



इंटरमीडिएट मेंपीयूष कोहलिया और कंचन जोशी दोनों ने टाॅप किया है. दोनों ने 500 में से 488 अंक हासिल किए हैं. उनका स्कोर 97.60 प्रतिशत है.


बोर्ड के सभापति महावीर सिंह बिष्ट ने उत्तराखंड बोर्ड का हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम सुबह साढ़े 11 बजे घोषित किया। हाईस्कूल में उत्तीर्ण प्रतिशत 89.14% रहा। इसमें 85.59 फीसदी छात्र और 92.54 फीसदी छात्राएं उत्तीर्ण हुए हैं। जबकि इंटरमीडिएट में कुल 82.63 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें 78.97 फीसदी छात्र और 85. 96 फीसदी छात्राएं पास हुई हैं।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स / प्रिंट मीडिया : शैल ग्लोबल टाइम्स/ संपादक ;अवतार सिंह बिष्ट ,रूद्रपुर उत्तराखंड
ये हैं 10वीं के टॉप थ्री छात्र-छात्राएं
- पिथौरागढ़ की प्रियांशी रावत ने हाईस्कूल की परीक्षा में प्रदेश में टॉप किया।
- रुद्रप्रयाग के शिवम मलेठा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- पौड़ी गढ़वाल की आयुष ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
ये हैं 12वीं के टॉप थ्री छात्र-छात्राएं
- अल्मोड़ा के पीयूष खोलिया और एचजीएसएसवीएमआईसी कुसुमखेड़ा हल्द्वानी की छात्रा कंचन जोशी ने पहला स्थान प्राप्त किया।
- दूसरे स्थान पर रुद्रप्रयाग के अंशुल नेगी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
- ऋषिकेश के हरीश चंद्र बिजल्वाण ने तीसरा स्थान पाया।
परीक्षा में इतने छात्र हुए थे शामिल
इस बार हाईस्कूल में संस्थागत और व्यक्तिगत एक लाख, 16 हजार, 379 परीक्षार्थी और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 94 हजार, 768 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। कुल दो लाख 11 हजार 147 परीक्षार्थियों को परीक्षाफल जारी हुआ। मूल्यांकन कार्य 27 मार्च से 10 अप्रैल के बीच किया गया।
छात्र ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर श्रेष्ठ सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। वहीं, इंटरमीडिएट में विवेकानंद इंटर कॉलेज रानीधाम रोड अल्मोड़ा के पीयूष खोलिया व एचजीएसएसवीएमआईसी कुसुमखेड़ा हल्द्वानी की छात्रा कंचन जोशी ने 500 में से 488 अंक प्राप्त कर श्रेष्ठ सूची में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने मोबाइल पर स्टेटस और मैसेज के जरिए ये बात सार्वजनिक की। पूरे परिवार को इस बात की खुशी है कि बेटी ने पूरा उत्तराखंड टॉप किया है। प्रियांशी रावत पिथौरागढ़ के दूरस्थ क्षेत्र बेरीनाग से आती हैं। इनके पिता आर्मी से रिटायर हैं और अपना व्यवसाय करते हैं।
प्रियांशी की माता प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। प्रियांशी ने बताया कि वे ज्वाइंट फैमिली में रहती हैं और उनके चाचा, चाची और सभी भाई बहन एक साथ एक ही परिवार की तरह रहते हैं। प्रियांशी का छोटा भाई 8वीं में पढ़ रहा है। इसके साथ ही उनके चचेरे भाई बहन भी साथ रहते हैं।
प्रियांशी का कहना है कि उन्होंने पढ़ाई को कभी प्रेशर की तरह नहीं लिया। हर सब्जेक्ट और हर टॉपिक को वह सामान्य तरह से लेकर बराबर समय देती रही हैं। दिव्यांशी अब पीसीएम से इंटर की पढ़ाई कर इंटर में भी टॉपर आना चाहती हैं। साथ ही वह एयरफोर्स में नौकरी करने की इच्छा रखती हैं।

