंबर पर पहुंच गई है. पूरी दुनिया की इकोनॉमी लिस्ट में भारत एक ब्राइट स्पॉट बनकर उभरा है. भारत मैन्युफेक्चरिंग का हब बनने जा रहा है. ऐसे में हमारे यहां विश्वभर से लोगों का आना बड़ा स्वाभाविक है.” लोकसभा में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 ध्वनिमत से पास कर दिया गया.
गृह मंत्री बोले, “हमारे इमीग्रेशन का स्केल और साइज दोनों बहुत बड़ा है. इसके साथ-साथ शरण लेने की जगह अपने निहित स्वार्थ और देश को असुरक्षित करने वालों की संख्या भी बढ़ी है. ऐसे में जो लोग भारत की व्यवस्था में कंट्रिब्यूट करने के लिए आते हैं, व्यापार और शिक्षा के लिए आते हैं, ऐसे सभी लोगों का स्वागत है, लेकिन चाहे रोहिंग्या हो या बांग्लादेशी हो… अगर यहां अशांति फैलाने के लिए आते हैं तो ऐसे लोगों के साथ बड़ी कठोरता के साथ उनके साथ व्यवहार होगा.”
